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Rewari News: पदक विजेता निशानेबाज चहक का किया स्वागत
Sun, 08 Feb 2026 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:10 AM IST
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रेवाड़ी में पहुंचने पर चहक का स्वागत करते लोग। स्रोत : कोच
रेवाड़ी। दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 2 फरवरी से आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली निशानेबाज चहक यादव का रेवाड़ी पहुंचने पर स्वागत किया गया।
अंतरराष्ट्रीय कोच रमन राव के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रही चहक ने चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दो पदक अपने नाम किए। इस प्रतियोगिता में 20 एशियाई देशों के करीब 300 खिलाड़ी अपने-अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
पांच ट्रायल के आधार पर चयनित होकर चहक को भारतीय टीम में जगह मिली थी। अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय डेब्यू में चहक ने 10 मीटर एयर पिस्टल यूथ वूमेन वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत कांस्य पदक जीता। वहीं भारतीय टीम के साथ खेलते हुए स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया।
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कोच रमन राव ने बताया कि चहक का चयन पिछले वर्ष भी इंटरनेशनल चैंपियनशिप के लिए हुआ था लेकिन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की नीति के अनुसार अंडर-19 यूथ वर्ग के खिलाड़ियों को अपने खर्चे पर प्रतियोगिता में भाग लेना पड़ता है।
इसका खर्च लगभग दो लाख रुपये आता है। इस कारण चहक उस समय भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकी। हालांकि इस बार चहक यह अवसर मिला और उन्होंने इसे पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ भुनाया।
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मात्र 12 वर्ष की उम्र में शूटिंग की शुरुआत की
कोच ने बताया कि चहक ने मात्र 12 वर्ष की उम्र में शूटिंग कॅरिअर की शुरुआत की थी। इससे पहले वह तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं। चहक ने अब तक सेकंड हैंड पिस्टल से अभ्यास कर प्रतियोगिताएं जीती हैं। पिछले साल एक समय ऐसा भी आया जब चहक ने शूटिंग छोड़ने का मन बना लिया था लेकिन कोच के प्रोत्साहन और परिवार के समर्थन से उसने कुछ और समय मैदान में डटे रहने का निर्णय लिया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
चहक ने 574 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया
कोच रमन राव ने बताया कि क्वालीफिकेशन राउंड में चहक ने 600 में से 574 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके बाद टॉप-8 खिलाड़ियों के बीच खेले गए नॉकआउट फाइनल में बेहतरीन खेल दिखाते हुए कांस्य पदक जीता। टीम इवेंट में चहक ने सर्वाधिक स्कोर कर भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस स्पर्धा में कजाकिस्तान को रजत और मालदीव को कांस्य पदक मिला।
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अंतरराष्ट्रीय कोच रमन राव के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रही चहक ने चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए दो पदक अपने नाम किए। इस प्रतियोगिता में 20 एशियाई देशों के करीब 300 खिलाड़ी अपने-अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
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पांच ट्रायल के आधार पर चयनित होकर चहक को भारतीय टीम में जगह मिली थी। अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय डेब्यू में चहक ने 10 मीटर एयर पिस्टल यूथ वूमेन वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत कांस्य पदक जीता। वहीं भारतीय टीम के साथ खेलते हुए स्वर्ण पदक भी अपने नाम किया।
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कोच रमन राव ने बताया कि चहक का चयन पिछले वर्ष भी इंटरनेशनल चैंपियनशिप के लिए हुआ था लेकिन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की नीति के अनुसार अंडर-19 यूथ वर्ग के खिलाड़ियों को अपने खर्चे पर प्रतियोगिता में भाग लेना पड़ता है।
इसका खर्च लगभग दो लाख रुपये आता है। इस कारण चहक उस समय भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकी। हालांकि इस बार चहक यह अवसर मिला और उन्होंने इसे पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ भुनाया।
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मात्र 12 वर्ष की उम्र में शूटिंग की शुरुआत की
कोच ने बताया कि चहक ने मात्र 12 वर्ष की उम्र में शूटिंग कॅरिअर की शुरुआत की थी। इससे पहले वह तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं। चहक ने अब तक सेकंड हैंड पिस्टल से अभ्यास कर प्रतियोगिताएं जीती हैं। पिछले साल एक समय ऐसा भी आया जब चहक ने शूटिंग छोड़ने का मन बना लिया था लेकिन कोच के प्रोत्साहन और परिवार के समर्थन से उसने कुछ और समय मैदान में डटे रहने का निर्णय लिया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
चहक ने 574 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया
कोच रमन राव ने बताया कि क्वालीफिकेशन राउंड में चहक ने 600 में से 574 अंक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके बाद टॉप-8 खिलाड़ियों के बीच खेले गए नॉकआउट फाइनल में बेहतरीन खेल दिखाते हुए कांस्य पदक जीता। टीम इवेंट में चहक ने सर्वाधिक स्कोर कर भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस स्पर्धा में कजाकिस्तान को रजत और मालदीव को कांस्य पदक मिला।