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Rewari News: स्वतंत्रता दिवस पर एल्ब्रुस की चोटी पर तिरंगा फहराएंगे नरेंद्र यादव
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फोटो: 10रेवाड़ी। नरेंद्र सिंह यादव, पर्वतारोही
रेवाड़ी। भारत के युवा पर्वतारोही व कोसली के नेहरूगढ़ गांव से ताल्लुक रखने वाले नरेंद्र सिंह यादव जिन्होंने सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़कर भारत का नाम विश्व पटल पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित किया है, अब स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के पावन अवसर पर यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस को तीसरी बार फतह करने जा रहे हैं।
इससे पहले वे इस चोटी पर वर्ष 2017 और 2023 में सफल चढ़ाई कर चुके हैं। इस बार वे इस पर्वत को तीसरी बार फतह कर सबसे अधिक बार चढ़ने वाले पहले भारतीय बनेंगे। इस विशेष अभियान के लिए वे 6 अगस्त को भारत से रूस रवाना होंगे, जहां वे विश्व के अन्य पर्वतारोहियों के साथ इस अभियान का हिस्सा बनेंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय टीम का नेतृत्व नरेंद्र करेंगे जो भारत के लिए गर्व की बात है। और जब वे 15 अगस्त को एल्ब्रुस की चोटी पर तिरंगा फहराएंगे। उन्होंने एवरेस्ट पर दो बार चढ़ाई की, जिसमें एक बार बिना किसी पूर्व अनुकूलन के मात्र छह दिनों में चढ़ाई कर सबको चौंका दिया।
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उनकी पर्वतारोहण यात्रा 12 वर्ष की उम्र में शुरू हुई थी और आज तक उन्होंने 23 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। दिसंबर 2024 में उन्होंने 30 वर्ष और 10 दिन की उम्र में सेवन समिट्स पूरी करके सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के पहले पुरुष पर्वतारोही बनकर नया रिकॉर्ड बनाया। अब उनकी अंतिम दौड़ परशुराम कुंड (अरुणाचल प्रदेश) से अयोध्या जी तक जनवरी 2026 में शुरू होगी। यह संपूर्ण अभियान प्रभु श्रीराम को समर्पित है।
नरेंद्र एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम को पूरा करने की तैयारी में हैं, जिसमें सातों महाद्वीपों की चोटियों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचना शामिल है। इसके साथ ही वे सातों महाद्वीपों के ज्वालामुखी पर्वतों पर भी चढ़ाई कर भारत का नाम विश्व स्तर पर फिर से रोशन करना चाहते हैं।
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इससे पहले वे इस चोटी पर वर्ष 2017 और 2023 में सफल चढ़ाई कर चुके हैं। इस बार वे इस पर्वत को तीसरी बार फतह कर सबसे अधिक बार चढ़ने वाले पहले भारतीय बनेंगे। इस विशेष अभियान के लिए वे 6 अगस्त को भारत से रूस रवाना होंगे, जहां वे विश्व के अन्य पर्वतारोहियों के साथ इस अभियान का हिस्सा बनेंगे।
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इस अंतरराष्ट्रीय टीम का नेतृत्व नरेंद्र करेंगे जो भारत के लिए गर्व की बात है। और जब वे 15 अगस्त को एल्ब्रुस की चोटी पर तिरंगा फहराएंगे। उन्होंने एवरेस्ट पर दो बार चढ़ाई की, जिसमें एक बार बिना किसी पूर्व अनुकूलन के मात्र छह दिनों में चढ़ाई कर सबको चौंका दिया।
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उनकी पर्वतारोहण यात्रा 12 वर्ष की उम्र में शुरू हुई थी और आज तक उन्होंने 23 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। दिसंबर 2024 में उन्होंने 30 वर्ष और 10 दिन की उम्र में सेवन समिट्स पूरी करके सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के पहले पुरुष पर्वतारोही बनकर नया रिकॉर्ड बनाया। अब उनकी अंतिम दौड़ परशुराम कुंड (अरुणाचल प्रदेश) से अयोध्या जी तक जनवरी 2026 में शुरू होगी। यह संपूर्ण अभियान प्रभु श्रीराम को समर्पित है।
नरेंद्र एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम को पूरा करने की तैयारी में हैं, जिसमें सातों महाद्वीपों की चोटियों के साथ-साथ उत्तर और दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचना शामिल है। इसके साथ ही वे सातों महाद्वीपों के ज्वालामुखी पर्वतों पर भी चढ़ाई कर भारत का नाम विश्व स्तर पर फिर से रोशन करना चाहते हैं।