{"_id":"6a44fd7d5b970ccbe80bae89","slug":"no-dengue-patient-found-so-far-this-year-1035-samples-tested-negative-rewari-news-c-198-1-rew1001-241128-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: इस साल अब तक नहीं मिला डेंगू का मरीज, 1035 सैंपल नेगेटिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: इस साल अब तक नहीं मिला डेंगू का मरीज, 1035 सैंपल नेगेटिव
Thu, 02 Jul 2026 02:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। जिले में इस वर्ष अब तक डेंगू का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनवरी से अब तक 1035 सैंपलों की जांच की जा चुकी है और लेकिन सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। निजी लैब में जांचे गए 25 संदिग्ध सैंपलों में भी डेंगू संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लगातार निगरानी और समय पर किए जा रहे रोकथाम के उपायों के कारण फिलहाल जिले में स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग पिछले वर्ष के अनुभव को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है। वर्ष 2025 में जिले में कुल 5,120 सैंपलों की जांच की गई थी जिनमें 297 लोगों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद विभाग ने नैनसुखपुरा, धवाना, सहारनवास, यादव नगर, गुलाबी बाग, मॉडल टाउन और सेक्टर-4 को हाई रिस्क क्षेत्र घोषित किया था। इन इलाकों में विशेष सर्वे, फॉगिंग, एंटी लार्वा गतिविधियां और जागरूकता अभियान चलाए गए थे।
विज्ञापन
इस वर्ष भी स्वास्थ्य विभाग ने इन्हीं संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं। जहां भी मच्छरों के लार्वा मिलने की संभावना होती है वहां तुरंत एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
डिप्टी सिविल सर्जन एवं मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. जोगिंद्र तंवर ने बताया कि बरसात के मौसम में डेंगू फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और मच्छर रोधी क्रीम का उपयोग करें। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में तेज दर्द या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराए।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लगातार निगरानी और समय पर किए जा रहे रोकथाम के उपायों के कारण फिलहाल जिले में स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग पिछले वर्ष के अनुभव को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है। वर्ष 2025 में जिले में कुल 5,120 सैंपलों की जांच की गई थी जिनमें 297 लोगों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
विज्ञापन
मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद विभाग ने नैनसुखपुरा, धवाना, सहारनवास, यादव नगर, गुलाबी बाग, मॉडल टाउन और सेक्टर-4 को हाई रिस्क क्षेत्र घोषित किया था। इन इलाकों में विशेष सर्वे, फॉगिंग, एंटी लार्वा गतिविधियां और जागरूकता अभियान चलाए गए थे।
विज्ञापन
इस वर्ष भी स्वास्थ्य विभाग ने इन्हीं संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं। जहां भी मच्छरों के लार्वा मिलने की संभावना होती है वहां तुरंत एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
डिप्टी सिविल सर्जन एवं मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. जोगिंद्र तंवर ने बताया कि बरसात के मौसम में डेंगू फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और मच्छर रोधी क्रीम का उपयोग करें। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में तेज दर्द या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराए।