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अब अभिभावकों ने आरटीआई के तहत मांगा संपूर्ण कार्यवाही का ब्योरा
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रेवाड़ी। नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के एडमिशन के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। एक अभिभावक ने सोमवार को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन दाखिल करके सूचना विभाग से कई बिंदुओं में संपूर्ण कार्यवाही की जानकारी मांगी है।
शहर के निवासी कैलाश की ओर से दायर आरटीआई आवेदन में कहा गया है कि निदेशालय मौलिक शिक्षा विभाग पंचकूला ने सभी जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र जारी किया, उसकी प्रमाणित प्रति उन्हें दी जाए। इस आवेदन में संबंधित पत्र के क्रमांक एवं तिथि भी दर्ज हैं। आवेदन के दूसरे बिंदु में उपरोक्त के अनुसार सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को रिपोर्ट 19 जनवरी 2022 तक वापस निदेशालय भेजना था। जिला मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से पत्र पर जिला शिक्षा विभाग की ओर से कब-कब और क्या-क्या कार्यवाही की गई, इसकी रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति भी दी जाए। तीसरे बिंदु में सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को रिपोर्ट 19 जनवरी तक वापस निदेशालय को भेजना था। इससे संबंधित जिला मौलिक शिक्षा विभाग रेवाड़ी की ओर से निदेेशालय को रिपोर्ट कब भेजी गई, उस रिपोर्ट की दिनांक सहित प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए, जबकि अंतिम बिंदु में उपरोक्त पत्र का निदेशालय की ओर से कोई रिमाइंडर पत्र आया है तो उसकी प्रमाणित प्रति व उस यादी पत्र पर जिला शिक्षा विभाग की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई, उसकी सत्यापित प्रति भी आवेदनकर्ता ने मांगी है।
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अभिभावक बोले-शिक्षा अधिकारी का बयान गैरजिम्मेदाराना
अभिभावक प्रताप सिंह और कैलाश ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के बयान का खंडन किया है, जिसमें उन्होंने अभिभावकों पर साजिश करने की बात कही है। अभिभावकों का कहना है कि नियम 134ए के तहत दाखिलों को लेकर बयान गैरजिम्मेदाराना है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन में सिर्फ दिनांक एक दिन पीछे 10 फरवरी लिखा गया है। यह टंकण की त्रुटि है, लेकिन मामले में पूरी सच्चाई है। अभिभावक अधिकारी के खिलाफ कोई साजिश नहीं कर रहे, बल्कि जो भाषा अधिकारी बोल रहे हैं, वह निजी स्कूल भी कुछ समय पहले अभिभावकों के खिलाफ बोल रहे थे। इनके बयान से यह साफ है कि निजी स्कूल और अधिकारी आपस में मिले हुए हैं। इसका खुलासा अभिभावक आगामी समय में कर देंगे।
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शहर के निवासी कैलाश की ओर से दायर आरटीआई आवेदन में कहा गया है कि निदेशालय मौलिक शिक्षा विभाग पंचकूला ने सभी जिलों के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र जारी किया, उसकी प्रमाणित प्रति उन्हें दी जाए। इस आवेदन में संबंधित पत्र के क्रमांक एवं तिथि भी दर्ज हैं। आवेदन के दूसरे बिंदु में उपरोक्त के अनुसार सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को रिपोर्ट 19 जनवरी 2022 तक वापस निदेशालय भेजना था। जिला मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से पत्र पर जिला शिक्षा विभाग की ओर से कब-कब और क्या-क्या कार्यवाही की गई, इसकी रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति भी दी जाए। तीसरे बिंदु में सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को रिपोर्ट 19 जनवरी तक वापस निदेशालय को भेजना था। इससे संबंधित जिला मौलिक शिक्षा विभाग रेवाड़ी की ओर से निदेेशालय को रिपोर्ट कब भेजी गई, उस रिपोर्ट की दिनांक सहित प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए, जबकि अंतिम बिंदु में उपरोक्त पत्र का निदेशालय की ओर से कोई रिमाइंडर पत्र आया है तो उसकी प्रमाणित प्रति व उस यादी पत्र पर जिला शिक्षा विभाग की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई, उसकी सत्यापित प्रति भी आवेदनकर्ता ने मांगी है।
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अभिभावक बोले-शिक्षा अधिकारी का बयान गैरजिम्मेदाराना
अभिभावक प्रताप सिंह और कैलाश ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के बयान का खंडन किया है, जिसमें उन्होंने अभिभावकों पर साजिश करने की बात कही है। अभिभावकों का कहना है कि नियम 134ए के तहत दाखिलों को लेकर बयान गैरजिम्मेदाराना है। उन्होंने बताया कि ज्ञापन में सिर्फ दिनांक एक दिन पीछे 10 फरवरी लिखा गया है। यह टंकण की त्रुटि है, लेकिन मामले में पूरी सच्चाई है। अभिभावक अधिकारी के खिलाफ कोई साजिश नहीं कर रहे, बल्कि जो भाषा अधिकारी बोल रहे हैं, वह निजी स्कूल भी कुछ समय पहले अभिभावकों के खिलाफ बोल रहे थे। इनके बयान से यह साफ है कि निजी स्कूल और अधिकारी आपस में मिले हुए हैं। इसका खुलासा अभिभावक आगामी समय में कर देंगे।
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