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खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का धरना 198वें दिन भी जारी
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कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों के धरना को बुधवार को 198वें दिन भी जारी रहा। इसके साथ ही धरना स्थल पर समूह चर्चाओं को दौर भी जारी रहा। वहीं सात जुलाई को बावल चौरासी की ट्रैक्टर परेड यात्रा को लेकर भी किसानों में जोश बना हुआ है। बावल चौरासी के किसानों ने घर-घर जाकर जनसंपर्क तेज कर दिया है।
बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों ने यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। किसानों के पड़ाव के साथ ही आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने भी आंदोलित किसानों के साथ आ गए।
बुधवार को धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता राजाराम मील ने कहा कि केंद्र सरकार की जिद के कारण किसानों का आंदोलन तेजी पकड़ रहा है। 44 डिग्री तापमान में किसान तपती दोपहरी में खुले आसमान के नीचे बैठे है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रैंग रहा है। कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए किसान अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांग पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। वहीं किसान नेता रामकिशन महलावत ने कहा कि किसान आंदोलन को बावल चौरासी का पूरा समर्थन है। आगामी सात जुलाई को चौरासी के किसान सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर परेड कर यह साबित कर देंगे कि कृषि कानून रद्द होने तक किसानों के साथ खड़े हुए है। केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रदद करने की बजाये आंदोलन को खराब करने के लिए लोगों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर अमराराम, रणजीत राजू, सुमेर जेलदार, सुमेर बनीपुर, ईश्वर महलावत, रणसिंह,अतर सिंह नेहरा व नवीन कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों ने यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। किसानों के पड़ाव के साथ ही आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने भी आंदोलित किसानों के साथ आ गए।
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बुधवार को धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता राजाराम मील ने कहा कि केंद्र सरकार की जिद के कारण किसानों का आंदोलन तेजी पकड़ रहा है। 44 डिग्री तापमान में किसान तपती दोपहरी में खुले आसमान के नीचे बैठे है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रैंग रहा है। कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए किसान अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांग पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। वहीं किसान नेता रामकिशन महलावत ने कहा कि किसान आंदोलन को बावल चौरासी का पूरा समर्थन है। आगामी सात जुलाई को चौरासी के किसान सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर परेड कर यह साबित कर देंगे कि कृषि कानून रद्द होने तक किसानों के साथ खड़े हुए है। केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रदद करने की बजाये आंदोलन को खराब करने के लिए लोगों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर अमराराम, रणजीत राजू, सुमेर जेलदार, सुमेर बनीपुर, ईश्वर महलावत, रणसिंह,अतर सिंह नेहरा व नवीन कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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