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Rewari News: मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे एनएचएम कर्मचारी
Tue, 30 Jul 2024 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 30 Jul 2024 12:58 AM IST
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फोटो: 20रेवाड़ी। सिविल सर्जन के नाम डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजबीर काे ज्ञापन सौंपते एनएचएम
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में चार दिनों से मांगों को लेकर धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल चार दिन के लिए और आगे बढ़ा दी है। इसको लेकर कर्मचारियों ने सिविल सर्जन के नाम ज्ञापन डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजबीर काे ज्ञापन दिया। हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल में आयुष विभाग सहित सिविल सर्जन कार्यालय का काम ठप पड़ा हुआ है। धरने के चलते ज्यादातर एंबुलेंस खड़ी रहीं। वहीं, पीएचसी व सीएचसी में आवश्यक सेवाएं प्रभावित रहीं। इसके कारण कई मरीजों को प्राइवेट साधन का जुगाड़ कर परेशानी झेलते हुए निजी अस्पतालों व पीजीआई की ओर रुख करना पड़ा। एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सोमवार को सुबह 8 से 4 बजे तक सरकार की बेरुखी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वहीं, सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रयास न दिखने के कारण कर्मचारी हताश हैं। एनएचएम जिला प्रधान विशाल धनखड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता है तो वह आंदोलन तेज करने पर विचार करेंगे। इससे जो आम जनता को परेशानी होगी।
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रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में चार दिनों से मांगों को लेकर धरने पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल चार दिन के लिए और आगे बढ़ा दी है। इसको लेकर कर्मचारियों ने सिविल सर्जन के नाम ज्ञापन डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजबीर काे ज्ञापन दिया। हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल में आयुष विभाग सहित सिविल सर्जन कार्यालय का काम ठप पड़ा हुआ है। धरने के चलते ज्यादातर एंबुलेंस खड़ी रहीं। वहीं, पीएचसी व सीएचसी में आवश्यक सेवाएं प्रभावित रहीं। इसके कारण कई मरीजों को प्राइवेट साधन का जुगाड़ कर परेशानी झेलते हुए निजी अस्पतालों व पीजीआई की ओर रुख करना पड़ा। एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सोमवार को सुबह 8 से 4 बजे तक सरकार की बेरुखी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वहीं, सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रयास न दिखने के कारण कर्मचारी हताश हैं। एनएचएम जिला प्रधान विशाल धनखड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता है तो वह आंदोलन तेज करने पर विचार करेंगे। इससे जो आम जनता को परेशानी होगी।
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