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Rewari News: चार घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को पकड़ा
Fri, 20 Dec 2024 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 20 Dec 2024 12:04 AM IST
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फोटो: 13रेवाड़ी। गांव कनुका में वाइड लाइफ की टीम द्वारा पकड़ा गया तेंदुआ। स्रोत: वीडियो ग्रैब
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गांव कनुका में एक व्यक्ति के प्लॉट में बने टिन शेड के कमरे में घुसे तेंदुए को वाइल्ड लाइफ गुरुग्राम की टीम ने 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ लिया गया। बुधवार की रात 11 बजे तेंदुए को पकड़ने के लिए ट्रेंकुलाइजर गन का इस्तेमाल किया गया।
रेस्क्यू के दौरान तेंदुआ जब टीन शेड वाले कमरे से बाहर निकला तो वाइल्ड लाइफ की टीम ने उसे पिंजरे में डालने की कोशिश की। तेंदुए के ऊपर जाल भी फेंका, लेकिन वह बच निकला। ग्रामीणों को एक पल लगा कि तेंदुआ पकड़ में नहीं आएगा। टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन का इस्तेमाल किया। तेंदुआ गली में 100 मीटर की दूरी पर जाते ही बेहोशी की अवस्था में पहुंच गया जिससे वह पकड़ लिया गया। वाइल्ड लाइफ की टीम ने तेंदुए पर जाल फेंक दिया और उसे पकड़कर पिंजरे में डाल दिया। तेंदुआ बुधवार की शाम 7 बजे के गांव में घुसा था और बुधवार की रात 11 बजे पकड़ा गया। सरपंच जयवीर योगी ने बताया कि कनुका गांव राजस्थान की सीमा पर है। गांव के पास अरावली की पहाड़ियां हैं। तेंदुआ संभवत: पहाड़ियों से रास्ता भटककर यहां आ गया। तेंदुए के बारे में पता चलते ही ग्रामीणों को अलर्ट किया गया था।
प्रत्यक्षदर्शी मुकेश ने बताया कि शाम 7 बजे एक खाली प्लाट के पास युवक ने तेंदुए को देखा था। जानकारी होने पर 20 से 25 लोग एकत्रित हो गए। पता चला कि तेंदुआ प्लाट में बने टीन शेड वाले कमरे में छिपा है। यह प्लाट नरवीर का है। एक युवक ने कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। झाबुआ से भी वन विभाग की टीम आई थी लेकिन तेदुए को पकड़ नहीं पाई। इसके बाद गुरुग्राम से वाइल्ड लाइफ की टीम 9 बजे गांव में पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले तेंदुआ कभी गांव में नहीं आया था।
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इस तरह पकड़ा गया तेंदुआ
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाइल्ड लाइफ की टीम जब पहुंची और ट्रैंकुलाइजर गन का इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू कर दी। सुरक्षा को लेकर कमरे का दरवाजा बंद किया गया था। वाइल्ड लाइफ का कोई कर्मचारी दरवाजे को खोलना नहीं करना चाहता था। कमरे के पास एक जाली बनी थी जिसे देखकर टीम ने तेंदुए को उकसाने की गतिविधियां शुरू कीं। कुछ समय बाद जाली के पास गरते हुए तेंदुआ आया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने उस जाली के माध्यम से ट्रैंकुलाइजर गन का इस्तेमाल किया, गोली तेंदुए को लगी। रात करीब साढ़े 10 बजे गेट को खोलने की कोशिश की गई, क्योंकि तब तक तेंदुआ बेहोशी की अवस्था में जा चुका था। मगर जैसे ही गेट खोला तो तेंदुआ भागने लगा। जाल फेंकने की भी कोशिश की गई। तेंदुआ 100 मीटर की दूरी तक भाग चुका था। उसके बाद तेंदुआ पकड़ा गया।
वर्जन:
