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30 हजार की नौकरी का ऑफर छोड़कर युवाओं को दे रहे है निशुल्क फिजिकल ट्रेनिग
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युवाओं को ट्रेनिंग देते रामनारायण।
- फोटो : Rewari
बावल। सेना से रिटायर हुआ बावल क्षेत्र के गांव शेखुपर निवासी फौजी रामनारायण 10 साल से युवाओं को सेना में भर्ती की फिजिकल के लिए नि:शुल्क ट्रेनिंग दे रहे हैं। वर्तमान में उनके पास आसपास के 25 गांवों के 40 युवा रोज ट्रेनिंग ले रहे हैं जबकि लगभग 30 युवा उनसे ट्रेनिंग पाकर सेना में भर्ती हो चुके हैं।
इन युवाओं की ट्रेनिंग सुबह करीब 5 बजे से शुरू हो जाती है। यह चाहते हैं कि ग्राम सहित आसपास के अधिकांश युवा देश सेवा के लिए सेना में भर्ती हों। राम नारायण ने सेना सेरिटायर होने के बाद से गांव के युवाओं को सेना के लिए तैयार करने का संकल्प लिया है। सबसे पहले उन्होंने अपने बेटे की फिजिकल की तैयारी करवाकर सेना में भर्ती कराया। उसके बाद गांव के युवाओं के बाद आसपास के गांव के युवा भी उनके पास ट्रेनिंग लेने आने शुरू हो गए। रिटायर फौजी रामनारायण बताते हैं कि वह युवाओं को फिजिकल ट्रेनिंग देते हैं। अनुशासन की शिक्षा देते हैं। उन्होंने बताया कि 40 युवा नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं।
30 युवा फिजिकल टेस्ट पास कर हो चुके हैं सेना में भर्ती
बावल क्षेत्र के गांव शेखपुर निवासी पूर्व सैनिक रामनारायण वर्ष 1986 में सेना में भर्ती हुए थे। 18 साल सेना में नौकरी करने के बाद वर्ष 2002 में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने आठ वर्ष तक अपनी परचून की दुकान की। उसके बाद उन्होंने सबसे पहले अपने बेटे की फिजिकल की ट्रेनिंग करवाकर सेना में भर्ती कराया। उसके बाद गांव के युवाओं के साथ आसपास के 25 गांवों के युवाओं ने रामनारायण से फिजिकल की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। अब तक उनके यहां से 30 युवा ट्रेनिंग लेकर सेना भर्ती में भर्ती हो चुके हैं। वहीं 3 बच्चे फिजिकल टेस्ट पास कर लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। वहीं तीन युवक लिखित परीक्षा दे चुके हैं, परिणाम आने बाकी हैं।
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30 हजार की नौकरी का छोड़ा ऑफर
रामनारायण से फिजिकल ट्रेनिंग लेकर सेना में भर्ती होने के बाद आसपास के गांवों में उनकी चर्चा होने लगी। धीरे-धीरे उनके बारे में पैसे लेकर युवाओं की फिजिकल तैयारी करने वाली अकेडमी तक उनकी चर्चा पहुंची। अब तक काफी अकेडमी उनके पास नौकरी का ऑफर लेकर आ चुकी हैं। चार साल पहले सिंधरावली की एक निजी अकेडमी ने उन्हें 30 हजार की नौकरी की पेशकश कर युवाओं को ट्रेनिंग देने की बात कहीं थी। लेकिन उन्होंने पैसे लेकर ट्रेनिंग देने की बात से इंकार कर दिया।
आसपास अच्छा खेल स्टेडियम हो तो ज्यादा युवा हो सकते है सेना में भर्ती
रिटायर्ड सैनिक रामनारायण बताते हैं कि उनके पास लगभग 40 युवा सुबह 5 बजे फिजिकल की ट्रेनिंग के लिए पहुंच जाते हैं। अभी उनके पास आसपास के लगभग 25 गांवों के युवा फिजिकल की तैयारी के लिए आ रहे हैं। उनका कहना है कि युवाओं को गांव के नहर के पास ट्रेनिंग दी जा रही है। वहां अंधेरा होने के कारण कई बार युवा गिरकर घायल हो जाते हैं। अगर आसपास के किसी गांव में सरकार द्वारा खेल स्टेडियम मुहैया करा दिया जाए तो आसपास गांवों के युवाओं को काफी फायदा मिलेगा तथा जिले के ज्यादा से ज्यादा युवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा कर पाएंगे।
