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Rewari News: जिले में 678 में से 613 पशु लंपी संक्रमण से बाहर निकले, अब 65 एक्टिव केस
Tue, 15 Sep 2026 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:47 PM IST
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पशुपालक की गाय की जांच करती विभाग की टीम। स्त्रोत: विभाग
रेवाड़ी। पांच माह से लंपी संक्रमण के प्रभाव को लेकर चिंतित पशुपालकों व पशुपालन विभाग को राहत मिली है। जिले में संक्रमण की चपेट में आए 678 पशुओं में से 613 पशु संक्रमण से रिकवर हो चुके हैं। अब जिले में चार दिनों से कोई भी एक्टिव केस सामने नहीं आया है। हालांकि अभी भी जिले में 65 पशु संक्रमण की चपेट में है। पशुपालन विभाग का दावा है कि इन पशुओं में संक्रमण तेजी से रिकवर हो रहे हैं।
इस वर्ष लंपी संक्रमण की चपेट में आने से 30 पशुओं की मौत हुई थी। पशुपालन विभाग की ओर से अपनी टीमों के माध्यम से जिले में कराए गए एक सर्वे में इन सभी पशुओं में संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे।
इसके बाद विभाग की ओर से तेजी से जिले में सर्वे करा संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए। विभाग की ओर से अगस्त के अंतिम सप्ताह तक टीकाकरण अभियान तेजी से पूरा किया गया। जिले में 55 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था।
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विभाग की ओर से एक सप्ताह पूर्व ही 55 हजार पशुओं का टीकाकरण पूरा किया गया था। विभाग भी राजस्थान से आने वाले पशु चरवाहों के झुंडों से संक्रमण के प्रसार के संभावित खतरे को देखकर जिलेभर में 53 टीमों को एक्टिव मोड पर रखा गया था।
535 पशु पहली बार संक्रमित पाए गए:
अब विभाग का दावा है कि अब जिले में कोई भी एक्टिव केस सामने नहीं आया है। कुल 535 पशु पहली बार संक्रमित पाए गए इसके बाद दूसरी रिपोर्ट में भी 143 पशुओं के संक्रमण पाया गया था। इसके बाद जिले में कुल एक्टिव केसों की संख्या 678 पहुंच गई थी। विभाग की ओर से दूसरी बार जब इनके सैंपल लिए गए तो 678 में से 613 पशु संक्रमण से पूरी तरह रिकवरी कर गए। हालांकि अभी भी 65 केस एक्टिव हैं जिनकी दूसरी सैंपल रिपोर्ट जल्द ली जाएगी।
वर्जन:
अब जिला लंपी संक्रमण के खतरे से बाहर निकल रहा है। इसके बाद भी विभाग की 53 टीमें को अलर्ट हैं। कुल 678 पशु संक्रमण की चपेट में आए थे जिनमें से 613 पशु संक्रमण से रिकवर हो चुके हैं। 65 एक्टिव केसों में गंभीर स्थिति नहीं है। अब जल्द ही दूसरी सैंपल रिपोर्ट ली जाएगी। -डॉ. विनोद यादव, उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग जिला रेवाड़ी।
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इस वर्ष लंपी संक्रमण की चपेट में आने से 30 पशुओं की मौत हुई थी। पशुपालन विभाग की ओर से अपनी टीमों के माध्यम से जिले में कराए गए एक सर्वे में इन सभी पशुओं में संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे।
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इसके बाद विभाग की ओर से तेजी से जिले में सर्वे करा संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए। विभाग की ओर से अगस्त के अंतिम सप्ताह तक टीकाकरण अभियान तेजी से पूरा किया गया। जिले में 55 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था।
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विभाग की ओर से एक सप्ताह पूर्व ही 55 हजार पशुओं का टीकाकरण पूरा किया गया था। विभाग भी राजस्थान से आने वाले पशु चरवाहों के झुंडों से संक्रमण के प्रसार के संभावित खतरे को देखकर जिलेभर में 53 टीमों को एक्टिव मोड पर रखा गया था।
535 पशु पहली बार संक्रमित पाए गए:
अब विभाग का दावा है कि अब जिले में कोई भी एक्टिव केस सामने नहीं आया है। कुल 535 पशु पहली बार संक्रमित पाए गए इसके बाद दूसरी रिपोर्ट में भी 143 पशुओं के संक्रमण पाया गया था। इसके बाद जिले में कुल एक्टिव केसों की संख्या 678 पहुंच गई थी। विभाग की ओर से दूसरी बार जब इनके सैंपल लिए गए तो 678 में से 613 पशु संक्रमण से पूरी तरह रिकवरी कर गए। हालांकि अभी भी 65 केस एक्टिव हैं जिनकी दूसरी सैंपल रिपोर्ट जल्द ली जाएगी।
वर्जन:
अब जिला लंपी संक्रमण के खतरे से बाहर निकल रहा है। इसके बाद भी विभाग की 53 टीमें को अलर्ट हैं। कुल 678 पशु संक्रमण की चपेट में आए थे जिनमें से 613 पशु संक्रमण से रिकवर हो चुके हैं। 65 एक्टिव केसों में गंभीर स्थिति नहीं है। अब जल्द ही दूसरी सैंपल रिपोर्ट ली जाएगी। -डॉ. विनोद यादव, उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग जिला रेवाड़ी।