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अब परीक्षा से ४५ मिनट पहले केंद्रों पर पहुंचेगा पेपर
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रेवाड़ी। सीबीएसई ने दसवीं व बारहवीं की परीक्षा में नकल पर अंकुश लगाने के लिए नया कदम उठाया है। यह प्रयोग सफल रहा तो आगे भी इसी प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। अभी सभी परीक्षा केन्द्रों पर पौने दस बजे पेपर ऑनलाइन भेजे जाते थे, लेकिन अब पौने ग्यारह बजे भेजे गए। यह कदम पेपर लीक होने के बाद आज से उठाया गया है।
नाम न छापने की शर्त पर सूत्र ने बताया कि सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं टर्म-एक की परीक्षाएं में मंगलवार को पेपर लीक होने तथा उत्तर व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल होने की शिकायत मिलने के बाद सीबीएसई ने बुधवार से एक घंटा देरी से प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों पर भेजने शुरू किया है। बोर्ड की तरफ से जिन स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उनमें आनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र भेजे जा रहे हैं। पहले बोर्ड की तरफ से ही पेपर प्रिंट कराकर भेजे जाते थे। अब बोर्ड की तरफ से आनलाइन पेपर डाउनलोड करने के लिए सुबह करीब 9:45 बजे लिंक खोला जा रहा था, उसके पश्चात प्रश्नपत्रों को डाउनलोड करके प्रिंट किया जाता था।
सूत्र ने बताया कि आब्जर्वर और केंद्र अधीक्षक की मौजूदगी में उन्हें लाकर में रखवाया जाता था। ऐसे में साढ़े 11 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के बीच पेपर लीक करने वालों को करीब पौने दो घंटे का समय मिल जाता था, लेकिन अब एक घंटे देरी से आने के कारण इसमें काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है। वहीं जिन स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उसमें लोकल स्टाफ की ड्यूटी के कारण भी पेपर लीक होने का अंदेशा अभी भी बना हुआ है। लोकल स्टाफ की ड्यूटी को लेकर कई स्कूल संचालक बोर्ड को शिकायत भी कर चुके हैं। मंगलवार को बारहवीं कक्षा के रसायन विज्ञान का पेपर लीक होने से पहले दस दिसंबर को भी जिले के एक परीक्षा केंद्र पर पांच बच्चों को उत्तर की के साथ पकड़ा गया था, जिस पर केंद्र अधीक्षक ने पांचों विद्यार्थियों का केस बना दिया था। संवाद
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नाम न छापने की शर्त पर सूत्र ने बताया कि सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं टर्म-एक की परीक्षाएं में मंगलवार को पेपर लीक होने तथा उत्तर व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल होने की शिकायत मिलने के बाद सीबीएसई ने बुधवार से एक घंटा देरी से प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों पर भेजने शुरू किया है। बोर्ड की तरफ से जिन स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उनमें आनलाइन माध्यम से प्रश्नपत्र भेजे जा रहे हैं। पहले बोर्ड की तरफ से ही पेपर प्रिंट कराकर भेजे जाते थे। अब बोर्ड की तरफ से आनलाइन पेपर डाउनलोड करने के लिए सुबह करीब 9:45 बजे लिंक खोला जा रहा था, उसके पश्चात प्रश्नपत्रों को डाउनलोड करके प्रिंट किया जाता था।
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सूत्र ने बताया कि आब्जर्वर और केंद्र अधीक्षक की मौजूदगी में उन्हें लाकर में रखवाया जाता था। ऐसे में साढ़े 11 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा के बीच पेपर लीक करने वालों को करीब पौने दो घंटे का समय मिल जाता था, लेकिन अब एक घंटे देरी से आने के कारण इसमें काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है। वहीं जिन स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उसमें लोकल स्टाफ की ड्यूटी के कारण भी पेपर लीक होने का अंदेशा अभी भी बना हुआ है। लोकल स्टाफ की ड्यूटी को लेकर कई स्कूल संचालक बोर्ड को शिकायत भी कर चुके हैं। मंगलवार को बारहवीं कक्षा के रसायन विज्ञान का पेपर लीक होने से पहले दस दिसंबर को भी जिले के एक परीक्षा केंद्र पर पांच बच्चों को उत्तर की के साथ पकड़ा गया था, जिस पर केंद्र अधीक्षक ने पांचों विद्यार्थियों का केस बना दिया था। संवाद
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