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जीवन में सफलता पाने के लिए संस्कारित होना जरूरी : प्रो. अनिरुद्ध
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पंजाबी धर्मशाला में योग करतीं महिलाएं।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। पंजाबी धर्मशाला में रविवार को हमारा परिवार संस्था के तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिये चरित्र निर्माण का कार्यक्रम ‘शिक्षा के साथ संस्कार’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि पवित्रा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रो. अनिरुद्ध यादव ने अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस की बधाई दी। साथ ही कहा कि जैसे विशाल भवन के निर्माण में मजबूत नींव का होना जरूरी है, उसी तरह जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अच्छे संस्कारों की प्रमुख आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आज युवा डिग्री हासिल करने के बाद भी अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। अधिक पैसे कमाने की अंधी दौड़ में माता-पिता, स्वयं विद्यार्थी अपने स्वास्थ्य, अपनी मानसिक खुशी, जीवन में कुछ संतुष्टि वाले विचारों के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पा रहे। इसका परिणाम यह है कि वो बहुत से मानसिक व शारीरिक रोगों का शिकार बन रहे हैं। हमारा परिवार पिछले चार वर्षों से लगाकार ध्यान-साधना-प्राणायाम, लॉफ्टर थेरेपी के निरंतर अभ्यास से नई पीढ़ी को मानसिक व शारीरिक रूप से अधिक सशक्त करने का प्रयास कर रहा है। कोशिश है कि निकट भविष्य में नगर के सभी पार्कों में, सोसायटी में हमारा परिवार के साथी पहुंचकर अधिक से अधिक लोगों तक खुशियां बांट सकें।
कार्यक्रम में शशि जुनेजा, निशा सीकरी, प्रमुख शिक्षाविद शगुन मखीजा ने कहा कि बाल्यकाल का समय उचित होता है बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिये। शुरू में ही बच्चों को समय पर जागना, उचित व्यायाम, सात्विक आहार, समय पर ध्यानपूर्वक पढ़ाई करना, खेलने के समय खेलना, इन बातों का शुरू में बच्चों को अभ्यास डाल दें तो उनका भावी जीवन सच्ची खुशियों व उत्तम स्वास्थ्य से भरपूर हो सकता है। बच्चे जो हमारी सच्ची दौलत है, जिन पर हमारी खुशियां निर्भर है, उनके लिये हम पूरा समय निकालें। इस दौरान योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बाल कलाकार दिव्यांश ने योगासन प्रस्तुत किया। साथ ही लोगों को योग के तरीके बताए।
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इस दौरान अतिथियों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र भेंट किये गये। कार्यक्रम में समाजसेवी राजेंद्र गेरा, पुरुषोत्तम नंदवानी, परवीन गुप्ता, रीटा गेरा, सोनिया कपूर, प्रीति, ओजस्वी, पूर्वांशी, कपिल कपूर, देवेन्द्र कुमार, अशोक जुनेजा, जगन मखीजा, राजेंद्र सिंह यादव, शरणवीर सिंह, विजय चुघ, राहुल, ललित, उर्मिला, बाला सोनी, कौशल्या, विजय शर्मा, डॉ. बलबीर अग्रवाल व संस्था के संयोजक दिनेश कपूर थे।
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उन्होंने कहा कि आज युवा डिग्री हासिल करने के बाद भी अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। अधिक पैसे कमाने की अंधी दौड़ में माता-पिता, स्वयं विद्यार्थी अपने स्वास्थ्य, अपनी मानसिक खुशी, जीवन में कुछ संतुष्टि वाले विचारों के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पा रहे। इसका परिणाम यह है कि वो बहुत से मानसिक व शारीरिक रोगों का शिकार बन रहे हैं। हमारा परिवार पिछले चार वर्षों से लगाकार ध्यान-साधना-प्राणायाम, लॉफ्टर थेरेपी के निरंतर अभ्यास से नई पीढ़ी को मानसिक व शारीरिक रूप से अधिक सशक्त करने का प्रयास कर रहा है। कोशिश है कि निकट भविष्य में नगर के सभी पार्कों में, सोसायटी में हमारा परिवार के साथी पहुंचकर अधिक से अधिक लोगों तक खुशियां बांट सकें।
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कार्यक्रम में शशि जुनेजा, निशा सीकरी, प्रमुख शिक्षाविद शगुन मखीजा ने कहा कि बाल्यकाल का समय उचित होता है बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिये। शुरू में ही बच्चों को समय पर जागना, उचित व्यायाम, सात्विक आहार, समय पर ध्यानपूर्वक पढ़ाई करना, खेलने के समय खेलना, इन बातों का शुरू में बच्चों को अभ्यास डाल दें तो उनका भावी जीवन सच्ची खुशियों व उत्तम स्वास्थ्य से भरपूर हो सकता है। बच्चे जो हमारी सच्ची दौलत है, जिन पर हमारी खुशियां निर्भर है, उनके लिये हम पूरा समय निकालें। इस दौरान योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बाल कलाकार दिव्यांश ने योगासन प्रस्तुत किया। साथ ही लोगों को योग के तरीके बताए।
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इस दौरान अतिथियों को स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र भेंट किये गये। कार्यक्रम में समाजसेवी राजेंद्र गेरा, पुरुषोत्तम नंदवानी, परवीन गुप्ता, रीटा गेरा, सोनिया कपूर, प्रीति, ओजस्वी, पूर्वांशी, कपिल कपूर, देवेन्द्र कुमार, अशोक जुनेजा, जगन मखीजा, राजेंद्र सिंह यादव, शरणवीर सिंह, विजय चुघ, राहुल, ललित, उर्मिला, बाला सोनी, कौशल्या, विजय शर्मा, डॉ. बलबीर अग्रवाल व संस्था के संयोजक दिनेश कपूर थे।