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कोरोना में माता-पिता खो चुके विद्यार्थियों से फीस नहीं लेगा आईजीयू
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रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर में यूनिवर्सिटी कोर्ट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें कोविड के दौरान माता-पिता को खोने वाले विद्यार्थियों को राहत देने के लिए कुछ अहम निर्णय लिए हैं। इसमें कुछ सीट निर्धारित करने से लेकर ऐसे विद्यार्थियों से फीस नहीं लेना शामिल है। निर्णय लेते हुए यूनिवर्सिटी कोर्ट ने एक प्रस्ताव अनुमोदन किया, जिसमें विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी जिनके माता-पिता का कोविड-19 के कारण निधन हो गया है, उनसे फीस नहीं ली जाएगी। इसके अतिरिक्त कोविड-19 या किसी अन्य कारण से जो विद्यार्थी अनाथ हो गये हैं, उनके लिए विश्वविद्यालय के विभागों में दाखिले के लिए एक अतिरिक्त सीट का भी प्रस्ताव पास किया गया है तथा इनसे फीस भी नहीं ली जाएगी। ये अतिरिक्त सीट उन सभी विभागों में दी जाएगी, जिनके कोर्स किसी विनियामक संस्था से नहीं जुड़े हुए हैं।
जीवन बीमा पर भी मंथन
यूनिवर्सिटी कोर्ट में विद्यार्थियों के जीवन बीमा संबंधी विषय पर भी मंथन कर प्रस्ताव पास किया कि विश्वविद्यालय के अधिकारी इस प्रस्ताव पर आगे की रूपरेखा तैयार करें। इन दोनों योजनाओं को विश्वविद्यालय की अगली कार्यकारिणी परिषद की नीति में रखने का प्रस्ताव भी अनुमोदित किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के वित्तीय संबंधी प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। वार्षिक प्रतिवेदन 2019-20 को भी सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
विद्यार्थियों के हित में लिए गए फैसले
वीसी प्रोफेसर एसके गक्खड़ ने यूनिवर्सिटी कोर्ट को बताया कि परीक्षा सुधार, विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण, पुस्तकालय में नई पुस्तकों की खरीद व डिजिटल सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर अनेक कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा कोरोना काल में सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य, ऑनलाइन सेमिनार, वर्कशॉप आदि का आयोजन, विद्यार्थियों के हित के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम की शुरूआत, नए भवनों के निर्माण संबंधी योजना तथा और भी अनेक महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।
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जीवन बीमा पर भी मंथन
यूनिवर्सिटी कोर्ट में विद्यार्थियों के जीवन बीमा संबंधी विषय पर भी मंथन कर प्रस्ताव पास किया कि विश्वविद्यालय के अधिकारी इस प्रस्ताव पर आगे की रूपरेखा तैयार करें। इन दोनों योजनाओं को विश्वविद्यालय की अगली कार्यकारिणी परिषद की नीति में रखने का प्रस्ताव भी अनुमोदित किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के वित्तीय संबंधी प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। वार्षिक प्रतिवेदन 2019-20 को भी सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
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विद्यार्थियों के हित में लिए गए फैसले
वीसी प्रोफेसर एसके गक्खड़ ने यूनिवर्सिटी कोर्ट को बताया कि परीक्षा सुधार, विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण, पुस्तकालय में नई पुस्तकों की खरीद व डिजिटल सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर अनेक कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा कोरोना काल में सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य, ऑनलाइन सेमिनार, वर्कशॉप आदि का आयोजन, विद्यार्थियों के हित के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम की शुरूआत, नए भवनों के निर्माण संबंधी योजना तथा और भी अनेक महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया।
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