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एनएच 919 : वन टाइम ट्रीटमेंट से धारूहेड़ा बाईपास का होगा सुधारीकरण, 6.45 करोड़ होंगे खर्च
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फोटो : 1एनएच 919 धारूहेड़ा बाईपास मार्ग। संवाद
रेवाड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग-919 पर धारूहेड़ा शहर के बाईपास वाले हिस्से के वन टाइम ट्रीटमेंट कार्य के लिए टेंडर जारी किया गया है। यह कार्य हरियाणा राज्य की सीमा में आने वाले हिस्से पर किया जाएगा।
टेंडर के अनुसार यह काम चेनिज किमी 17.700 से 19.700 और 20.000 से 22.530 तक के खंड में कराया जाएगा। मरम्मत पर 6.45 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
इस परियोजना के अंतर्गत सड़क की ऊपरी सतह को मजबूत करने, गड्ढों की मरम्मत, क्रैक फिलिंग, नई परत बिछाने और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करने का काम किया जाएगा। इस परियोजना में सड़क की सतह को नया रूप दिया जाएगा।
वन टाइम ट्रीटमेंट का उद्देश्य सड़क को एक बार में पूरी तरह से बेहतर स्थिति में लाना है ताकि आने वाले वर्षों तक उसे बड़े रखरखाव की आवश्यकता न पड़े।
धारूहेड़ा बाईपास औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण यहां भारी वाहनों की आवाजाही रहती है जिससे सड़क पर दबाव अधिक रहता है। ऐसे में वन टाइम ट्रीटमेंट से सड़क की आयु बढ़ेगी और ट्रैफिक सुचारू रूप से चलेगा। साथ ही आसपास के नालों की भी मरम्मत होगी।
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यहां बारिश होने के बाद जलभराव हो जाता है और कई दिनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है जिससे आवागमन प्रभावित होता है। इसके चलते लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसके साथ ही भिवाड़ी का प्रदूषित पानी भी धारूहेड़ा में आ जाता है जिससे स्थिति काफी गंभीर हो जाती है। कई बार तो दूषित पानी आसपास की कॉलोनियों में पहुंच जाता है।
घरों में पानी घुसने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल करीब 4 किलोमीटर तक की सड़क की दशा सुधारने के लिए विशेष मरम्मत का कार्य किया जाएगा। सड़क की ऊंचाई बढ़ाने का भी कार्य होगा ताकि यहां पर भिवाड़ी का पानी न पहुंचे।
धारूहेड़ा और भिवाड़ी दोनों औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां बड़ी संख्या में वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। कंपनियों के कर्मचारी भी आते जाते हैं। इसके कारण यह सड़क काफी मायने रखती है।
पिछले दिनों बारिश के बाद हाईवे पर हुआ था जलभराव
बारिश होने के बाद धारूहेड़ा-भिवाड़ी बाईपास पर जलभराव होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गया है। राजस्थान के भिवाड़ी और धारूहेड़ा को जोड़ने वाला हाईवे संख्या 919 पूरी तरह से जलमग्न हैं। हालत ये है कि दोपहिया वाहन चालक कड़ी मशक्कत के बाद ही आ जा सकते हैं। चार पहिया वाहन चालक जैसे तैसे हिम्मत करके यहां से गुजरने की कोशिश तो जरूर कर रहे थे लेकिन गाड़ी बीच में फंसने से काफी परेशानी हो रही थी। हाल ही में दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में जलभराव की समस्या दूर करने पर चर्चा की गई थी। अभी यहां पर विवाद जारी है। समाधान नहीं हो रहा है।
धारूहेड़ा सीमा में 2023 में बनाया गया था रैंप
भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी आने की शिकायत दो दशक पुरानी है। इसी को लेकर प्रशासन की ओर से धारूहेड़ा-भिवाड़ी के बीच एनएच 919 पर एक रैंप बनाया गया था। जुलाई 2023 में हरियाणा के तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने अलवर और रेवाड़ी के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उन्हें दूषित पानी के प्रवाह को रोकने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया था। राजस्थान के अफसरों ने इस पानी के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया। 2023 में तिजारा विधायक बाबा बालक नाथ नवंबर माह में रैंप को तोड़ने के लिए पहुंचे थे लेकिन प्रशासनिक दखल के बाद वह लौट गए थे। 2024 में राजस्थान पुलिस की तरफ से सीमा पर बैरिकेड लगाने को लेकर भी धारूहेड़ा पुलिस के साथ धक्का मुक्का हो चुकी थी तब भी काफी विवाद हुआ था। इस वर्ष भी काफी विवाद हुआ। भिवाड़ी में महापंचायत कर रैंप तोड़ने की चेतावनी दी गई थी। अब मामला केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के पास है।
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वर्जन
