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Rewari News: स्कूलों का निरीक्षण कर बच्चों का बौद्धिक स्तर जांचेंगे अधिकारी
Mon, 12 May 2025 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 12 May 2025 12:27 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब शिक्षा अधिकारी प्रत्येक माह माह विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे अध्यापकों को पढ़ाने के तरीके और बच्चों के बौद्धिक स्तर की जांच करेंगे।
प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने वाले शिक्षा अधिकारी को जांच की रिपोर्ट निपुण मिशन के मेंटर व मॉनिटर एप पर अपलोड करेेंगे। निरीक्षक को यह रिपोर्ट विद्यालय के रजिस्टर में भी दर्ज करनी होगी। इसके लिए शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है।
अधिकारियों को हर महीने विद्यालयों के निरीक्षण का लक्ष्य दिया गया है। विद्यालय पहुंचते ही निरीक्षक को एप पर सेल्फी लेनी होगी। यह एप बिना जीपीएस आन किए शुरू नहीं होगा। जब तक निरीक्षक विद्यालय में उपस्थित नहीं होंगे, तब तक यह एप काम नहीं करेगा।
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निरीक्षण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, डायट सुपरविजन टीम, जिला परियोजना समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, एफएलएन समन्वयक व प्राचार्यों की ड्यूटी लगाई गई है।
निरीक्षण में अध्यापकों की अध्यापन शैली, बच्चों की पठन शैली, पढ़ने की गति, कक्षा के वातावरण व सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा। निरीक्षक को एक कक्षा में 90 मिनट निरीक्षण करना होगा। वह कक्षा में देखेंगे कि शिक्षक बच्चों को कैसे पढ़ा रहे हैं।
तीन स्कूलों और छह कक्षाओं का निरीक्षण करना जरूरी
जिला शिक्षा अधिकारी को हर महीने 3 विद्यालयों और छह कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को 4 विद्यालय और 8 कक्षाएं, जिला परियोजना अधिकारी को 4 विद्यालय और 8 कक्षाएं, डायट प्राचार्य को 4 विद्यालय और 8 कक्षाओं के निरीक्षण करने होंगे। उप जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी को 4-4 विद्यालय और 8-8 कक्षाओं का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। एफएलएन समन्वयक 6 विद्यालय और 12 कक्षाओं का निरीक्षण करेंगे। सीआरसी प्रमुख को 5 विद्यालय और 10 कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा। इसी प्रकार जिला सुपरविजन टीम 60 विद्यालय और 100 कक्षाओं का निरीक्षण करेगी।
वर्जन
शिक्षा अधिकारी प्रत्येक माह जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। उन्हें विद्यालय पहुंचते ही एप पर सेल्फी लेनी होगी। यह एप बिना जीपीएस ऑन किए शुरू नहीं होगा। निरीक्षण की रिपोर्ट निपुण मिशन के मेंटर व मॉनिटर एप पर अपलोड करनी होगी। -चरण सिंह, एफएलएनएल अधिकारी रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब शिक्षा अधिकारी प्रत्येक माह माह विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे अध्यापकों को पढ़ाने के तरीके और बच्चों के बौद्धिक स्तर की जांच करेंगे।
प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण करने वाले शिक्षा अधिकारी को जांच की रिपोर्ट निपुण मिशन के मेंटर व मॉनिटर एप पर अपलोड करेेंगे। निरीक्षक को यह रिपोर्ट विद्यालय के रजिस्टर में भी दर्ज करनी होगी। इसके लिए शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है।
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अधिकारियों को हर महीने विद्यालयों के निरीक्षण का लक्ष्य दिया गया है। विद्यालय पहुंचते ही निरीक्षक को एप पर सेल्फी लेनी होगी। यह एप बिना जीपीएस आन किए शुरू नहीं होगा। जब तक निरीक्षक विद्यालय में उपस्थित नहीं होंगे, तब तक यह एप काम नहीं करेगा।
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निरीक्षण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, डायट सुपरविजन टीम, जिला परियोजना समन्वयक, खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, एफएलएन समन्वयक व प्राचार्यों की ड्यूटी लगाई गई है।
निरीक्षण में अध्यापकों की अध्यापन शैली, बच्चों की पठन शैली, पढ़ने की गति, कक्षा के वातावरण व सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा। निरीक्षक को एक कक्षा में 90 मिनट निरीक्षण करना होगा। वह कक्षा में देखेंगे कि शिक्षक बच्चों को कैसे पढ़ा रहे हैं।
तीन स्कूलों और छह कक्षाओं का निरीक्षण करना जरूरी
जिला शिक्षा अधिकारी को हर महीने 3 विद्यालयों और छह कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को 4 विद्यालय और 8 कक्षाएं, जिला परियोजना अधिकारी को 4 विद्यालय और 8 कक्षाएं, डायट प्राचार्य को 4 विद्यालय और 8 कक्षाओं के निरीक्षण करने होंगे। उप जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी को 4-4 विद्यालय और 8-8 कक्षाओं का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। एफएलएन समन्वयक 6 विद्यालय और 12 कक्षाओं का निरीक्षण करेंगे। सीआरसी प्रमुख को 5 विद्यालय और 10 कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा। इसी प्रकार जिला सुपरविजन टीम 60 विद्यालय और 100 कक्षाओं का निरीक्षण करेगी।
वर्जन
शिक्षा अधिकारी प्रत्येक माह जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। उन्हें विद्यालय पहुंचते ही एप पर सेल्फी लेनी होगी। यह एप बिना जीपीएस ऑन किए शुरू नहीं होगा। निरीक्षण की रिपोर्ट निपुण मिशन के मेंटर व मॉनिटर एप पर अपलोड करनी होगी। -चरण सिंह, एफएलएनएल अधिकारी रेवाड़ी।