{"_id":"68599bff4998851e930cefee","slug":"new-electricity-rates-and-fixed-charges-are-disastrous-for-small-industries-dabla-rewari-news-c-198-1-rew1001-221542-2025-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई बिजली दरें और फिक्स्ड चार्ज छोटे उद्योगों के लिए है विनाशकारी : डाबला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई बिजली दरें और फिक्स्ड चार्ज छोटे उद्योगों के लिए है विनाशकारी : डाबला
Mon, 23 Jun 2025 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 23 Jun 2025 11:55 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कांग्रेस नेता ओमप्रकाश डाबला ने सरकार की एक अप्रैल 2025 से लागू की गई नई बिजली दरें और फिक्स्ड चार्ज को प्रदेश की जनता, छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए विनाशकारी बताया है। उन्होंने कहा कि यह नीतियां न केवल जनविरोधी हैं, बल्कि आर्थिक रूप से कमर तोड़ने वाली भी है।
उन्होंने कहा है कि हरियाणा में बिजली तीन गुना महंगी हो गई है। सरकार के इस फैसले से उद्योगों का पलायन होगा। सरकार की नई बिजली दरें छोटे उद्योगों, किसानों और आम जनता पर आर्थिक हमला है।
सरकार ने अब 10 किलोवाट से अधिक लोड लेने वाले उपभोक्ताओं पर 250 प्रति किलोवाट प्रति माह का फिक्स्ड चार्ज लगा दिया है। इसका सीधा असर प्रदेश के हजारों छोटे उद्योगों पर पड़ेगा, जिनके पास आमतौर पर 20 से 100 किलोवाट तक का लोड होता है।
विज्ञापन
उदाहरण के लिए यदि किसी छोटे उद्योग के पास 100 किलोवाट का लोड है तो उसे 25,000 प्रतिमाह केवल फिक्स चार्ज देना होगा यह सरासर अन्याय और आर्थिक शोषण है।
इससे पहले ही प्रदेश सरकार बिजली कंपनियों से लगभग तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद रही है, लेकिन छोटे उद्योगपतियों को 6.50 से 7.50 प्रति यूनिट दर से बिजली बेची जा रही है। ऊपर से यह भारी भरकम फिक्स्ड चार्ज लगाना एक प्रकार का आर्थिक दमन है।
विज्ञापन
रेवाड़ी। कांग्रेस नेता ओमप्रकाश डाबला ने सरकार की एक अप्रैल 2025 से लागू की गई नई बिजली दरें और फिक्स्ड चार्ज को प्रदेश की जनता, छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए विनाशकारी बताया है। उन्होंने कहा कि यह नीतियां न केवल जनविरोधी हैं, बल्कि आर्थिक रूप से कमर तोड़ने वाली भी है।
उन्होंने कहा है कि हरियाणा में बिजली तीन गुना महंगी हो गई है। सरकार के इस फैसले से उद्योगों का पलायन होगा। सरकार की नई बिजली दरें छोटे उद्योगों, किसानों और आम जनता पर आर्थिक हमला है।
विज्ञापन
सरकार ने अब 10 किलोवाट से अधिक लोड लेने वाले उपभोक्ताओं पर 250 प्रति किलोवाट प्रति माह का फिक्स्ड चार्ज लगा दिया है। इसका सीधा असर प्रदेश के हजारों छोटे उद्योगों पर पड़ेगा, जिनके पास आमतौर पर 20 से 100 किलोवाट तक का लोड होता है।
विज्ञापन
उदाहरण के लिए यदि किसी छोटे उद्योग के पास 100 किलोवाट का लोड है तो उसे 25,000 प्रतिमाह केवल फिक्स चार्ज देना होगा यह सरासर अन्याय और आर्थिक शोषण है।
इससे पहले ही प्रदेश सरकार बिजली कंपनियों से लगभग तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद रही है, लेकिन छोटे उद्योगपतियों को 6.50 से 7.50 प्रति यूनिट दर से बिजली बेची जा रही है। ऊपर से यह भारी भरकम फिक्स्ड चार्ज लगाना एक प्रकार का आर्थिक दमन है।