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Rewari News: फरियादियों की लगी लाइन... 35 मिनट में निपटाई
Thu, 09 Nov 2023 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 09 Nov 2023 12:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के बाल भवन में बुधवार को श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक की अध्यक्षता में परिवेदना समिति की बैठक हुई। कुल 15 परिवाद रखे गए, जिसमें 11 का मौके पर निपटारा करने का दावा किया गया। बैठक का समय दोपहर 12 बजे का तय था। मगर मंत्री बैठक में 50 मिनट की देरी से पहुंचे।
खास बात यह रही कि जितनी देरी से मंत्री बैठक में पहुंचे, उतनी ही जल्दी 15 परिवाद भी सुन लिए। 15 परिवाद को सुनने में करीब 35 मिनट का मंत्री अनूप धानक ने समय लिया। कुछ पीड़ित ऐसे भी थे, जिन्होंने अपनी समस्या बताने के लिए समय मांगा। मगर उनको इतना समय नहीं मिल पा रहा था कि विस्तार से कुछ बता पाते। इ वजह से शिकायतकर्ताओं ने अपना गुस्सा भी जाहिर किया। पीड़ितों का कहना रहा कि जब बैठक में ही मंत्री उनकी बात ध्यान से नहीं दे रहे हैं तो अधिकारी कैसे सुनेंगे। कुछ पीड़ितों ने तो इस बात को लेकर हंगामा भी कर दिया।
मंत्री जी मेरे बेटे की हत्या हुई, मगर एक ही आरोपी बनाया गया
बैठक में परिवाद नंबर 10 हत्या से जुड़ा हुआ मामला था। गांव बोहतवास अहीर निवासी बाबूलाल ने बताया कि 7 सितंबर को रात के समय गांव के बाहर जंगल में उसके बेटे गौरव का शव मिला था। शव की हालत इस तरह थी कि चेहरा बुरी तरह से नष्ट किया गया था। पीड़ित ने इस मामले में तीन नामजद समेत अज्ञात लोगों के बारे में जानकारी दी थी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करके उसके दिए गए बयानों को सच मानकर उसे ही आरोपी बनाया। इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे और सीसीटीवी कैमरे में भी वह कैद हुए थे। पीड़ित का यह भी आरोप है कि पुलिस इस मामले को रफा-दफा कर रही है जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। संबंधित अधिकारी ने पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में जिन लोगों का बाबूलाल ने नाम लिया हैए उनका पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जा रहा है। उसके बाद ही मालूम चलेगा कि मामले में क्या सच और क्या झूठ है। फिलहाल मंत्री ने पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट आने का इंतजार करने के लिए कहा है।
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स्कूल की फीस के मामले में स्कूल कमेटी को दिए आदेश
परिवाद नंबर 12, गांव टीट निवासी अशोक ने बताया कि उसके दो बच्चे स्थानीय स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्ष 2023 में बड़े पुत्र ने कक्षा दसवीं पास कर ली और छोटा पुत्र दसवीं में शिक्षा ग्रहण कर रहा है। पीड़ित का कहना है कि स्कूल की फीस जमा कर दी है। मगर अभी तक स्कूल की तरफ से रसीद नहीं दी गई है। इस मामले में स्कूल की तरफ से पक्ष रखते हुए कहा गया कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं हैए झूठ बोला जा रहा है। मंत्री ने स्कूल कमेटी को आदेश दिए हैं कि मामले को जल्द सुलझाया जाए।
40 से 50 लोग ऐसे, जिन्होंने लाइन में लगकर मंत्री को बताई समस्या
परिवादियों से ज्यादा नई शिकायतें देने वाले लोगों की संख्या परिवेदना समिति में अधिक थी। दरअसल, जैसे ही बैठक समाप्त हुई, उसके बाद लोग अपनी शिकायत देने के लिए मंत्री के पास पहुंच गए। ऐसे लोगों की संख्या करीब 30 से 40 थी। एक दम से भीड़ बढ़ने की वजह से व्यवस्था बनाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। लाइन में लगकर उन्होंने मंत्री को अपनी समस्या बताई। मौके पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को लोगों की समस्या दूर करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को दिए बेहतर कार्य करने के निर्देश
श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक श्रम विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाएं। साथ ही जनसेवा से जुड़े कार्यां में पूरी सजगता बरतते हुए अपने दायित्व का निर्वहन प्रभावी ढंग से करें।अधिकारियों को चाहिए कि वे सरकार द्वारा लागू योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से सुनिश्चित करें, ताकि उनका लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके।