गांव कनुका में आए तेंदुए को गुरुग्राम वाइल्ड लाइफ की टीम ने पकड़ लिया है। फिलहाल दहशत का अंत हो चुका है। ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं है।-संदीप यादव, रेंज अधिकारी, वन विभाग
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रेवाड़ी। गांव कनुका में एक व्यक्ति के प्लॉट में बने टिन शेड के कमरे में घुसे तेंदुए को वाइल्ड लाइफ गुरुग्राम की टीम ने 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ लिया गया। बुधवार की रात 11 बजे तेंदुए को पकड़ने के लिए ट्रेंकुलाइजर गन का इस्तेमाल किया गया।
रेस्क्यू के दौरान तेंदुआ जब टीन शेड वाले कमरे से बाहर निकला तो वाइल्ड लाइफ की टीम ने उसे पिंजरे में डालने की कोशिश की। तेंदुए के ऊपर जाल भी फेंका, लेकिन वह बच निकला। ग्रामीणों को एक पल लगा कि तेंदुआ पकड़ में नहीं आएगा। टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन का इस्तेमाल किया। तेंदुआ गली में 100 मीटर की दूरी पर जाते ही बेहोशी की अवस्था में पहुंच गया जिससे वह पकड़ लिया गया। वाइल्ड लाइफ की टीम ने तेंदुए पर जाल फेंक दिया और उसे पकड़कर पिंजरे में डाल दिया। तेंदुआ बुधवार की शाम 7 बजे के गांव में घुसा था और बुधवार की रात 11 बजे पकड़ा गया। सरपंच जयवीर योगी ने बताया कि कनुका गांव राजस्थान की सीमा पर है। गांव के पास अरावली की पहाड़ियां हैं। तेंदुआ संभवत: पहाड़ियों से रास्ता भटककर यहां आ गया। तेंदुए के बारे में पता चलते ही ग्रामीणों को अलर्ट किया गया था।
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प्रत्यक्षदर्शी मुकेश ने बताया कि शाम 7 बजे एक खाली प्लाट के पास युवक ने तेंदुए को देखा था। जानकारी होने पर 20 से 25 लोग एकत्रित हो गए। पता चला कि तेंदुआ प्लाट में बने टीन शेड वाले कमरे में छिपा है। यह प्लाट नरवीर का है। एक युवक ने कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। झाबुआ से भी वन विभाग की टीम आई थी लेकिन तेदुए को पकड़ नहीं पाई। इसके बाद गुरुग्राम से वाइल्ड लाइफ की टीम 9 बजे गांव में पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले तेंदुआ कभी गांव में नहीं आया था।
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इस तरह पकड़ा गया तेंदुआ
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाइल्ड लाइफ की टीम जब पहुंची और ट्रैंकुलाइजर गन का इस्तेमाल करने की तैयारी शुरू कर दी। सुरक्षा को लेकर कमरे का दरवाजा बंद किया गया था। वाइल्ड लाइफ का कोई कर्मचारी दरवाजे को खोलना नहीं करना चाहता था। कमरे के पास एक जाली बनी थी जिसे देखकर टीम ने तेंदुए को उकसाने की गतिविधियां शुरू कीं। कुछ समय बाद जाली के पास गरते हुए तेंदुआ आया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने उस जाली के माध्यम से ट्रैंकुलाइजर गन का इस्तेमाल किया, गोली तेंदुए को लगी। रात करीब साढ़े 10 बजे गेट को खोलने की कोशिश की गई, क्योंकि तब तक तेंदुआ बेहोशी की अवस्था में जा चुका था। मगर जैसे ही गेट खोला तो तेंदुआ भागने लगा। जाल फेंकने की भी कोशिश की गई। तेंदुआ 100 मीटर की दूरी तक भाग चुका था। उसके बाद तेंदुआ पकड़ा गया।
वर्जन:
गांव कनुका में आए तेंदुए को गुरुग्राम वाइल्ड लाइफ की टीम ने पकड़ लिया है। फिलहाल दहशत का अंत हो चुका है। ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं है।-संदीप यादव, रेंज अधिकारी, वन विभाग