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Rewari News: मरम्मत के चार माह बाद ही जर्जर हो गया न्यू बाईपास
Sat, 14 Sep 2024 01:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 14 Sep 2024 01:55 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के न्यू बाईपास (नारनौल-झज्जर रोड) की मरम्मत चार माह पहले की गई थी। अब फिर यह रोड जर्जर हो गई है और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इस बाईपास की ये हालत तब है, जब अधिकृत तौर पर यह रोड ट्रैफिक के लिए खुली भी नहीं है। यानी अभी इस पर अपेक्षित वाहन नहीं गुजर रहे हैं।
यह रोड डंपर और अन्य भारी मालवाहक वाहनों का दबाव नहीं झेल पा रही है। जबकि किसी भी महत्वपूर्ण फोरलेन रोड इसी क्षमता के साथ बनाई जाती है कि वह डंपर और भारी मालवाहक वाहनों का भार झेल सके। 4 माह पहले खस्ताहाल रोड दुरुस्त कीगई थी लेकिन अब फिर सड़क जर्जर हो गई है। हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम (एचएसआरडीसी) की ओर से इसका निर्माण कराया जा रहा है।
शहर में भारी वाहनों के लिए रात 9 से पहले व सुबह 7 बजे के बाद नो-एंट्री टाइम है। रात को बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं। 400-500 या इससे भी अधिक संख्या में डंपर निकलते हैं, जो कि माल से भरे होते हैं। बेशक रोड पूरी क्षमता से नहीं खुला, मगर शहर की नो-एंट्री के चलते डंपर बाइपास से गुजरने शुरू हो चुके हैं। डंपरों के चलते रोड जल्द टूट रही है। बाइपास पूरी तरह खुलने के बाद डंपर और अधिक संख्या में दौड़ेंगे। क्योंकि, रेवाड़ी-पटौदी गुड़गांव (एनएच-352 डब्ल्यूए) निर्माणाधीन है, जो कि जल्द बनने की उम्मीद है। इसके बाद डंपर बाइपास से एनएच-352 व एनएच-352 डब्ल्यूए व एनएच-48 की ओर जा सकेंगे। इससे बाइपास पर ट्रैफिक दबाव बढ़ेगा। ऐसे में रोड की गुणवत्ता खराब हुई तो यह बड़ी मुसीबत बन जाएगा।
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फैक्ट फाइल: 2018 में बाईपास का शिलान्यास हुआ। 2020 में पूरा होना था, मगर कोविड के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया। 200 करोड़ से अधिक से निर्माण हो रहा है। 2 हाईवे समेत 3 मुख्य सड़कों को सीधा जोड़ेगा। 2024 के अंत तक यह बनकर तैयार हो जाएगा।
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घटिया निर्माण सामग्री लगाने की शिकायत
बाईपास पर घटिया स्तर की निर्माण सामग्री इस्तेमाल होने की बात सामने आ रही है। इससे पूरे बाईपास की गुणवत्ता ही सवालों में घिर सकती है। हालांकि, एचएसआरडीसी की ओर से हल्की स्तर की सामग्री को बदलने के आदेश दिए हैं। अभी ठेकेदार जवाबदेह है, इसलिए वह रोड दुरुस्त करने का काम कराएगा। मगर सवाल ये है कि यदि घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल हुई है तो वह कुछ जगह की बजाय सभी जगह इस्तेमाल होने का भी पूरा अंदेशा है। स्थानीय लोग मैटीरियल की टेस्टिंग की भी मांग उठा रहे हैं।
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वर्जन
