{"_id":"623e0d062faee101c43a9f4b","slug":"mahapanchayat-today-in-support-of-anganwadi-workers-rewari-news-rtk642060333","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में महापंचायत आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में महापंचायत आज
विज्ञापन
सुभाष चंद्र बोस पार्क में धरना प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। सुभाष चंद्र बोस पार्क में आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का धरना प्रदर्शन 108 वें दिन भी जारी रहा। जिले में धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान तारा देवी ने की। जिला प्रधान ने बताया कि उन्होंने 25 मार्च तक सरकार के निमंत्रण का इंतजार किया, लेकिन सरकार की तरफ से कोई संदेश नहीं आया। इसलिए 26 मार्च को कलायत में विभिन्न संगठन आंगनबाड़ी के समर्थन में एक बहुत बड़ी पंचायत का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य केवल आंगनबाड़ी आंदोलन का समाधान करवाना होगा।
जिला ने बताया कि सरकार से मांगों को लेकर उनकी सहमती हो चुकी है। किंतु सरकार बर्खास्त आंगनबाड़ी कर्मियों को एक कलम से बहाल करने की बजाय केस-टू केस बहाल करने की बात करके पेंच फंसा रही है। आंगनबाड़ी यूनियन सरकार को ये साफ़ कर देना चाहती है कि जब तक एक-एक वर्कर और हेल्पर बहाल नहीं हो जाती तब तक आंदोलन वापस नहीं होगा। चाहे सरकार समझौता करने में कितना ही समय लगा दे।
प्रधान ने बताया कि सरकार मांगों पर सहमत होने के बावजूद दमन का रास्ता अपना रही है और विभाग द्वारा आंदोलनरत आंगनबाड़ी कर्मियों को डरा रही है और जबरदस्ती ज्वाईन कराके आंदोलन को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन सरकार की ये नीति सफल नहीं होने वाली है। आंगनबाड़ी कर्मियों के इस आंदोलन में एआईयूटीयूसी के कामरेड राजेंद्र, कामरेड बलराम के साथ संतोष, बिंदु, पवित्रा, मुकेश, सीता, कविता सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला ने बताया कि सरकार से मांगों को लेकर उनकी सहमती हो चुकी है। किंतु सरकार बर्खास्त आंगनबाड़ी कर्मियों को एक कलम से बहाल करने की बजाय केस-टू केस बहाल करने की बात करके पेंच फंसा रही है। आंगनबाड़ी यूनियन सरकार को ये साफ़ कर देना चाहती है कि जब तक एक-एक वर्कर और हेल्पर बहाल नहीं हो जाती तब तक आंदोलन वापस नहीं होगा। चाहे सरकार समझौता करने में कितना ही समय लगा दे।
विज्ञापन
प्रधान ने बताया कि सरकार मांगों पर सहमत होने के बावजूद दमन का रास्ता अपना रही है और विभाग द्वारा आंदोलनरत आंगनबाड़ी कर्मियों को डरा रही है और जबरदस्ती ज्वाईन कराके आंदोलन को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन सरकार की ये नीति सफल नहीं होने वाली है। आंगनबाड़ी कर्मियों के इस आंदोलन में एआईयूटीयूसी के कामरेड राजेंद्र, कामरेड बलराम के साथ संतोष, बिंदु, पवित्रा, मुकेश, सीता, कविता सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थीं।
विज्ञापन