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Rewari News: एथलेटिक्स, कुश्ती और कबड्डी के कोच नहीं
Sat, 30 May 2026 11:15 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 30 May 2026 11:15 PM IST
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कोसली गांव स्थित खेल स्टेडियम। संवाद
कोसली। स्थानीय खेल स्टेडियम में एथलेटिक्स, कुश्ती और कबड्डी के कोच नहीं होने से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। खिलाड़ियों ने कोच की तैनाती करने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2010 में पांच एकड़ भूमि पर स्टेडियम का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन आज तक यहां आवश्यक खेल सुविधाएं और प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके चलते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा और वे प्रतियोगी स्तर पर पिछड़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि 15 वर्षों से वे स्थानीय विधायक, खेल विभाग और प्रशासन से स्टेडियम में कोच नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्टेडियम में एथलेटिक्स, कुश्ती और कबड्डी जैसे खेलों के कोच नहीं हैं। यहां इंडोर जिम और इंडोर हॉल जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
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ग्रामीणों के अनुसार स्टेडियम बनने के समय उम्मीद थी कि गांव के बच्चों को शहरों जैसी खेल सुविधाएं मिलेंगी और वे राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे। लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण यह सपना अधूरा रह गया है।
स्टेडियम में तैनात महिला बॉक्सिंग कोच के प्रयासों से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। इससे साबित होता है कि क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अगर सुविधाएं मिलें तो यहां से बेहतर खिलाड़ी निकलेंगे।
स्टेडियम में अभ्यास करने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों ने अपने स्तर पर मैदान की सफाई कर घास लगवाई है। खिलाड़ियों ने चंदा एकत्र कर मैदान के रखरखाव के लिए एक व्यक्ति को नियुक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें किसी प्रकार की सहायता नहीं मिल रही।
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स्टेडियम केवल नाम का रह गया है। यहां खेल सुविधाओं और प्रशिक्षकों की कमी है। बिना उचित मार्गदर्शन के खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ सकते।- अजय कुमार, खिलाड़ी।
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मैं अपने दम पर कुश्ती की तैयारी करता हूं। स्टेडियम बनने के बाद से आज तक यहां कुश्ती का कोई कोच नियुक्त नहीं हुआ। सरकार को जल्द प्रशिक्षक तैनात करना चाहिए।- राजबीर, पहलवान।
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गांव ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जमीन दी थी लेकिन सुविधाओं के अभाव में स्टेडियम अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहा है।- अमन, ग्रामीण
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वर्जन
कोसली खेल स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कोच की कमी से खेल विभाग को अवगत कराया गया है। विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों की नियुक्ति राज्य स्तर पर की जाती है। रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया समय-समय पर चलती रहती है।-अनिल यादव, खंड विकास अधिकारी, कोसली।
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ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2010 में पांच एकड़ भूमि पर स्टेडियम का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन आज तक यहां आवश्यक खेल सुविधाएं और प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसके चलते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा और वे प्रतियोगी स्तर पर पिछड़ रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि 15 वर्षों से वे स्थानीय विधायक, खेल विभाग और प्रशासन से स्टेडियम में कोच नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्टेडियम में एथलेटिक्स, कुश्ती और कबड्डी जैसे खेलों के कोच नहीं हैं। यहां इंडोर जिम और इंडोर हॉल जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
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ग्रामीणों के अनुसार स्टेडियम बनने के समय उम्मीद थी कि गांव के बच्चों को शहरों जैसी खेल सुविधाएं मिलेंगी और वे राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे। लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण यह सपना अधूरा रह गया है।
स्टेडियम में तैनात महिला बॉक्सिंग कोच के प्रयासों से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। इससे साबित होता है कि क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अगर सुविधाएं मिलें तो यहां से बेहतर खिलाड़ी निकलेंगे।
स्टेडियम में अभ्यास करने वाले क्रिकेट खिलाड़ियों ने अपने स्तर पर मैदान की सफाई कर घास लगवाई है। खिलाड़ियों ने चंदा एकत्र कर मैदान के रखरखाव के लिए एक व्यक्ति को नियुक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें किसी प्रकार की सहायता नहीं मिल रही।
स्टेडियम केवल नाम का रह गया है। यहां खेल सुविधाओं और प्रशिक्षकों की कमी है। बिना उचित मार्गदर्शन के खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ सकते।- अजय कुमार, खिलाड़ी।
मैं अपने दम पर कुश्ती की तैयारी करता हूं। स्टेडियम बनने के बाद से आज तक यहां कुश्ती का कोई कोच नियुक्त नहीं हुआ। सरकार को जल्द प्रशिक्षक तैनात करना चाहिए।- राजबीर, पहलवान।
गांव ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जमीन दी थी लेकिन सुविधाओं के अभाव में स्टेडियम अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहा है।- अमन, ग्रामीण
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वर्जन
कोसली खेल स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कोच की कमी से खेल विभाग को अवगत कराया गया है। विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकों की नियुक्ति राज्य स्तर पर की जाती है। रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया समय-समय पर चलती रहती है।-अनिल यादव, खंड विकास अधिकारी, कोसली।