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Rewari News: लड़कियों की शिक्षा के लिए ज्योतिबा फुले ने जगाई थी अलख
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ज्योतिबा राव फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित करते संस्था के पदाधिकारी। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। ज्योतिबा राव फुले के 136वें परिनिर्वाण दिवस पर एआईसीसी के एससी विभाग के अध्यक्ष रमेश ठेकेदार ने अपने कार्यालय पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सेवा स्तंभ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष भगत सिंह बौद्ध सहित समाज के कई प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
रमेश ठेकेदार ने बताया कि ज्योतिबा राव फुले ने शिक्षा, सामाजिक सुधार और स्त्रियों के उत्थान के लिए अतुलनीय योगदान दिया। भारत का पहला स्कूल खोला और लड़कियों की शिक्षा के लिए कई विद्यालय स्थापित किए। उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने भी इस आंदोलन में उनके साथ योगदान दिया।
फुले ने समाज के सबसे पिछड़े वर्गों और दलित समुदाय के उत्थान के लिए लगातार कार्यरत रहे। उन्होंने जातिवाद और मनुवाद के विरुद्ध आवाज उठाई और शिक्षा को समाज सुधार का प्रमुख माध्यम माना। उनके प्रयासों से समाज में स्त्री शिक्षा, समानता और सामाजिक जागरूकता का मार्ग प्रशस्त हुआ।
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रमेश ठेकेदार ने बताया कि ज्योतिबा राव फुले ने शिक्षा, सामाजिक सुधार और स्त्रियों के उत्थान के लिए अतुलनीय योगदान दिया। भारत का पहला स्कूल खोला और लड़कियों की शिक्षा के लिए कई विद्यालय स्थापित किए। उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने भी इस आंदोलन में उनके साथ योगदान दिया।
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फुले ने समाज के सबसे पिछड़े वर्गों और दलित समुदाय के उत्थान के लिए लगातार कार्यरत रहे। उन्होंने जातिवाद और मनुवाद के विरुद्ध आवाज उठाई और शिक्षा को समाज सुधार का प्रमुख माध्यम माना। उनके प्रयासों से समाज में स्त्री शिक्षा, समानता और सामाजिक जागरूकता का मार्ग प्रशस्त हुआ।
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