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गजब! चपरासी के 11 पदों के लिए आए चार हजार आवेदन, इंटरव्यू देंगे ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट
Sat, 18 Jan 2020 11:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2020 11:52 AM IST
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बेरोजगारी का आलम देखिए। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर में 11 चपरासी के पदों के लिए करीब चार हजार आवेदन मिले हैं। वहीं 9 क्लर्क के पदों के लिए 1100 युवाओं ने आवेदन किया गया है। चपरासी के पदों पर आवेदन करने वालों में स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर कर चुके अभ्यर्थी भी शामिल हैं।
वर्ष 2013 में विवि बनने के एक साल बाद 2014 में आईजीयू की ओर से 17 क्लर्क की भर्ती की गई थी। इसके बाद विवि में लिपिकों के लिए कोई भर्ती नहीं हो पाई। बीते 6 साल में विवि में डीसी रेट पर युवाओं को नौकरी देकर ही काम चलाया जा रहा है। लिपिकों की कमी का असर यह हुआ कि परीक्षा रिजल्ट से लेकर अन्य कार्यों के लिए विवि में धरना-प्रदर्शन होते रहे हैं। अब विवि की ओर से कहा जा रहा है कि छंटनी का काम शरू हो चुका है, जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
125 लिपिक के लिए भेजी गई थी डिमांड, आवेदन महज 9 के लिए
इंदिरा गांधी विवि में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ करीब 150 कॉलेज विवि से जुड़े हुए हैं। गैर शैक्षणिक कार्यों के लिए सबसे ज्यादा जरूरत लिपिकों की होती है। लिपिकों की कमी पूरा करने के लिए विवि में 125 लिपिक की जरूरत है। विवि ने इन खाली पोस्ट पर महज 9 क्लर्क के लिए ही आवेदन मांगे गए हैं।
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पूरी पादर्शिता के साथ की जाएगी भर्ती : वीसी
वीसी प्रो. एसके गक्खड़ ने बताया कि जिस प्रकार के नियम व मानक इस भर्ती प्रक्रिया में अपनाए गए हैं, वे पूरी तरह से पारदर्शिता को दर्शाते हैं। इसमें छटनी के पश्चात केवल योग्य एवं सक्षम उम्मीदवार ही आगे आ पाएंगे। पारदर्शिता के साथ लिपिकों की भर्ती की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से विश्वविद्यालय के कार्यों में तेजी आएगी और कार्यों को सुचारु रूप से किया जा सकेगा।
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वर्ष 2013 में विवि बनने के एक साल बाद 2014 में आईजीयू की ओर से 17 क्लर्क की भर्ती की गई थी। इसके बाद विवि में लिपिकों के लिए कोई भर्ती नहीं हो पाई। बीते 6 साल में विवि में डीसी रेट पर युवाओं को नौकरी देकर ही काम चलाया जा रहा है। लिपिकों की कमी का असर यह हुआ कि परीक्षा रिजल्ट से लेकर अन्य कार्यों के लिए विवि में धरना-प्रदर्शन होते रहे हैं। अब विवि की ओर से कहा जा रहा है कि छंटनी का काम शरू हो चुका है, जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
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125 लिपिक के लिए भेजी गई थी डिमांड, आवेदन महज 9 के लिए
इंदिरा गांधी विवि में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ करीब 150 कॉलेज विवि से जुड़े हुए हैं। गैर शैक्षणिक कार्यों के लिए सबसे ज्यादा जरूरत लिपिकों की होती है। लिपिकों की कमी पूरा करने के लिए विवि में 125 लिपिक की जरूरत है। विवि ने इन खाली पोस्ट पर महज 9 क्लर्क के लिए ही आवेदन मांगे गए हैं।
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पूरी पादर्शिता के साथ की जाएगी भर्ती : वीसी
वीसी प्रो. एसके गक्खड़ ने बताया कि जिस प्रकार के नियम व मानक इस भर्ती प्रक्रिया में अपनाए गए हैं, वे पूरी तरह से पारदर्शिता को दर्शाते हैं। इसमें छटनी के पश्चात केवल योग्य एवं सक्षम उम्मीदवार ही आगे आ पाएंगे। पारदर्शिता के साथ लिपिकों की भर्ती की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से विश्वविद्यालय के कार्यों में तेजी आएगी और कार्यों को सुचारु रूप से किया जा सकेगा।