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लॉकडाउन की आहट से घर लौटने लगे प्रवासी श्रमिक

Sun, 18 Apr 2021 10:28 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 18 Apr 2021 10:28 PM IST
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Migrant workers started returning home due to lockdown
कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने के चलते हरियाणा सहित कई राज्यों में रात्रि कर्फ्यू और वीक एंड लॉकडाउन लगा दिया गया है। इसे देखते हुए काम के सिलसिले में जिले के बावल व धारूहेड़ा पहुंचे श्रमिकों ने फिर से पलायन शुरू कर दिया है। पिछले करीब एक सप्ताह से श्रमिकों के पलायन का दौर जारी है और प्रतिदिन रात को 90 से 100 श्रमिक घर वापसी कर रहे हैं। कुछ श्रमिक तो ऐसे हैं, जो करीब दो माह पहले ही आए थे और अब वे बिना कमाई किए ही घर लौट रहे हैं। फिलहाल ज्यादातर बिहार और उत्तर-प्रदेश के श्रमिक जा रहे हैं।
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जिले में तीन माह में 20 हजार से अधिक श्रमिकों ने वापसी की थी। ये प्रवासी श्रमिक फैक्ट्रियों, कारखानों, ईंट भट्ठों, क्रशरों और खेतों में फसल कटाई और कढ़ाई के लिए जिले में आए थे। श्रमिकों को अब लॉकडाउन लगने की आशंका है और इसके चलते वे घरों को वापसी करने लगे हैं। श्रमिकों का कहना है कि अगर लॉकडाउन लग गया तो वे जिले में ही फंस जाएंगे। इससे बेहतर है कि वे समय रहते अपने घर लौट जाएं और वहां जाकर कोई और काम ढूंढ लेंगे। श्रमिकों का कहना है कि घर पहुंचने के बाद वो लॉकडाउन में परिवार के साथ तो रह सकेंगे।
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ज्यादातर प्रवासी श्रमिक बिहार और यूपी से
जानकारी के अनुसार बावल औद्योगिक क्षेत्र के बनीपुर व जलियावास आदि स्थानों से रोजाना जाने वाली प्राइवेट बसों में प्रवासी श्रमिक जिले को छोड़कर घर वापसी कर रहे हैं। हर रोज करीब 100 से 150 श्रमिक इन बसों के जरिये कानपुर, लखनऊ, भौपाल, इंदौर और दिल्ली जा रहे हैं।
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पहले लॉकडाउन में प्रशासन ने करवाई थी 15 हजार श्रमिकों की घर वापसी
मार्च 2020 में लगे लॉकडाउन के दौरान जिले में 15 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक फंस गए थे। जिला प्रशासन ने उस समय अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए इनकी घर वापसी करवाई। इन श्रमिकों को बसों और स्पेशल ट्रेनों के जरिये उनके शहर और गांव तक छुड़वाया गया।
श्रमिक बोले
बढ़ रहा संक्रमण, लॉकडाउन लगने से पहले घर पहुंचना बेहतर
कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और हमारे सुनने में आया है कि फिर से लॉकडाउन लागू होगा। इसके चलते हम वापस अपने गांव लौट रहे हैं। यहां करीब पांच माह पहले काम की तलाश में आए थे।
आसिफ खान, बिहार
हम करीब करीब छह माह पहले यहां काम की तलाश में आए थे। पहले खेतों में फसल कटाई का काम किया,उसके बाद फैक्ट्री में भी काम मिल गया था। लेकिन अब कभी भी लॉकडाउन लग सकता है और इसलिए हम समय रहते घर वापसी कर रहे हैं।
तंजीर, बिहार
मैं करीब पांच माह पूर्व यहां आया था। एक कंपनी में काम भी मिल गया, लेकिन लॉकडाउन लगने की आशंका है और इसके कारण वापस बिहार लौट रहे हैं। पिछली दफा कई दिन तक जिले में ही फंसे रहे थे।

रमजीन, बिहार
कभी भी लॉकडाउन लग सकता है और इसके कारण हम यहीं फंस जाएंगे। समय रहते हम घर वापसी कर रहे हैं। पहले दिल्ली जाएंगे और वहां से ट्रेन पकड़कर घर वापसी करेंगे।
बबलू, बिहार
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