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कहानी और खेल के माध्यम से बच्चों को पढ़ाना जरूरी : सुभाष

Fri, 27 Jun 2025 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 27 Jun 2025 11:34 PM IST
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It is necessary to teach children through stories and games: Subhash
फोटो : 7गांव जलियावास स्थित जीएमएसपीएस विद्यालय में आयोजित शिविर में एक मंच पर शिक्षकगण। स्
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। आज की शिक्षा प्रणाली में कहानी, खेल और संवाद के माध्यम से बच्चों को पढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। इससे बच्चे किसी भी विषय को आसानी से समझ जाते हैं। ये बातें जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद सांभरिया ने निपुण हरियाणा मिशन के तहत गांव जलियावास स्थित जीएमएसपीएस विद्यालय में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण के समापन पर कहीं।
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद सांभरिया ने कहा कि जब शिक्षक स्वयं विद्यार्थी बनकर सीखने की भावना को अपनाते हैं, तभी वे बच्चों को सही मायनों में समझ पाते हैं। बच्चों को बार-बार अलग-अलग तरीकों से एक ही बात को समझाना चाहिए ताकि हर बच्चा उसे आत्मसात कर सके।
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जो शिक्षक खेल-खेल में पढ़ाने की विधि अपनाते हैं, उनसे आकर्षित होकर बच्चे बेहिचक सवाल पूछते हैं। इससे बच्चों की जिज्ञासा बढ़ती है और अधिगम की गुणवत्ता में सुधार आता है। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को कहा कि आप सभी इसी भावना से अपने विद्यालयों को बेहतर बनाने का प्रयास करें।
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पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों के लिए खेल-आधारित अधिगम, मूल्यांकन आधारित शिक्षण, दक्षता आधारित गतिविधियां, और कक्षा में बाल केंद्रित माहौल निर्माण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
इस मौके पर उपस्थिति सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिक्षक को जागरूक और प्रयोगशील बनाते हैं।


विद्यार्थियों की क्षमता पहचान कर शिक्षण की योजना बनाएं
जिला समन्वयक चरण सिंह ने प्रशिक्षकों और प्रतिभागी शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपने विद्यार्थियों की अधिगम क्षमता को पहचान कर उनके अनुसार शिक्षण की योजना बनाएं। हमें अपने विद्यार्थियों के लिए खेल आधारित शिक्षण, संवाद मूलक गतिविधियों और सतत मूल्यांकन का अनुकूल वातावरण बनाना चाहिए। हमें प्रशिक्षण में बताए गए बिंदुओं को विद्यालय में लागू करना चाहिए। खंड शिक्षा अधिकारी बावल ने शिक्षकों, प्रशिक्षकों का आभार जताया।
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