एनएच 919 की मरम्मत का टेंडर जारी किया गया है। कुछ जगहों पर नाले की मरम्मत का भी कार्य किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। -सुरेंद्र सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।
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टेंडर के अनुसार यह काम चेनिज किमी 17.700 से 19.700 और 20.000 से 22.530 तक के खंड में कराया जाएगा। मरम्मत पर 6.45 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
इस परियोजना के अंतर्गत सड़क की ऊपरी सतह को मजबूत करने, गड्ढों की मरम्मत, क्रैक फिलिंग, नई परत बिछाने और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करने का काम किया जाएगा। इस परियोजना में सड़क की सतह को नया रूप दिया जाएगा।
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वन टाइम ट्रीटमेंट का उद्देश्य सड़क को एक बार में पूरी तरह से बेहतर स्थिति में लाना है ताकि आने वाले वर्षों तक उसे बड़े रखरखाव की आवश्यकता न पड़े।
धारूहेड़ा बाईपास औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण यहां भारी वाहनों की आवाजाही रहती है जिससे सड़क पर दबाव अधिक रहता है। ऐसे में वन टाइम ट्रीटमेंट से सड़क की आयु बढ़ेगी और ट्रैफिक सुचारू रूप से चलेगा। साथ ही आसपास के नालों की भी मरम्मत होगी।
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यहां बारिश होने के बाद जलभराव हो जाता है और कई दिनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है जिससे आवागमन प्रभावित होता है। इसके चलते लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसके साथ ही भिवाड़ी का प्रदूषित पानी भी धारूहेड़ा में आ जाता है जिससे स्थिति काफी गंभीर हो जाती है। कई बार तो दूषित पानी आसपास की कॉलोनियों में पहुंच जाता है।
घरों में पानी घुसने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल करीब 4 किलोमीटर तक की सड़क की दशा सुधारने के लिए विशेष मरम्मत का कार्य किया जाएगा। सड़क की ऊंचाई बढ़ाने का भी कार्य होगा ताकि यहां पर भिवाड़ी का पानी न पहुंचे।
धारूहेड़ा और भिवाड़ी दोनों औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां बड़ी संख्या में वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। कंपनियों के कर्मचारी भी आते जाते हैं। इसके कारण यह सड़क काफी मायने रखती है।
पिछले दिनों बारिश के बाद हाईवे पर हुआ था जलभराव
बारिश होने के बाद धारूहेड़ा-भिवाड़ी बाईपास पर जलभराव होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गया है। राजस्थान के भिवाड़ी और धारूहेड़ा को जोड़ने वाला हाईवे संख्या 919 पूरी तरह से जलमग्न हैं। हालत ये है कि दोपहिया वाहन चालक कड़ी मशक्कत के बाद ही आ जा सकते हैं। चार पहिया वाहन चालक जैसे तैसे हिम्मत करके यहां से गुजरने की कोशिश तो जरूर कर रहे थे लेकिन गाड़ी बीच में फंसने से काफी परेशानी हो रही थी। हाल ही में दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में जलभराव की समस्या दूर करने पर चर्चा की गई थी। अभी यहां पर विवाद जारी है। समाधान नहीं हो रहा है।
धारूहेड़ा सीमा में 2023 में बनाया गया था रैंप
भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी आने की शिकायत दो दशक पुरानी है। इसी को लेकर प्रशासन की ओर से धारूहेड़ा-भिवाड़ी के बीच एनएच 919 पर एक रैंप बनाया गया था। जुलाई 2023 में हरियाणा के तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने अलवर और रेवाड़ी के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की थी और उन्हें दूषित पानी के प्रवाह को रोकने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया था। राजस्थान के अफसरों ने इस पानी के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया। 2023 में तिजारा विधायक बाबा बालक नाथ नवंबर माह में रैंप को तोड़ने के लिए पहुंचे थे लेकिन प्रशासनिक दखल के बाद वह लौट गए थे। 2024 में राजस्थान पुलिस की तरफ से सीमा पर बैरिकेड लगाने को लेकर भी धारूहेड़ा पुलिस के साथ धक्का मुक्का हो चुकी थी तब भी काफी विवाद हुआ था। इस वर्ष भी काफी विवाद हुआ। भिवाड़ी में महापंचायत कर रैंप तोड़ने की चेतावनी दी गई थी। अब मामला केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के पास है।
वर्जन
एनएच 919 की मरम्मत का टेंडर जारी किया गया है। कुछ जगहों पर नाले की मरम्मत का भी कार्य किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। -सुरेंद्र सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।