{"_id":"66008b0293f35d0e580c8c94","slug":"need-to-save-indian-knowledge-dr-samriddhi-rewari-news-c-198-1-rew1001-202475-2024-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय ज्ञान को सहेजने की जरूरत : डॉ. समृद्धि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय ज्ञान को सहेजने की जरूरत : डॉ. समृद्धि
विज्ञापन
संवाद न्यूज ऐंजेसी
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विभाग की ओर से भारतीय ज्ञान प्रणाली पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर डॉ. गगन दीप शर्मा एवं आईजीयू वाणिज्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. ईश्वर शर्मा रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगीत के साथ किया गया। डॉ. समृद्धि ने अतिथियों का स्वागत किया गया। उन्होंने भारतीय ज्ञान को सहेज कर रखने की जरूरत पर बल दिया। कहा कि भारत पुरातन काल से ही वनस्पति विज्ञान, आयुर्वेद, अर्थशास्त्र और आर्किटेक्चर का ज्ञाता रहा है। हमारे वेद, महाभारत, रामायण जैसे ग्रंथों और हड़प्पा व मोहन जोदड़ो जैसी सभ्यताओं के अध्ययन से हमें इनके साक्ष्य प्राप्त होते हैं। आज फिर से इस ज्ञान को समझने और सहेजने की आवश्यकता है। डॉ. ईश्वर शर्मा ने सत्र की शुरुआत प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की झलक के साथ की।
डॉ. गगन दीप शर्मा ने मूल्य और कौशल क्षेत्र का वर्णन किया। उन्होंने समझाया कि मानव को जीवन में क्या करना है और कैसे करना है, इन दो प्रश्नों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जीवन शैली के 4 मुख्य पहलुओं पर जोर दिया जो हैं: सामग्री, पौधे, पशु और ज्ञान क्रम। उन्होंने संपूर्ण अस्तित्व और जीवन में खुशी और सद्भाव के माध्यम से स्वयं को जानने की प्रक्रिया के बारे में अपने विचार रखे। सेमिनार के समापन के बाद प्रबंधन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. भारती ने कुलपति प्रो. जेपी यादव, कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार, विभागाध्यक्षों, संकाय अध्यक्षों, सत्र में भाग लेने वाले सभी अध्यापकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया।
विज्ञापन
सेमिनार में राजनीति विज्ञान, प्रबंधन और राव बहादुर सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रेवाड़ी के 200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इस मौके पर राजनीति शास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश यादव, कंवर सिंह व अदिति शर्मा समेत प्रबंधन विभाग के सभी रिसर्च स्कॉलर पूजा यादव, पूजा शर्मा, ज्योति दहिनवाल, नेहा, नीतू, प्रियंका, ज्योति यादव और सुरभि व राजनीति विज्ञान विभाग से डॉ. पवन, अंशू, पंकज और कमलेश उपस्थित रहे
विज्ञापन
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में प्रबंधन विभाग की ओर से भारतीय ज्ञान प्रणाली पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर डॉ. गगन दीप शर्मा एवं आईजीयू वाणिज्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. ईश्वर शर्मा रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगीत के साथ किया गया। डॉ. समृद्धि ने अतिथियों का स्वागत किया गया। उन्होंने भारतीय ज्ञान को सहेज कर रखने की जरूरत पर बल दिया। कहा कि भारत पुरातन काल से ही वनस्पति विज्ञान, आयुर्वेद, अर्थशास्त्र और आर्किटेक्चर का ज्ञाता रहा है। हमारे वेद, महाभारत, रामायण जैसे ग्रंथों और हड़प्पा व मोहन जोदड़ो जैसी सभ्यताओं के अध्ययन से हमें इनके साक्ष्य प्राप्त होते हैं। आज फिर से इस ज्ञान को समझने और सहेजने की आवश्यकता है। डॉ. ईश्वर शर्मा ने सत्र की शुरुआत प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की झलक के साथ की।
विज्ञापन
डॉ. गगन दीप शर्मा ने मूल्य और कौशल क्षेत्र का वर्णन किया। उन्होंने समझाया कि मानव को जीवन में क्या करना है और कैसे करना है, इन दो प्रश्नों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जीवन शैली के 4 मुख्य पहलुओं पर जोर दिया जो हैं: सामग्री, पौधे, पशु और ज्ञान क्रम। उन्होंने संपूर्ण अस्तित्व और जीवन में खुशी और सद्भाव के माध्यम से स्वयं को जानने की प्रक्रिया के बारे में अपने विचार रखे। सेमिनार के समापन के बाद प्रबंधन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. भारती ने कुलपति प्रो. जेपी यादव, कुलसचिव प्रो. प्रमोद कुमार, विभागाध्यक्षों, संकाय अध्यक्षों, सत्र में भाग लेने वाले सभी अध्यापकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया।
विज्ञापन
सेमिनार में राजनीति विज्ञान, प्रबंधन और राव बहादुर सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रेवाड़ी के 200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इस मौके पर राजनीति शास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश यादव, कंवर सिंह व अदिति शर्मा समेत प्रबंधन विभाग के सभी रिसर्च स्कॉलर पूजा यादव, पूजा शर्मा, ज्योति दहिनवाल, नेहा, नीतू, प्रियंका, ज्योति यादव और सुरभि व राजनीति विज्ञान विभाग से डॉ. पवन, अंशू, पंकज और कमलेश उपस्थित रहे