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Rewari News: माजरा एम्स को 24 घंटे निर्बाध होगी बिजली आपूर्ति
Sun, 05 Jul 2026 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 05 Jul 2026 12:09 AM IST
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रेवाड़ी। माजरा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) परिसर को अब चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। बिजली निगम ने एम्स के लिए दूसरी वैकल्पिक (अल्टरनेट) बिजली लाइन भी सफलतापूर्वक चालू कर दी है। इसके साथ ही किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में भी एम्स की बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी। इस व्यवस्था के बाद आगामी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं शुरू होने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
बिजली निगम के अनुसार पहले गोठड़ा सब-स्टेशन से 33 केवी की डेडिकेटेड लाइन शुरू की गई थी। अब 132 केवी बुड़ौली सब-स्टेशन से दूसरी वैकल्पिक लाइन भी चालू कर दी गई है। दोनों लाइनों के संचालन से एम्स परिसर को डबल पावर बैकअप मिल गया है, जिससे बिना ट्रिपिंग के लगातार बिजली उपलब्ध रहेगी।
एम्स परियोजना के साथ-साथ क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से निर्माणाधीन 33 केवी निमोठ पावर हाउस का कार्य पूरा होने के बाद इसे भी चालू कर दिया गया है। यह सब-स्टेशन सीधे 132 केवी बुड़ौली ग्रिड से जोड़ा गया है, जिससे बिजली लाइनों पर लोड का संतुलन बेहतर होगा और आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी।
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निमोठ पावर हाउस शुरू होने से निमोठ, जैनाबाद, ढाणी ठेठरबाद, मोड़ी वाटर सप्लाई, लोहाना तथा धवाना कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या से राहत मिलेगी। विशेष रूप से धवाना क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए निर्धारित समय पर पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
पूरे बिजली नेटवर्क के निर्माण पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गोठड़ा और बुड़ौली सब-स्टेशनों से एम्स तक दोनों लाइनों की कुल लंबाई लगभग 22 किलोमीटर है। इनमें से करीब 11 किलोमीटर लाइन सुरक्षा कारणों से भूमिगत (अंडरग्राउंड) बिछाई गई है, जबकि शेष 11 किलोमीटर ओवरहेड लाइन के रूप में तैयार की गई है।
एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किए
एम्स की भविष्य की बिजली आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दोनों ग्रिड स्टेशनों पर 20/25 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। ये ट्रांसफार्मर भारी विद्युत भार को बिना किसी व्यवधान के संभालने में सक्षम हैं।
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बिजली निगम के अनुसार पहले गोठड़ा सब-स्टेशन से 33 केवी की डेडिकेटेड लाइन शुरू की गई थी। अब 132 केवी बुड़ौली सब-स्टेशन से दूसरी वैकल्पिक लाइन भी चालू कर दी गई है। दोनों लाइनों के संचालन से एम्स परिसर को डबल पावर बैकअप मिल गया है, जिससे बिना ट्रिपिंग के लगातार बिजली उपलब्ध रहेगी।
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एम्स परियोजना के साथ-साथ क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को भी बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से निर्माणाधीन 33 केवी निमोठ पावर हाउस का कार्य पूरा होने के बाद इसे भी चालू कर दिया गया है। यह सब-स्टेशन सीधे 132 केवी बुड़ौली ग्रिड से जोड़ा गया है, जिससे बिजली लाइनों पर लोड का संतुलन बेहतर होगा और आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी।
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निमोठ पावर हाउस शुरू होने से निमोठ, जैनाबाद, ढाणी ठेठरबाद, मोड़ी वाटर सप्लाई, लोहाना तथा धवाना कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या से राहत मिलेगी। विशेष रूप से धवाना क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए निर्धारित समय पर पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
पूरे बिजली नेटवर्क के निर्माण पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गोठड़ा और बुड़ौली सब-स्टेशनों से एम्स तक दोनों लाइनों की कुल लंबाई लगभग 22 किलोमीटर है। इनमें से करीब 11 किलोमीटर लाइन सुरक्षा कारणों से भूमिगत (अंडरग्राउंड) बिछाई गई है, जबकि शेष 11 किलोमीटर ओवरहेड लाइन के रूप में तैयार की गई है।
एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किए
एम्स की भविष्य की बिजली आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दोनों ग्रिड स्टेशनों पर 20/25 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। ये ट्रांसफार्मर भारी विद्युत भार को बिना किसी व्यवधान के संभालने में सक्षम हैं।