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Rewari News: आईजीयू के छात्रों ने ऐतिहासिक इमारतों को देखा, ली जानकारी
Sat, 19 Oct 2024 02:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 19 Oct 2024 02:26 AM IST
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फोटो : 24रेवाड़ी। ऐतिहासिक इमारतों का शैक्षणिक भ्रमण करते आईजीयू के विद्यार्थी। स्रोत : विवि
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के 25 छात्रों के दल ने शिक्षक डॉ. रितु के नेतृत्व में डॉ. अविनाश और डॉ. श्रीप्रभा के साथ दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों को देखा और उसके बारे में जानकारी ली।
विभागाध्यक्ष प्रो. संजय हुड्डा ने छात्रों के दल को शुभकामनाएं देते हुए विश्वविद्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संचालित देश की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को समेटे राष्ट्रीय संग्रहालय में छात्रों ने आधुनिक काल तक की कलाकृतियों का अवलोकन किया। लगभग 5000 वर्षों के इतिहास की सांस्कृतिक धरोहरों को चित्र दीर्घा के चित्रों के माध्यम से देखकर छात्र लाभान्वित हुए। वैदिक सभ्यता, बौद्ध कालीन सभ्यता, भारतीय शासकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले शस्त्र-अस्त्र और हथियार, लकड़ियों पर नक्काशी, वेशभूषा, संगीत वाद्य यंत्र, पत्थरों पर नक्काशी, प्राचीनतम मूर्तियां, सिक्के तथा अनेकों खंडित अवशेष प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के गवाह है।
महरौली स्थित लौह स्तंभ, कुतुब मीनार आदि का अवलोकन करते हुए डॉ. रितु ने छात्रों को चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के समय और शासन के बारे में जानकारी दी। छात्र समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों को देखकर अत्यंत आश्चर्यचकित थे। लौह स्तंभ पर लिखित शैली, अलाई दरवाजा सल्तनत कालीन स्थापत्य कला का अपने आप में पूरा इतिहास समेटे हुए हैं। प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए लगभग 70 हजार सैनिकों को श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए उनकी याद में बनाए गए इंडिया गेट का भ्रमण करते हुए छात्रों ने शहीदों के प्रति 1 मिनट का मौन रखा तथा अमर जवान ज्योति को प्रणाम किया। वहां के रंगीन फव्वारे तथा हरे-भरे वातावरण ने दिल्ली की उमस से राहत दिलाते हुए सभी को आनंद विभोर कर दिया। छात्रों ने इस यात्रा को बहुत ही यादगार बताया।
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रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के 25 छात्रों के दल ने शिक्षक डॉ. रितु के नेतृत्व में डॉ. अविनाश और डॉ. श्रीप्रभा के साथ दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों को देखा और उसके बारे में जानकारी ली।
विभागाध्यक्ष प्रो. संजय हुड्डा ने छात्रों के दल को शुभकामनाएं देते हुए विश्वविद्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संचालित देश की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को समेटे राष्ट्रीय संग्रहालय में छात्रों ने आधुनिक काल तक की कलाकृतियों का अवलोकन किया। लगभग 5000 वर्षों के इतिहास की सांस्कृतिक धरोहरों को चित्र दीर्घा के चित्रों के माध्यम से देखकर छात्र लाभान्वित हुए। वैदिक सभ्यता, बौद्ध कालीन सभ्यता, भारतीय शासकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले शस्त्र-अस्त्र और हथियार, लकड़ियों पर नक्काशी, वेशभूषा, संगीत वाद्य यंत्र, पत्थरों पर नक्काशी, प्राचीनतम मूर्तियां, सिक्के तथा अनेकों खंडित अवशेष प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के गवाह है।
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महरौली स्थित लौह स्तंभ, कुतुब मीनार आदि का अवलोकन करते हुए डॉ. रितु ने छात्रों को चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के समय और शासन के बारे में जानकारी दी। छात्र समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों को देखकर अत्यंत आश्चर्यचकित थे। लौह स्तंभ पर लिखित शैली, अलाई दरवाजा सल्तनत कालीन स्थापत्य कला का अपने आप में पूरा इतिहास समेटे हुए हैं। प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए लगभग 70 हजार सैनिकों को श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए उनकी याद में बनाए गए इंडिया गेट का भ्रमण करते हुए छात्रों ने शहीदों के प्रति 1 मिनट का मौन रखा तथा अमर जवान ज्योति को प्रणाम किया। वहां के रंगीन फव्वारे तथा हरे-भरे वातावरण ने दिल्ली की उमस से राहत दिलाते हुए सभी को आनंद विभोर कर दिया। छात्रों ने इस यात्रा को बहुत ही यादगार बताया।
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