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Rewari News: अब 37 आयुर्वेदिक चिकित्सक मिले तो बैठने के लिए फर्नीचर नहीं
Wed, 02 Apr 2025 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 02 Apr 2025 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले को 40 आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर मिले हैं। इनमें 37 ने विभिन्न आयुष डिस्पेंसरियों के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ज्वाइन कर लिया है। पहले डाॅक्टरों की कमी थी और अब डॉक्टर मिले हैं तो उनके बैठने के लिए फर्नीचर नहीं है। जिला आयुर्वेद आफिसर ने सिविल सर्जन को पत्र भेजकर फर्नीचर मुहैया कराने का आग्रह किया है।
पहली बार आयुष विभाग में इतने चिकित्सकों की नियुक्ति हुई है। पीएचसी में इन आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर के बैठने की बेहतर व्यवस्था नहीं है। पीएचसी में फर्नीचर की कमी है। कई पीएचसी में दो-दो चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है। अब जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने सिविल सर्जन को पत्र लिखा है, जिसमें ओपीडी में बैठने की जगह के साथ ही फर्नीचर भी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इन चिकित्सकों के मिलने से आयुष औषधालयों में करीब एक दशक से रिक्त चल रहे एएमओ के पद भर गए हैं।
पहली बार पीएचसी में भी इन चिकित्सकों को लगाया गया है। अब से पहले पीएचसी में आयुर्वेद के डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं थी। दरअसल, कोरोना काल के बाद से जिले में आयुर्वेद की तरफ लोगों का रुझान एकदम से बढ़ा है। क्योंकि कोरोना में आयुर्वेद की अहम भूमिका रही थी। जिसके बाद से आयुर्वेद की ओपीडी भी लगातार इजाफा हो रहा है। अब पीएचसी में आयुर्वेद के चिकित्सक बैठने से यह लोगों के लिए भी फायदा होगा।
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मरीजों को होगा ये फायदा
मरीजों को आयुर्वेद के चिकित्सकों को दिखाने के लिए सिविल अस्पताल में नहीं जाना पड़ेगा। उनको नजदीक ही चिकित्सक मिल जाएंगे। इससे उनका समय भी बचेगा और आर्थिक नुकसान भी नहीं उठाना पड़ेगा। आयुर्वेद की ओपीडी में भी इजाफा होगा। अभी जिले में आयुर्वेद की ओपीडी एक दिन में 400 से लेकर 600 के बीच रहती है। चिकित्सक मिलने पर अब ओपीडी भी दोगुनी हो जाएगी। जिले में 18 आयुर्वेद औषधालय और एक यूनानी चिकित्सालय संचालित हैं।
यहां नियुक्त हुए एएमओ
चिकित्सकों की नियुक्ति अलग-अलग पीएचसी में हुई है। पीएचसी बासदुदा, पीएचसी फतेहपुरी, यूपीएचसी राजीव नगर, पीएचसी भाड़ावास, पीएचसी कसौला, यूपीएचसी कुतुबपुर, पीएचसी टांकड़ी, पीएचसी गंगायचा अहीर, पीएचसी मसानी, पीएचसी बोहतवास अहीर, पीएचसी धारूहेड़ा, पीएचसी जाटूसाना, पीएचसी डहीना, पीएचसी गुडियानी, पीएचसी रतनथल, पीएचसी संगवाड़ी, यूपीएचसी आकेड़ा, पीएचसी संगवाड़ी, पीएचसी सीह्य व पीएचसी बव्वा सहित सब हेल्थ सेंटर रतनथल, गोठड़ा टप्पा डहीना, मसानी व भूड़ला में चिकित्सक नियुक्त हुए हैं। इनमें कई पीएचसी ऐसी भी है कि वहां पर दो-दो चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है।
वर्जन:
जिले में कुल 40 चिकित्सक मिलने हैं, जिनमें से 37 ने ज्वाइन कर लिया है। सिविल सर्जन से पत्र लिखकर चिकित्सकों के बैठने के लिए जगह और फर्नीचर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।- डॉ. दिनेश कुमार, जिला आयुर्वेद आफिसर।