बाईपास का कार्य अंतिम चरण में है। ठेकेदार जवाब देह है, वहीं रोड को सुधारेगा। जहां सामग्री बदलने की जरूरत है, वहां की जा रही है। रही बात बाईपास के अधूरे फ्लाई ओवर की तो उसे भी जल्द पूरा करा दिया जाएगा। - सोमवीर दहिया, डीजीएम, एचएसआरडीसी।
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रेवाड़ी। शहर के न्यू बाईपास (नारनौल-झज्जर रोड) की मरम्मत चार माह पहले की गई थी। अब फिर यह रोड जर्जर हो गई है और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इस बाईपास की ये हालत तब है, जब अधिकृत तौर पर यह रोड ट्रैफिक के लिए खुली भी नहीं है। यानी अभी इस पर अपेक्षित वाहन नहीं गुजर रहे हैं।
यह रोड डंपर और अन्य भारी मालवाहक वाहनों का दबाव नहीं झेल पा रही है। जबकि किसी भी महत्वपूर्ण फोरलेन रोड इसी क्षमता के साथ बनाई जाती है कि वह डंपर और भारी मालवाहक वाहनों का भार झेल सके। 4 माह पहले खस्ताहाल रोड दुरुस्त कीगई थी लेकिन अब फिर सड़क जर्जर हो गई है। हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम (एचएसआरडीसी) की ओर से इसका निर्माण कराया जा रहा है।
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शहर में भारी वाहनों के लिए रात 9 से पहले व सुबह 7 बजे के बाद नो-एंट्री टाइम है। रात को बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं। 400-500 या इससे भी अधिक संख्या में डंपर निकलते हैं, जो कि माल से भरे होते हैं। बेशक रोड पूरी क्षमता से नहीं खुला, मगर शहर की नो-एंट्री के चलते डंपर बाइपास से गुजरने शुरू हो चुके हैं। डंपरों के चलते रोड जल्द टूट रही है। बाइपास पूरी तरह खुलने के बाद डंपर और अधिक संख्या में दौड़ेंगे। क्योंकि, रेवाड़ी-पटौदी गुड़गांव (एनएच-352 डब्ल्यूए) निर्माणाधीन है, जो कि जल्द बनने की उम्मीद है। इसके बाद डंपर बाइपास से एनएच-352 व एनएच-352 डब्ल्यूए व एनएच-48 की ओर जा सकेंगे। इससे बाइपास पर ट्रैफिक दबाव बढ़ेगा। ऐसे में रोड की गुणवत्ता खराब हुई तो यह बड़ी मुसीबत बन जाएगा।
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फैक्ट फाइल: 2018 में बाईपास का शिलान्यास हुआ। 2020 में पूरा होना था, मगर कोविड के कारण काम आगे नहीं बढ़ पाया। 200 करोड़ से अधिक से निर्माण हो रहा है। 2 हाईवे समेत 3 मुख्य सड़कों को सीधा जोड़ेगा। 2024 के अंत तक यह बनकर तैयार हो जाएगा।
घटिया निर्माण सामग्री लगाने की शिकायत
बाईपास पर घटिया स्तर की निर्माण सामग्री इस्तेमाल होने की बात सामने आ रही है। इससे पूरे बाईपास की गुणवत्ता ही सवालों में घिर सकती है। हालांकि, एचएसआरडीसी की ओर से हल्की स्तर की सामग्री को बदलने के आदेश दिए हैं। अभी ठेकेदार जवाबदेह है, इसलिए वह रोड दुरुस्त करने का काम कराएगा। मगर सवाल ये है कि यदि घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल हुई है तो वह कुछ जगह की बजाय सभी जगह इस्तेमाल होने का भी पूरा अंदेशा है। स्थानीय लोग मैटीरियल की टेस्टिंग की भी मांग उठा रहे हैं।
वर्जन
बाईपास का कार्य अंतिम चरण में है। ठेकेदार जवाब देह है, वहीं रोड को सुधारेगा। जहां सामग्री बदलने की जरूरत है, वहां की जा रही है। रही बात बाईपास के अधूरे फ्लाई ओवर की तो उसे भी जल्द पूरा करा दिया जाएगा। - सोमवीर दहिया, डीजीएम, एचएसआरडीसी।