{"_id":"6adbb10bb62e0615790977c7","slug":"methods-for-protecting-students-from-cyber-fraud-explained-rewari-news-c-198-1-rew1001-247622-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के बताए तरीके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के बताए तरीके
Sat, 24 Oct 2026 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:40 AM IST
विज्ञापन
व्हाट्सएप हैकिंग से बचाव के लिए जागरूक करती पुलिस की टीम। स्रोत : पुलिस
कोसली। रोहड़ाई पुलिस की ओर से गांव गुरावड़ा स्थित शहीद लांस नायक होशियार सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचाव के तरीके बताए गए। पीएसआई नवीन कुमार ने 150 विद्यार्थियों को व्हाट्सएप हैकिंग, सोशल मीडिया अकाउंट टेकओवर और साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए।
उन्होंने बताया कि साइबर ठग फिशिंग लिंक, स्क्रीन शेयरिंग और धोखे से ओटीपी या डिवाइस लिंकिंग कोड हासिल कर लोगों के व्हाट्सएप व सोशल मीडिया अकाउंट पर नियंत्रण कर लेते हैं। इसके बाद वे पीड़ित के परिचितों को बीमारी या आपात स्थिति का बहाना बनाकर पैसे मांग सकते हैं। निजी जानकारी का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग भी की जा सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे किसी के साथ ओटीपी, व्हाट्सएप रजिस्ट्रेशन कोड या डिवाइस लिंकिंग कोड साझा न करें। व्हाट्सएप की लिंक्ड डिवाइसेस सेटिंग की नियमित जांच करें और अनजान डिवाइस दिखाई देने पर उसे लॉगआउट कर दें।
विज्ञापन
सभी सोशल मीडिया अकाउंट पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें। अनजान लिंक और एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें। साथ ही, किसी के कहने पर कॉल फॉरवर्डिंग से जुड़े कोड डायल न करें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई। पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि साइबर ठग फिशिंग लिंक, स्क्रीन शेयरिंग और धोखे से ओटीपी या डिवाइस लिंकिंग कोड हासिल कर लोगों के व्हाट्सएप व सोशल मीडिया अकाउंट पर नियंत्रण कर लेते हैं। इसके बाद वे पीड़ित के परिचितों को बीमारी या आपात स्थिति का बहाना बनाकर पैसे मांग सकते हैं। निजी जानकारी का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग भी की जा सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे किसी के साथ ओटीपी, व्हाट्सएप रजिस्ट्रेशन कोड या डिवाइस लिंकिंग कोड साझा न करें। व्हाट्सएप की लिंक्ड डिवाइसेस सेटिंग की नियमित जांच करें और अनजान डिवाइस दिखाई देने पर उसे लॉगआउट कर दें।
विज्ञापन
सभी सोशल मीडिया अकाउंट पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें। अनजान लिंक और एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें। साथ ही, किसी के कहने पर कॉल फॉरवर्डिंग से जुड़े कोड डायल न करें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई। पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी।