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नोटा सभी प्रत्याशियों से अधिक वोट लेगा तो चुनाव होगा रद्द : डीडीपीओ

Wed, 02 Nov 2022 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 11:57 PM IST
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If NOTA takes more votes than all the candidates, the election will be canceled: DDPO
रेवाड़ी। जिले में होने वाले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को सभी तैयारियों लगभग पूरी कर ली गई हैं, लेकिन इस बार के चुनावों में कई रोचक पहलू देखने को मिलेंगे। इन चुनावों में पहली बार यह रहेगा कि अगर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से अधिक वोट नोटा को पड़ जाते हैं तो उसे भी प्रत्याशी की तरह ही देखा जाएगा। इस स्थिति में संबंधित चुनाव क्षेत्र का चुनाव रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यहां से चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्यशियों को भी अयोग्य घोषित कर दिए जाएगा।
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हरियाणा चुनाव आयोग ने पंचायतीराज चुनाव को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। जारी गाइडलाइन में बताया कि इस बार जिला परिषद, पंचायत समिति, सरपंच व पंच पद के चुनाव के दौरान नोटा को भी उम्मीदवार माना जाएगा। जिसके तहत अगर किसी निर्वाचबन क्षेत्र में नोटा को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं तो वहां चुनाव दोबारा कराया जाएगा। यहां एक बात और गौर करने वाली है कि पहली बार वाले सभी प्रत्याशी अयोग्य घोषित हो जाएंगे।
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इस तरह समझें
यदि पहले प्रत्याशी को 6000 दूसरे प्रत्याशी को 4000 और नोटा को 8000 वोट मिलते हैं तो नोटा को भी प्रत्याशी मानते हुए विजेता माना जाएगा। ऐसी स्थिति में चुनाव रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उस सीट पर दोबारा चुनाव होगा। इसमें वह लोग फिर से प्रत्याशी नहीं बन पाएंगे, जिन्होंने चुनाव लड़ा था। इसके बाद यहां दोबारा चुनाव करवाए जाएंगे।
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2013 में सबसे पहले लागू हुआ था नोटा
नोटा का इस्तेमाल सबसे पहले 2013 में छत्तीसगढ़, मिजोरम, राजस्थान, मध्य प्रदेश व केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के विधानसभा चुनाव में हुआ था। इसके बाद 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भी नोटा का इस्तेमाल हुआ। 2015 तक देश की सभी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पूरी तरह नोटा लागू हो गया था। इसमें वोटिंग मशीन या बेल्ट पेपर पर इनमें से कोई नहीं का विकल्प दिया जाता है। बाद में इसे स्थानीय निकाय चुनाव और अब पंचायती राज चुनाव में भी लागू कर दिया गया है।

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कोट
नोटा को काल्पनिक चुनावी प्रत्याशी माना जाएगा। अगर दूसरी बार चुनाव कराने पर भी नोटा को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं तब दूसरे नंबर पर रहे प्रत्याशी को विजेता घोषित कर दिया जाएगा।
-एचपी बंसल, डीडीपीओ
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