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इन युवाओं की ट्रेनिंग सुबह करीब 5 बजे से शुरू हो जाती है। यह चाहते हैं कि ग्राम सहित आसपास के अधिकांश युवा देश सेवा के लिए सेना में भर्ती हों। राम नारायण ने सेना सेरिटायर होने के बाद से गांव के युवाओं को सेना के लिए तैयार करने का संकल्प लिया है। सबसे पहले उन्होंने अपने बेटे की फिजिकल की तैयारी करवाकर सेना में भर्ती कराया। उसके बाद गांव के युवाओं के बाद आसपास के गांव के युवा भी उनके पास ट्रेनिंग लेने आने शुरू हो गए। रिटायर फौजी रामनारायण बताते हैं कि वह युवाओं को फिजिकल ट्रेनिंग देते हैं। अनुशासन की शिक्षा देते हैं। उन्होंने बताया कि 40 युवा नियमित प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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30 युवा फिजिकल टेस्ट पास कर हो चुके हैं सेना में भर्ती
बावल क्षेत्र के गांव शेखपुर निवासी पूर्व सैनिक रामनारायण वर्ष 1986 में सेना में भर्ती हुए थे। 18 साल सेना में नौकरी करने के बाद वर्ष 2002 में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने आठ वर्ष तक अपनी परचून की दुकान की। उसके बाद उन्होंने सबसे पहले अपने बेटे की फिजिकल की ट्रेनिंग करवाकर सेना में भर्ती कराया। उसके बाद गांव के युवाओं के साथ आसपास के 25 गांवों के युवाओं ने रामनारायण से फिजिकल की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। अब तक उनके यहां से 30 युवा ट्रेनिंग लेकर सेना भर्ती में भर्ती हो चुके हैं। वहीं 3 बच्चे फिजिकल टेस्ट पास कर लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। वहीं तीन युवक लिखित परीक्षा दे चुके हैं, परिणाम आने बाकी हैं।
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30 हजार की नौकरी का छोड़ा ऑफर
रामनारायण से फिजिकल ट्रेनिंग लेकर सेना में भर्ती होने के बाद आसपास के गांवों में उनकी चर्चा होने लगी। धीरे-धीरे उनके बारे में पैसे लेकर युवाओं की फिजिकल तैयारी करने वाली अकेडमी तक उनकी चर्चा पहुंची। अब तक काफी अकेडमी उनके पास नौकरी का ऑफर लेकर आ चुकी हैं। चार साल पहले सिंधरावली की एक निजी अकेडमी ने उन्हें 30 हजार की नौकरी की पेशकश कर युवाओं को ट्रेनिंग देने की बात कहीं थी। लेकिन उन्होंने पैसे लेकर ट्रेनिंग देने की बात से इंकार कर दिया।
आसपास अच्छा खेल स्टेडियम हो तो ज्यादा युवा हो सकते है सेना में भर्ती
रिटायर्ड सैनिक रामनारायण बताते हैं कि उनके पास लगभग 40 युवा सुबह 5 बजे फिजिकल की ट्रेनिंग के लिए पहुंच जाते हैं। अभी उनके पास आसपास के लगभग 25 गांवों के युवा फिजिकल की तैयारी के लिए आ रहे हैं। उनका कहना है कि युवाओं को गांव के नहर के पास ट्रेनिंग दी जा रही है। वहां अंधेरा होने के कारण कई बार युवा गिरकर घायल हो जाते हैं। अगर आसपास के किसी गांव में सरकार द्वारा खेल स्टेडियम मुहैया करा दिया जाए तो आसपास गांवों के युवाओं को काफी फायदा मिलेगा तथा जिले के ज्यादा से ज्यादा युवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा कर पाएंगे।