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Rewari News: फीडबैक में प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रबंधन व भोजन की व्यवस्था को बताया सराहनीय
Fri, 06 Dec 2024 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 06 Dec 2024 11:34 PM IST
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रेवाड़ी। प्राचार्य सुभाष चंद्र की अध्यक्षता में डीआईईटी (डायट) हुसैनपुर में चल रहे पांच दिवसीय अंग्रेजी व हिंदी विषय के अध्यापकों के क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन एससीईआरटी गुरुग्राम से बतौर निरीक्षक आए। विषय विशेषज्ञ डॉ. संजय प्रकाश कौशिक ने प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अध्यापन प्रणाली में सुधार, 21वीं सदी के कौशल की जानकारी, साइबर सुरक्षा, अध्यापन में टीएलएम व टीएलई के माध्यम से नवीन तकनीकी एवं गतिविधि आधारित शिक्षा की जानकारी देना है। जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके तथा बच्चा बिना किसी भय एवं मानसिक दबाव से पढ़ाई कर सके।
उन्होंने परिषद द्वारा चलाए जा रहे विज्ञान विषयों से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए भागीदारी के लिए अपील की। प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. बीर सिंह ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद अब अध्यापकों के क्षमतावर्धन का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके प्रथम चरण में हिंदी व अंग्रेजी के अध्यापकों का प्रशिक्षण चल रहा है।
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उन्होंने 9 दिसंबर से विद्यालय मुखियाओं के क्षमतावर्धन प्रशिक्षण के द्वितीय चरण का प्रारंभ किया जाएगा, जिसके तहत मौलिक मुख्य अध्यापकों व हेड टीचर (प्राइमरी) का पांच दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। इसके बाद शेष विषयों के अध्यापकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रहेगा। प्रशिक्षण को सफल बनाने के लिए प्राध्यापक अशोक कुमार व दीपक कुमार बतौर तकनीकी सहायक, प्राध्यापक सत्यपाल व डॉ. नीरेन पाल व अन्यों का सहयोग रहा।
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उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अध्यापन प्रणाली में सुधार, 21वीं सदी के कौशल की जानकारी, साइबर सुरक्षा, अध्यापन में टीएलएम व टीएलई के माध्यम से नवीन तकनीकी एवं गतिविधि आधारित शिक्षा की जानकारी देना है। जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके तथा बच्चा बिना किसी भय एवं मानसिक दबाव से पढ़ाई कर सके।
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उन्होंने परिषद द्वारा चलाए जा रहे विज्ञान विषयों से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए भागीदारी के लिए अपील की। प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. बीर सिंह ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद अब अध्यापकों के क्षमतावर्धन का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके प्रथम चरण में हिंदी व अंग्रेजी के अध्यापकों का प्रशिक्षण चल रहा है।
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उन्होंने 9 दिसंबर से विद्यालय मुखियाओं के क्षमतावर्धन प्रशिक्षण के द्वितीय चरण का प्रारंभ किया जाएगा, जिसके तहत मौलिक मुख्य अध्यापकों व हेड टीचर (प्राइमरी) का पांच दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। इसके बाद शेष विषयों के अध्यापकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रहेगा। प्रशिक्षण को सफल बनाने के लिए प्राध्यापक अशोक कुमार व दीपक कुमार बतौर तकनीकी सहायक, प्राध्यापक सत्यपाल व डॉ. नीरेन पाल व अन्यों का सहयोग रहा।