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रेवाड़ी। शहर के बाल भवन में बुधवार को श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक की अध्यक्षता में परिवेदना समिति की बैठक हुई। कुल 15 परिवाद रखे गए, जिसमें 11 का मौके पर निपटारा करने का दावा किया गया। बैठक का समय दोपहर 12 बजे का तय था। मगर मंत्री बैठक में 50 मिनट की देरी से पहुंचे।
खास बात यह रही कि जितनी देरी से मंत्री बैठक में पहुंचे, उतनी ही जल्दी 15 परिवाद भी सुन लिए। 15 परिवाद को सुनने में करीब 35 मिनट का मंत्री अनूप धानक ने समय लिया। कुछ पीड़ित ऐसे भी थे, जिन्होंने अपनी समस्या बताने के लिए समय मांगा। मगर उनको इतना समय नहीं मिल पा रहा था कि विस्तार से कुछ बता पाते। इ वजह से शिकायतकर्ताओं ने अपना गुस्सा भी जाहिर किया। पीड़ितों का कहना रहा कि जब बैठक में ही मंत्री उनकी बात ध्यान से नहीं दे रहे हैं तो अधिकारी कैसे सुनेंगे। कुछ पीड़ितों ने तो इस बात को लेकर हंगामा भी कर दिया।
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मंत्री जी मेरे बेटे की हत्या हुई, मगर एक ही आरोपी बनाया गया
बैठक में परिवाद नंबर 10 हत्या से जुड़ा हुआ मामला था। गांव बोहतवास अहीर निवासी बाबूलाल ने बताया कि 7 सितंबर को रात के समय गांव के बाहर जंगल में उसके बेटे गौरव का शव मिला था। शव की हालत इस तरह थी कि चेहरा बुरी तरह से नष्ट किया गया था। पीड़ित ने इस मामले में तीन नामजद समेत अज्ञात लोगों के बारे में जानकारी दी थी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करके उसके दिए गए बयानों को सच मानकर उसे ही आरोपी बनाया। इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे और सीसीटीवी कैमरे में भी वह कैद हुए थे। पीड़ित का यह भी आरोप है कि पुलिस इस मामले को रफा-दफा कर रही है जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। संबंधित अधिकारी ने पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में जिन लोगों का बाबूलाल ने नाम लिया हैए उनका पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जा रहा है। उसके बाद ही मालूम चलेगा कि मामले में क्या सच और क्या झूठ है। फिलहाल मंत्री ने पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट आने का इंतजार करने के लिए कहा है।
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स्कूल की फीस के मामले में स्कूल कमेटी को दिए आदेश
परिवाद नंबर 12, गांव टीट निवासी अशोक ने बताया कि उसके दो बच्चे स्थानीय स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्ष 2023 में बड़े पुत्र ने कक्षा दसवीं पास कर ली और छोटा पुत्र दसवीं में शिक्षा ग्रहण कर रहा है। पीड़ित का कहना है कि स्कूल की फीस जमा कर दी है। मगर अभी तक स्कूल की तरफ से रसीद नहीं दी गई है। इस मामले में स्कूल की तरफ से पक्ष रखते हुए कहा गया कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं हैए झूठ बोला जा रहा है। मंत्री ने स्कूल कमेटी को आदेश दिए हैं कि मामले को जल्द सुलझाया जाए।
40 से 50 लोग ऐसे, जिन्होंने लाइन में लगकर मंत्री को बताई समस्या
परिवादियों से ज्यादा नई शिकायतें देने वाले लोगों की संख्या परिवेदना समिति में अधिक थी। दरअसल, जैसे ही बैठक समाप्त हुई, उसके बाद लोग अपनी शिकायत देने के लिए मंत्री के पास पहुंच गए। ऐसे लोगों की संख्या करीब 30 से 40 थी। एक दम से भीड़ बढ़ने की वजह से व्यवस्था बनाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। लाइन में लगकर उन्होंने मंत्री को अपनी समस्या बताई। मौके पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को लोगों की समस्या दूर करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को दिए बेहतर कार्य करने के निर्देश
श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक श्रम विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाएं। साथ ही जनसेवा से जुड़े कार्यां में पूरी सजगता बरतते हुए अपने दायित्व का निर्वहन प्रभावी ढंग से करें।अधिकारियों को चाहिए कि वे सरकार द्वारा लागू योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से सुनिश्चित करें, ताकि उनका लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके।