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Rewari News: अब विद्यार्थियों को दिया जाएगा शारीरिक संरचना का ज्ञान
Thu, 07 Nov 2024 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 07 Nov 2024 11:53 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को विज्ञान में दक्ष बनाने के उद्देश्य से अब उन्हें शारीरिक संरचना व हार्मोंस की भी जानकारी दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने कार्यक्रम तैयार किया है। पहले अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों को शारीरिक संरचना की जानकारी देंगे।
नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान व जीव-जंतु विज्ञान विषय के अध्यापक विद्यार्थियों को शारीरिक संरचना से लेकर हार्मोन तक का ज्ञान देंगे। यदि किसी विद्यालय में दोनों विषय में से किसी एक विषय के अध्यापक नहीं है या पद रिक्त है तो संबंधित विद्यालय के विज्ञान विषय के अध्यापक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य की जानकारी देंगे। इस योजना के तहत 10 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया जाएगा।
शिक्षा निदेशालय की ओर से किशोर शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक पहले शिक्षकों को दो दिन का प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद ये शिक्षक अपने विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे। कार्यक्रम को आयोजित करने के पीछे किशोरों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के साथ उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए जागरूक करना है।
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इन बिंदुओं पर दिया जाएगा ध्यान
विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य, स्वच्छता, यौन व प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देने के साथ ही उनका मार्गदर्शन किया जाएगा। यह उनके मानसिक समस्याओं के समाधान में मददगार होगा। विद्यार्थियों को उचित जानकारी होने से वे शारीरिक, मानसिक और सामाजिक खतरों से बच सकेंगे। उनको समाज में सक्रिय और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करने के बारे में अवगत करना, विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता और उचित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के साथ -साथ उन्हें शारीरिक सुरक्षा, शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित मुद्दों के बारे में जागरूक करना ताकि वे ऐसी स्थितियों से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
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वर्जन
राजकीय विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान व जीव-जंतु विज्ञान विषय के अध्यापक विद्यार्थियों को शारीरिक संरचना से लेकर हार्मोन तक का ज्ञान बच्चों को देंगे। इसमें 10 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। -रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, शिक्षा विभाग रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को विज्ञान में दक्ष बनाने के उद्देश्य से अब उन्हें शारीरिक संरचना व हार्मोंस की भी जानकारी दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय ने कार्यक्रम तैयार किया है। पहले अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों को शारीरिक संरचना की जानकारी देंगे।
नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान व जीव-जंतु विज्ञान विषय के अध्यापक विद्यार्थियों को शारीरिक संरचना से लेकर हार्मोन तक का ज्ञान देंगे। यदि किसी विद्यालय में दोनों विषय में से किसी एक विषय के अध्यापक नहीं है या पद रिक्त है तो संबंधित विद्यालय के विज्ञान विषय के अध्यापक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य की जानकारी देंगे। इस योजना के तहत 10 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया जाएगा।
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शिक्षा निदेशालय की ओर से किशोर शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक पहले शिक्षकों को दो दिन का प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद ये शिक्षक अपने विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे। कार्यक्रम को आयोजित करने के पीछे किशोरों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के साथ उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने के लिए जागरूक करना है।
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इन बिंदुओं पर दिया जाएगा ध्यान
विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य, स्वच्छता, यौन व प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देने के साथ ही उनका मार्गदर्शन किया जाएगा। यह उनके मानसिक समस्याओं के समाधान में मददगार होगा। विद्यार्थियों को उचित जानकारी होने से वे शारीरिक, मानसिक और सामाजिक खतरों से बच सकेंगे। उनको समाज में सक्रिय और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करने के बारे में अवगत करना, विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता और उचित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने के साथ -साथ उन्हें शारीरिक सुरक्षा, शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित मुद्दों के बारे में जागरूक करना ताकि वे ऐसी स्थितियों से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
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वर्जन
राजकीय विद्यालयों में कार्यरत मनोविज्ञान व जीव-जंतु विज्ञान विषय के अध्यापक विद्यार्थियों को शारीरिक संरचना से लेकर हार्मोन तक का ज्ञान बच्चों को देंगे। इसमें 10 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। -रेनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, शिक्षा विभाग रेवाड़ी।