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Rewari News: कम अंक सफलता में बाधा नहीं, मेहनत से मिल सकती है मंजिल

Fri, 15 May 2026 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 15 May 2026 11:49 PM IST
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Low marks are not a hindrance to success, hard work can help you achieve your goal.
निशा कुमारी
रेवाड़ी। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में कम अंक आने पर विद्यार्थियों को निराश होने की जरूरत नहीं है। परीक्षा के अंक जीवन की अंतिम सफलता तय नहीं करते। कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने शुरुआती दौर में कम अंक लाने के बाद भी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर बड़ा मुकाम हासिल किया है। ये बातें गांव बिठवाना स्थित पीएमश्री विद्यालय के प्राचार्य डॉ. दुष्यंत और अध्यापिका निशा कुमारी ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहीं।
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पीएमश्री विद्यालय की अध्यापिका निशा कुमारी ने बताया कि बीकॉम की परीक्षा में 52 प्रतिशत अंक आने पर वह काफी निराश हुई थीं। साथ पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अधिक अंक थे, जिससे मेरा आत्मविश्वास कमजोर पड़ गया था। माता-पिता ने समझाया और हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने कठिन परिश्रम और लगन के साथ पढ़ाई जारी रखी।
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उन्होंने बताया कि आज वह अध्यापिका बनकर विद्यार्थियों को शिक्षा दे रही हैं। उन्होंने कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि कम नंबर आने पर घबराना नहीं चाहिए।
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विद्यार्थी दृढ़ निश्चय कर ले और मेहनत करे, तो वह जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं। कम अंक आने के बाद भी विद्यार्थी बड़ी से बड़ी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।
बिठवाना स्थित पीएमश्री विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. दुष्यंत कुमार ने कहा कि 10वीं कक्षा में कम अंक आने वाले विद्यार्थियों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि कम नंबर आने पर अभिभावक बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं, जो उचित नहीं है। विद्यार्थियों को हतोत्साहित करने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 1982 में उन्होंने माध्यमिक शिक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद वर्ष 1988 में स्नातक परीक्षा 64.4 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में पास की। वर्ष 1990 में अंग्रेजी विषय में परास्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की और बाद में पीएचडी की उपाधि हासिल की।

दिसंबर 1993 में उनकी नियुक्ति हरियाणा शिक्षा विभाग में अंग्रेजी प्रवक्ता के पद पर हुई। उन्होंने कहा कि अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से ही सफलता प्राप्त होती है। विद्यार्थियों को कम अंकों से घबराने के बजाय अपने लक्ष्य की ओर मेहनत जारी रखनी चाहिए।

निशा कुमारी

निशा कुमारी

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