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Rewari News: सैन्य सम्मान का साथ हुई जवान रोहित की अंत्येष्टि
Fri, 03 Oct 2025 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 03 Oct 2025 11:34 PM IST
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फोटो : 27अंतिम संस्कार के दौरान उमड़ी लोगों की भीड़। संवाद
बावल। गांव हरचंदपुर निवासी वायुसेना के जवान रोहित कुमार का ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। रोहित के निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर आने पर सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई।
रोहित कुमार सात साल पहले भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे। वह नॉन-कमांडेंट थे। तीन भाइयों में सबसे बड़े रोहित दो दिन पहले अपने पैतृक गांव हरचंदपुर छुट्टी मनाकर दिल्ली ड्यूटी लौटे थे। दिल्ली में ड्यूटी के दौरान उन्हें सीने में दर्द हुआ और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
रोहित के अंतिम संस्कार के लिए बनीपुर चौक पर शुक्रवार को बाइक रैली निकाली गई। युवाओं ने तिरंगा झंडा लहराते हुए जब तक सूरज चांद रहेगा, रोहित तेरा नाम रहेगा जैसे नारों के साथ शोक जताया। देशभक्ति की धुन के बीच रोहित की शवयात्रा निकाली गई, जिसमें आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए।
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शवयात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए और अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। रोहित के दो छोटे भाई हैं और परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। पिता मजदूरी करते हैं। एक तीन साल की बेटी है।
वहीं, रोहित कुमार का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने उन्हें गमगीन माहौल में सलामी दी और पुलिस बल भी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहा। इस मौके पर पूरे गांव और आसपास के इलाके में सन्नाटा छा गया।
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रोहित कुमार सात साल पहले भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे। वह नॉन-कमांडेंट थे। तीन भाइयों में सबसे बड़े रोहित दो दिन पहले अपने पैतृक गांव हरचंदपुर छुट्टी मनाकर दिल्ली ड्यूटी लौटे थे। दिल्ली में ड्यूटी के दौरान उन्हें सीने में दर्द हुआ और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
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रोहित के अंतिम संस्कार के लिए बनीपुर चौक पर शुक्रवार को बाइक रैली निकाली गई। युवाओं ने तिरंगा झंडा लहराते हुए जब तक सूरज चांद रहेगा, रोहित तेरा नाम रहेगा जैसे नारों के साथ शोक जताया। देशभक्ति की धुन के बीच रोहित की शवयात्रा निकाली गई, जिसमें आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए।
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शवयात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए और अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। रोहित के दो छोटे भाई हैं और परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। पिता मजदूरी करते हैं। एक तीन साल की बेटी है।
वहीं, रोहित कुमार का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने उन्हें गमगीन माहौल में सलामी दी और पुलिस बल भी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहा। इस मौके पर पूरे गांव और आसपास के इलाके में सन्नाटा छा गया।