फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Lack of repair of buses is hindering the travel of passengers

सफर में अड़चन बन रहा समय पर बसों की मरम्मत नहीं होना

Sun, 01 Aug 2021 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 01 Aug 2021 11:54 PM IST
विज्ञापन
Lack of repair of buses is hindering the travel of passengers
खराब हुई रोडवेज बस को धक्का लगाते कर्मचारी। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। स्थानीय बस वर्कशाप में चल रही मकैनिकों की कमी से रोडवेज बसों में प्रतिदिन सफर करने वाले 15 हजार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण रोडवेज बसें रास्ते में धोखा दे रही हैं। दूसरी ओर बसों के इंतजार में यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके यात्री जरूरी कार्यों पर समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं।
विज्ञापन

इसका सबसे बड़ा खामियाजा दैनिक यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। मरम्मत की बागडोर ग्रुप डी व अस्थायी कर्मचारियों के हाथों में है। वहीं प्रतिवर्ष लगभग 6 से 7 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जबकि डिपो में वर्ष 1987 से मकैनिक की भर्ती नहीं हुई है। लगातार हो रही सेवानिवृत्ति के कारण 31 अक्टूबर 2021 तक रेवाड़ी से 92 प्रतिशत कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे। सरकार द्वारा ग्रुप डी के 18 मकैनिक हेल्पर मिलने के बाद थोड़ी राहत मिली है।
विज्ञापन

हर रोज 10 बसों की करनी पड़ती है मरम्मत
बता दें कि रोडवेज वर्कशाप में फिलहाल में 4 हैंड मकैनिक व 10 मकैनिक कार्यरत हैं। उनमें से 8 मकैनिक की दिन की ड्यूटी रहती है और दो की रात में होती है। मकैनिकों की कमी के कारण भी रोडवेज को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेवाड़ी डिपो में 133 रोडवेज की बसें हैं। रेवाड़ी डिपो की कार्यशाला में प्रतिदिन लगभग 10 बसें मरम्मत के लिए आती हैं। इनमें से प्रतिदिन मकैनिक कर्मचारियों के अभाव में 5-6 बसें खड़ी रहती हैं। मकैनिक कर्मचारियों के अभाव में केवल 120 बसें ऑन रूट रहती हैं। पिछले वर्ष भी रेवाड़ी डिपो से सात कर्मचारी रिटायर हुए हैं। 31 अक्टूबर 2021 तक 24 में से 22 कर्मचारी कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे। बचे दो कर्मचारी भी 2023 में रिटायर हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

नियमानुसार एक बस पर दो मिस्त्री जरूरी
हरियाणा परिवहन विभाग के अनुसार वर्कशॉप में बसों की संख्या के हिसाब से स्टाफ 1:2 का अनुपात होना चाहिए। रेवाड़ी डिपो में इस समय 133 बसें हैं। लेकिन डिपो में केवल 54 कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं 53 अप्रेंटिस कर्मचारी हैं। वर्कशाप में पिछले काफी सालों से मैकेनिक कर्मियों की कमी है। इस कारण मरम्मत के लिए आने वाली बसें डिपो में 4-5 दिन तक खड़ी रहती हैं। यात्री रोडवेज बसों के अभाव में परेशान रहते हैं, जबकि नियम के अनुसार कम से कम 266 कर्मचारियों की जरूरत है।
1987 में बंद हो गई थी स्थायी भर्ती
रोडवेज में वर्कशॉप स्टाफ की स्थायी भर्ती 1987 में ही बंद हो गई थी। उसके बाद जिस भी पार्टी की सरकार बनी, किसी ने भी रोडवेज वर्कशॉप की ओर ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम यह है कि रोडवेज की वर्कशॉप कर्मचारियों के अभाव से जूझ रहा है।
प्रतिवर्ष सात कर्मचारी हो रहे सेवानिवृत्त
रेवाड़ी डिपो में लगातार मकैनिक रिटायर होते जा रहे हैं। साल 1987 के बाद वर्कशॉप में स्थायी भर्ती नहीं हुई है। वर्ष 2019 में सात मकैनिक रिटायर होने वाले हैं। वर्ष 2010 में भी लगभग 10 कर्मचारी रिटायर हुए हैं। 31 अक्टूबर 2021 तक 22 कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे। बाकी बचे दो भी वर्ष 2025 में रिटायर होने वाले हैं।
एक स्थायी कर्मचारी के बदले लगाते हैं छह अप्रेंटिस छात्र
रोडवेज विभाग की वर्कशॉप में स्थायी तौर पर लगने वाले नए कर्मचारी को करीब 30 हजार रुपये तनख्वाह मिलती है। वहीं, अप्रेंटिस करने वाले छात्रों को पांच-छह हजार रुपये मिलते हैं। इसके हिसाब से एक कर्मचारी की जगह छह अप्रेंटिस करने वाले छात्र रोडवेज की वर्कशॉप में कार्य करते हैं। लेकिन कम कुशल छात्रों द्वारा किए जाने वाले कार्य की वजह से गुुणवत्ता में कमी आती है।

रोडवेज यूनियन के प्रधान उधम सिंह ने कहा कि वर्कशॉप में स्थायी भर्ती होनी चाहिए, ताकि समय पर रोडवेज बसों की मरम्मत कराई जा सके। रेवाड़ी रोडवेज के डिपो में इस समय सबसे खराब हालात चल रहे हैं। डिपो की वर्कशॉप को अब पूरी तरह से अप्रेंटिस करने वाले छात्र चला रहे हैं। कुशल कर्मचारियों के अभाव में कई बसें रास्ते में धोखा दे जाती हैं। इससे यात्रियों के अलावा चालक व परिचालक को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed