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Rewari News: सैकड़ों वर्ष पुराना है मां काली देवी मंदिर
Sat, 05 Oct 2024 01:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 05 Oct 2024 01:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। धारूहेड़ा चुंगी मार्ग पर स्थित मां काली देवी मंदिर काफी प्राचीन और लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां नवरात्र में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।
इस मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। पहले यहां छोटा सा मंदिर था। बाद में जीर्णोद्धार के बाद इसका स्वरूप आकर्षक है। मंदिर में मां काली देवी के साथ अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित होने से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। नवरात्र में सुबह पूजा और शाम को आरती होती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, हनुमान जयंती, शिवरात्रि आदि के मौके पर यहां कार्यक्रम होते हैं। मंदिर की देखरेख कमेटी करती है। नवरात्र के अवसर पर सुबह 5 बजे से ही मंदिर के द्वार खुल जाते हैं और देर रात तक दर्शन पूजन चलता है।
कैसे पहुंचे : धारूहेड़ा चुंगी मार्ग पर स्थित मंदिर के लिए 24 घंटे यातायात की सुविधा है। बस अड्डा और रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित मंदिर में दिल्ली रोड, कालाका रोड तथा इसके आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस ओर आवागमन करने वाले लोग यहां मत्था टेके बिना नहीं निकलते हैं।
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मान्यता है कि इस मंदिर आस्था से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। नवरात्र में ही नहीं अन्य त्योहार में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।- आचार्य दीपक शास्त्री, पुजारी
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मंदिर में वर्ष भर धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होने पर भी आस्था के अनुसार कार्यक्रम आयोजित करते हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य नियमित रूप से चलता है।-भारत, प्रधान, मंदिर कमेटी
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रेवाड़ी। धारूहेड़ा चुंगी मार्ग पर स्थित मां काली देवी मंदिर काफी प्राचीन और लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां नवरात्र में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।
इस मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। पहले यहां छोटा सा मंदिर था। बाद में जीर्णोद्धार के बाद इसका स्वरूप आकर्षक है। मंदिर में मां काली देवी के साथ अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित होने से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। नवरात्र में सुबह पूजा और शाम को आरती होती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, हनुमान जयंती, शिवरात्रि आदि के मौके पर यहां कार्यक्रम होते हैं। मंदिर की देखरेख कमेटी करती है। नवरात्र के अवसर पर सुबह 5 बजे से ही मंदिर के द्वार खुल जाते हैं और देर रात तक दर्शन पूजन चलता है।
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कैसे पहुंचे : धारूहेड़ा चुंगी मार्ग पर स्थित मंदिर के लिए 24 घंटे यातायात की सुविधा है। बस अड्डा और रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित मंदिर में दिल्ली रोड, कालाका रोड तथा इसके आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस ओर आवागमन करने वाले लोग यहां मत्था टेके बिना नहीं निकलते हैं।
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मान्यता है कि इस मंदिर आस्था से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। नवरात्र में ही नहीं अन्य त्योहार में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।- आचार्य दीपक शास्त्री, पुजारी
मंदिर में वर्ष भर धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होने पर भी आस्था के अनुसार कार्यक्रम आयोजित करते हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य नियमित रूप से चलता है।-भारत, प्रधान, मंदिर कमेटी