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Rewari News: अब रेवाड़ी शहर में एक दिन छोड़कर ही होगी पानी की सप्लाई, संभलकर करें इस्तेमाल
Sat, 25 Mar 2023 11:06 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 25 Mar 2023 11:06 PM IST
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जेएनएल नहर में रूका हुआ पानी।
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर में करीब तीन लाख की आबादी को फिर से पानी की समस्या के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से 27 मार्च यानी सोमवार को राशनिंग शुरू कर दी जाएगी। राशनिंग के तहत शहर के एक हिस्से को एक दिन और दूसरे हिस्से को दूसरे दिन पानी दिया जाएगा। यह सिलसिला 20 अप्रैल तक जारी रहेगा। शहर में पेयजल राशनिंग का सिलसिला तीन साल से चल रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग अब शहरवासियों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए लिसाना में एक और वाटर टैंक का निर्माण करवा रहा है।
बता दें कि नहरी पानी का शेड्यूल पहले 16-16 दिन का था। यानी 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। दो साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है। शहर में पेयजल सप्लाई पूरी तरह नहर के पानी पर निर्भर है। रेवाड़ी को 16 दिन तक नियमित पेयजल सप्लाई की जाती है। वहीं 24 दिन तक शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलता है। इस दौरान एक दिन शहर के एक हिस्से तथा दूसरे दिन शहर के दूसरे हिस्से में पेयजल सप्लाई की जाती है। अभी फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में लगभग 35 हजार कनेक्शन हैं।
जनसंख्या के हिसाब से नहीं स्टोरेज क्षमता
शहर की जनसंख्या के हिसाब से पानी को स्टोर करने की क्षमता नहीं बढ़ पाई है। गांव कालका में पांच वाटर टैंक हैं और लिसाना में दो वाटर टैंक हैं, जिनमें पानी स्टोर करके रखा जाता है। शहर में सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा कालका वाटर टैंक 10 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) और लिसाना में 18 एमएलडी पानी की स्टोरेज क्षमता है। विभाग के अनुुसार कालका और लिसाना वाटर टैंक में फिल्टर यूनिटों की मेनटेनेंस का कार्य जारी है। इसके अलावा शहर को और वाटर टैंक की आवश्यकता है। राशनिंग के दौरान बारिश ने शहर को पेयजल समस्या से निजात दिलाई थी। नहरी पानी का शेड्यूल कुछ ऐसा है कि शहर के लोगों को हर माह पेयजल राशनिंग का सामना करना पड़ता है।
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पेयजल व्यवस्था पूरी तरह नहर पर ही आधारित है। इससे पहले जेएलएन में पानी नहीं होने के कारण शहर में 8 फरवरी को जलापूर्ति बंद कर दी गई थी। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से राशनिंग 9 मार्च तक जारी रही। इसके बाद 25 मार्च को नहरी पानी आना बंद हुआ है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के पास अब इतनी स्टोरेज क्षमता नहीं है कि शहरवासियों को हर दिन पेयजल सप्लाई दी जा सके।
वाटर स्टोरेज टैंक की होगी 80 लाख गैलन की क्षमता
शहरवासियों को पानी पर्याप्त मिले इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी की स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए लिसाना में एक और वाटर टैंक का निर्माण किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लिसाना गांव में पहले भी दो वाटर टैंक बनाए हुए हैं। दोनों वाटर टैंक की क्षमता तीन करोड़ चालीस लाख गैलन पानी की है। अब शहर में पानी की पूर्ति के लिए 184 लाख रुपये के खर्च से एक नया वाटर टैंक बनाया जा रहा है, जिसकी क्षमता 80 लाख लीटर होगी। इस नए वाटर टैंक को भरने के लिए दो नए पंप भी लगाए जाएंगे। अब तीनों वाटर टैंक स्टोरेज में पानी को एकत्रित करके ही शहर में सप्लाई दी जाएगी। शहर में प्रतिदिन 22.32 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई की जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नया टैंक बनने से शहर में पानी की कमी नहीं रहेगी। वहीं इस टैंक की सप्लाई शहर के धारूहेड़ा चुंगी तक पाइप लाइन डालकर लाई जाएगी।
सोमवार को राशनिंग शुरू कर दी जाएगी। अब एक दिन छोड़ दूसरे दिन शहरवासियों को पानी दिया जाएगा। लोगों को पानी की समस्या न हो इसके लिए लिसाना में एक और वाटर टैंक बनाया जा रहा हैं। 18 अप्रैल को नहर में पानी आने का शेड्यूल है जिसके बाद 20 अप्रैल से फिर से शहरवासियों को पानी दिया जाएगा। इसके अलावा शहरवासी पानी को बचाएं रखें ताकि गर्मी के मौसम में आगे समस्या ज्यादा ना आए।
