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बुढ़ापा पेंशन काटकर बुजुर्गों से सहारा छीना : कैप्टन अजय
Fri, 23 Jan 2026 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:55 PM IST
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कार्यक्रम में पहुंचने पर पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव का स्वागत करते लोग। स्रोत : प्रवक्ता
- फोटो : सांकेतिक
रेवाड़ी। हरियाणा सरकार फैमिली आईडी में मनमाने ढंग से परिवारों की आय बढ़ाकर पात्र बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन काट रही है। ये बातें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने शुक्रवार को रेवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में बुजुर्गों की वास्तविक आय कम है लेकिन सरकारी पोर्टलों पर कभी मेरी फसल-मेरा ब्योरा में दर्ज फसल की अनुमानित कीमत जोड़ दी जाती है तो कभी बिना किसी ठोस सत्यापन के अन्य आय दर्शा दी जाती है।
किसान ने फसल बेची भी नहीं होती, फिर भी उसे आय मानकर पेंशन बंद कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि आय से जुड़ा डेटा सरकार खुद पोर्टल पर दर्ज कर रही है तो फिर उसकी सजा बुजुर्गों को क्यों दी जा रही है। यह तकनीकी गलती नहीं बल्कि गरीब, बुजुर्ग और किसानों के साथ सीधा अन्याय है।
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उन्होंने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं से 2100 प्रति माह देने का वादा किया गया था लेकिन आज या तो पूरी राशि नहीं दी जा रही या फिर जटिल शर्तों के नाम पर महिलाओं को योजना से वंचित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में साफ फर्क है। सरकार जनता को केवल आकड़ों और दावों में उलझा रही है।उन्होंने सरकार से गलत तरीके से काटी गई सभी बुढ़ापा पेंशन को बहाल करने, फैमिली आईडी में आय जोड़ने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 की पूरी राशि बिना शर्त देने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि कई मामलों में बुजुर्गों की वास्तविक आय कम है लेकिन सरकारी पोर्टलों पर कभी मेरी फसल-मेरा ब्योरा में दर्ज फसल की अनुमानित कीमत जोड़ दी जाती है तो कभी बिना किसी ठोस सत्यापन के अन्य आय दर्शा दी जाती है।
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किसान ने फसल बेची भी नहीं होती, फिर भी उसे आय मानकर पेंशन बंद कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि आय से जुड़ा डेटा सरकार खुद पोर्टल पर दर्ज कर रही है तो फिर उसकी सजा बुजुर्गों को क्यों दी जा रही है। यह तकनीकी गलती नहीं बल्कि गरीब, बुजुर्ग और किसानों के साथ सीधा अन्याय है।
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उन्होंने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं से 2100 प्रति माह देने का वादा किया गया था लेकिन आज या तो पूरी राशि नहीं दी जा रही या फिर जटिल शर्तों के नाम पर महिलाओं को योजना से वंचित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में साफ फर्क है। सरकार जनता को केवल आकड़ों और दावों में उलझा रही है।उन्होंने सरकार से गलत तरीके से काटी गई सभी बुढ़ापा पेंशन को बहाल करने, फैमिली आईडी में आय जोड़ने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 की पूरी राशि बिना शर्त देने की मांग की।