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रेवाड़ी। जिले को 40 आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर मिले हैं। इनमें 37 ने विभिन्न आयुष डिस्पेंसरियों के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ज्वाइन कर लिया है। पहले डाॅक्टरों की कमी थी और अब डॉक्टर मिले हैं तो उनके बैठने के लिए फर्नीचर नहीं है। जिला आयुर्वेद आफिसर ने सिविल सर्जन को पत्र भेजकर फर्नीचर मुहैया कराने का आग्रह किया है।
पहली बार आयुष विभाग में इतने चिकित्सकों की नियुक्ति हुई है। पीएचसी में इन आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर के बैठने की बेहतर व्यवस्था नहीं है। पीएचसी में फर्नीचर की कमी है। कई पीएचसी में दो-दो चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है। अब जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने सिविल सर्जन को पत्र लिखा है, जिसमें ओपीडी में बैठने की जगह के साथ ही फर्नीचर भी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इन चिकित्सकों के मिलने से आयुष औषधालयों में करीब एक दशक से रिक्त चल रहे एएमओ के पद भर गए हैं।
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पहली बार पीएचसी में भी इन चिकित्सकों को लगाया गया है। अब से पहले पीएचसी में आयुर्वेद के डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं थी। दरअसल, कोरोना काल के बाद से जिले में आयुर्वेद की तरफ लोगों का रुझान एकदम से बढ़ा है। क्योंकि कोरोना में आयुर्वेद की अहम भूमिका रही थी। जिसके बाद से आयुर्वेद की ओपीडी भी लगातार इजाफा हो रहा है। अब पीएचसी में आयुर्वेद के चिकित्सक बैठने से यह लोगों के लिए भी फायदा होगा।
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मरीजों को होगा ये फायदा
मरीजों को आयुर्वेद के चिकित्सकों को दिखाने के लिए सिविल अस्पताल में नहीं जाना पड़ेगा। उनको नजदीक ही चिकित्सक मिल जाएंगे। इससे उनका समय भी बचेगा और आर्थिक नुकसान भी नहीं उठाना पड़ेगा। आयुर्वेद की ओपीडी में भी इजाफा होगा। अभी जिले में आयुर्वेद की ओपीडी एक दिन में 400 से लेकर 600 के बीच रहती है। चिकित्सक मिलने पर अब ओपीडी भी दोगुनी हो जाएगी। जिले में 18 आयुर्वेद औषधालय और एक यूनानी चिकित्सालय संचालित हैं।
यहां नियुक्त हुए एएमओ
चिकित्सकों की नियुक्ति अलग-अलग पीएचसी में हुई है। पीएचसी बासदुदा, पीएचसी फतेहपुरी, यूपीएचसी राजीव नगर, पीएचसी भाड़ावास, पीएचसी कसौला, यूपीएचसी कुतुबपुर, पीएचसी टांकड़ी, पीएचसी गंगायचा अहीर, पीएचसी मसानी, पीएचसी बोहतवास अहीर, पीएचसी धारूहेड़ा, पीएचसी जाटूसाना, पीएचसी डहीना, पीएचसी गुडियानी, पीएचसी रतनथल, पीएचसी संगवाड़ी, यूपीएचसी आकेड़ा, पीएचसी संगवाड़ी, पीएचसी सीह्य व पीएचसी बव्वा सहित सब हेल्थ सेंटर रतनथल, गोठड़ा टप्पा डहीना, मसानी व भूड़ला में चिकित्सक नियुक्त हुए हैं। इनमें कई पीएचसी ऐसी भी है कि वहां पर दो-दो चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है।
वर्जन:
जिले में कुल 40 चिकित्सक मिलने हैं, जिनमें से 37 ने ज्वाइन कर लिया है। सिविल सर्जन से पत्र लिखकर चिकित्सकों के बैठने के लिए जगह और फर्नीचर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।- डॉ. दिनेश कुमार, जिला आयुर्वेद आफिसर।