कोसली। कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा के मानसून सत्र में अहीर रेजिमेंट के गठन की मांग उठाई। उनकी इस मांग के समर्थन में दिए गए तर्कों पर पक्ष व विपक्ष सहित पूरे सदन ने इसका समर्थन किया।
उन्होंने दोहराया कि रेजिमेंट के गठन को लेकर प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजें, ताकि अहीरवाल की सैन्य परंपरा एवं वीरता को उसका हक दिया जा सके। कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित होने के तत्काल बाद रेवाड़ी में 15 सितंबर 2013 को पूर्व सैनिक रैली की थी। 1961 के रेजांग्ला युद्ध में शहीद होने वाले 118 सैनिकों में से 114 अहीर सैनिकों ने वीरगति को प्राप्त होते हुए चीनी सेना के 1300 सैनिकों को धूल चटा दी। प्रथम विश्व युद्ध में अहीरवाल ने 19300 अहीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुतियां दी थीं। दूसरे विश्व युद्ध में भी अहीरवाल क्षेत्र से 38 हजार अहीरवाल सैनिकों ने अपना पराक्रम दिखाया। कोसली विधायक ने अपनी मांग के समर्थन में सदन को बताया कि आजादी के बाद 1948 के बडगाम, 1961 के गोवा, 1962 के रेजांग्ला, 1965 के हाजीपीर, 1967 के नाथू-ला, 1971 के जैसलमेर, 1984 के आपरेशन मेघदूत, 1987 के श्रीलंका, 1999 के टाइगर हिल कारगिल, 2001 संसद भवन व अक्षरधाम हमला तथा 26-11 के मुंबई हमले सहित कई ऑपरेशनों में अहीर जवानों ने अपनी वीरता दिखाई है।