- दीपक यादव, जेई जनस्वास्थ्य विभाग।
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रेवाड़ी। शहर में करीब तीन लाख की आबादी को फिर से पानी की समस्या के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से 27 मार्च यानी सोमवार को राशनिंग शुरू कर दी जाएगी। राशनिंग के तहत शहर के एक हिस्से को एक दिन और दूसरे हिस्से को दूसरे दिन पानी दिया जाएगा। यह सिलसिला 20 अप्रैल तक जारी रहेगा। शहर में पेयजल राशनिंग का सिलसिला तीन साल से चल रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग अब शहरवासियों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए लिसाना में एक और वाटर टैंक का निर्माण करवा रहा है।
बता दें कि नहरी पानी का शेड्यूल पहले 16-16 दिन का था। यानी 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। दो साल से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन बंद रहता है। शहर में पेयजल सप्लाई पूरी तरह नहर के पानी पर निर्भर है। रेवाड़ी को 16 दिन तक नियमित पेयजल सप्लाई की जाती है। वहीं 24 दिन तक शहर को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलता है। इस दौरान एक दिन शहर के एक हिस्से तथा दूसरे दिन शहर के दूसरे हिस्से में पेयजल सप्लाई की जाती है। अभी फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में लगभग 35 हजार कनेक्शन हैं।
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जनसंख्या के हिसाब से नहीं स्टोरेज क्षमता
शहर की जनसंख्या के हिसाब से पानी को स्टोर करने की क्षमता नहीं बढ़ पाई है। गांव कालका में पांच वाटर टैंक हैं और लिसाना में दो वाटर टैंक हैं, जिनमें पानी स्टोर करके रखा जाता है। शहर में सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा कालका वाटर टैंक 10 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) और लिसाना में 18 एमएलडी पानी की स्टोरेज क्षमता है। विभाग के अनुुसार कालका और लिसाना वाटर टैंक में फिल्टर यूनिटों की मेनटेनेंस का कार्य जारी है। इसके अलावा शहर को और वाटर टैंक की आवश्यकता है। राशनिंग के दौरान बारिश ने शहर को पेयजल समस्या से निजात दिलाई थी। नहरी पानी का शेड्यूल कुछ ऐसा है कि शहर के लोगों को हर माह पेयजल राशनिंग का सामना करना पड़ता है।
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पेयजल व्यवस्था पूरी तरह नहर पर ही आधारित है। इससे पहले जेएलएन में पानी नहीं होने के कारण शहर में 8 फरवरी को जलापूर्ति बंद कर दी गई थी। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से राशनिंग 9 मार्च तक जारी रही। इसके बाद 25 मार्च को नहरी पानी आना बंद हुआ है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के पास अब इतनी स्टोरेज क्षमता नहीं है कि शहरवासियों को हर दिन पेयजल सप्लाई दी जा सके।
वाटर स्टोरेज टैंक की होगी 80 लाख गैलन की क्षमता
शहरवासियों को पानी पर्याप्त मिले इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पानी की स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए लिसाना में एक और वाटर टैंक का निर्माण किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लिसाना गांव में पहले भी दो वाटर टैंक बनाए हुए हैं। दोनों वाटर टैंक की क्षमता तीन करोड़ चालीस लाख गैलन पानी की है। अब शहर में पानी की पूर्ति के लिए 184 लाख रुपये के खर्च से एक नया वाटर टैंक बनाया जा रहा है, जिसकी क्षमता 80 लाख लीटर होगी। इस नए वाटर टैंक को भरने के लिए दो नए पंप भी लगाए जाएंगे। अब तीनों वाटर टैंक स्टोरेज में पानी को एकत्रित करके ही शहर में सप्लाई दी जाएगी। शहर में प्रतिदिन 22.32 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई की जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नया टैंक बनने से शहर में पानी की कमी नहीं रहेगी। वहीं इस टैंक की सप्लाई शहर के धारूहेड़ा चुंगी तक पाइप लाइन डालकर लाई जाएगी।
सोमवार को राशनिंग शुरू कर दी जाएगी। अब एक दिन छोड़ दूसरे दिन शहरवासियों को पानी दिया जाएगा। लोगों को पानी की समस्या न हो इसके लिए लिसाना में एक और वाटर टैंक बनाया जा रहा हैं। 18 अप्रैल को नहर में पानी आने का शेड्यूल है जिसके बाद 20 अप्रैल से फिर से शहरवासियों को पानी दिया जाएगा। इसके अलावा शहरवासी पानी को बचाएं रखें ताकि गर्मी के मौसम में आगे समस्या ज्यादा ना आए।
- दीपक यादव, जेई जनस्वास्थ्य विभाग।