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दो साल में 45 बच्चों की निशुल्क कराई गई हृदय सर्जरी
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नागरिक अस्पताल स्थित सीएमओ ऑफिस।
- फोटो : Rewari
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भले ही नागरिक अस्पताल में भले ही सरकार की ओर से हृदय सर्जरी की सुविधा न दी गई हो, फिर भी अस्पताल प्रशासन हृदयरोगी बच्चों के इलाज के लिए फिक्रमंद है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य केेंद्र कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी में जाने वाले 18 साल तक के बच्चों को हृदय की सर्जरी के लिए निशुल्क सेवा उपलब्ध कराई जाती है। इसके तहत बीते दो साल में सरकारी अस्पताल की ओर से 45 बच्चों की सर्जरी पर स्वास्थ्य विभाग 45 लाख 10 हजार रुपये खर्च कर चुका है।
इलाज के अभाव में किसी बच्चे की जान न जाए इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिल की बीमारी से ग्रस्त बच्चों के लिए इस योजना का शुरू किया गया था। दिल की बीमारी का महंगा उपचार होने के चलते आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे के परिजन उपचार नहीं करा पाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की 7 टीमें स्कूलों में लगाती हैं हृदय रोगियों का पता
सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी में रोग से ग्रस्त बच्चों का पता करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सात टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों को सभी ब्लॉक व शहर की जिम्मेदारी दी गई है। इस टीम का काम स्कूलों में जाकर इस तरह के बच्चों सूचना एकत्रित करना होता है। इसके बाद इन बच्चों के सभी प्रकार की जांच कराई जाती है। जांच के बाद पीजीआई रोहतक, पीजीआई चंडीगढ़, नारायणा हृदयालय जयपुर, आर्टमिस हॉस्पिटल गुरुग्राम व फोर्टिस अस्पताल मोहाली शामिल हैं। सर्जरी की जरूरत पड़ने पर इन अस्पतालों में भेजकर सर्जरी कराई जाती है, बिल स्वास्थ्य विभाग की ओर से जमा कराया जाता है।
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बीपीएल की नहीं बाध्यता
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन या फिर आर्थिक रुप से कमजोर ही नहीं इस योजना का लाभ समाज के सभी वर्गों के बच्चों को मिल सकता है। जरूरी है कि वे सरकारी स्कूल या आंगनबाड़ी जा रहे हों। 0 से 18 साल तक के बच्चों के परिजन नागरिक अस्पताल में बनाए गए हेल्प सेंटर के नंबर 01274- 256270 पर कॉल कर मद्द ले सकते हैं।
सात अगस्त को ही शहर के जरूरतमंद बच्चे की हुई सर्जरी
शहर के एक मोहल्ला निवासी बच्चे के माता-पिता मजदूर हैं। बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम को पता चला बच्चा दिल का बीमार है, इस जांच कराई गई। बच्चे के दिल के ऑपरेशन के लिए करीब दो लाख रुपये का खर्च बताया गया था। नागरिक अस्पताल की ओर से बच्चे का इस योजना के तहत ऑपरेशन कराया गया। इस पर एक लाख 75 हजार रुपये का खर्च आया। इसको स्वास्थ्य विभाग ने जमा कराया। ऐसे में यदि कोई बच्चा इस तरह की बीमारी से ग्रस्त है तो नागरिक अस्पताल में संपर्क कर ऑपरेशन उपचार करा सकता है।
हेल्प लाईन नंबर पर कॉल करें तो हम बच्चे का कराएंगे उपचार : डॉ.भंवर
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के तहत अभी तक 45 बच्चों की सर्जरी कराई गई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग का 45 लाख 10 हजार रुपये का खर्च आया है। सात अगस्त को जिस बच्चे की सर्जरी कराई गई है वह बेहद जरूरतमंद था। अभी तक जिन बच्चों की सर्जरी कराई गई हैं अधिकतर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। ऐसे में हमारी ओर से हेल्प नंबर 01274- 256270 जारी किया है। इस पर कॉल कर योजना का लाभ लिया जा सकता है।
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इलाज के अभाव में किसी बच्चे की जान न जाए इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिल की बीमारी से ग्रस्त बच्चों के लिए इस योजना का शुरू किया गया था। दिल की बीमारी का महंगा उपचार होने के चलते आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे के परिजन उपचार नहीं करा पाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
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स्वास्थ्य विभाग की 7 टीमें स्कूलों में लगाती हैं हृदय रोगियों का पता
सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी में रोग से ग्रस्त बच्चों का पता करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सात टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों को सभी ब्लॉक व शहर की जिम्मेदारी दी गई है। इस टीम का काम स्कूलों में जाकर इस तरह के बच्चों सूचना एकत्रित करना होता है। इसके बाद इन बच्चों के सभी प्रकार की जांच कराई जाती है। जांच के बाद पीजीआई रोहतक, पीजीआई चंडीगढ़, नारायणा हृदयालय जयपुर, आर्टमिस हॉस्पिटल गुरुग्राम व फोर्टिस अस्पताल मोहाली शामिल हैं। सर्जरी की जरूरत पड़ने पर इन अस्पतालों में भेजकर सर्जरी कराई जाती है, बिल स्वास्थ्य विभाग की ओर से जमा कराया जाता है।
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बीपीएल की नहीं बाध्यता
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन या फिर आर्थिक रुप से कमजोर ही नहीं इस योजना का लाभ समाज के सभी वर्गों के बच्चों को मिल सकता है। जरूरी है कि वे सरकारी स्कूल या आंगनबाड़ी जा रहे हों। 0 से 18 साल तक के बच्चों के परिजन नागरिक अस्पताल में बनाए गए हेल्प सेंटर के नंबर 01274- 256270 पर कॉल कर मद्द ले सकते हैं।
सात अगस्त को ही शहर के जरूरतमंद बच्चे की हुई सर्जरी
शहर के एक मोहल्ला निवासी बच्चे के माता-पिता मजदूर हैं। बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम को पता चला बच्चा दिल का बीमार है, इस जांच कराई गई। बच्चे के दिल के ऑपरेशन के लिए करीब दो लाख रुपये का खर्च बताया गया था। नागरिक अस्पताल की ओर से बच्चे का इस योजना के तहत ऑपरेशन कराया गया। इस पर एक लाख 75 हजार रुपये का खर्च आया। इसको स्वास्थ्य विभाग ने जमा कराया। ऐसे में यदि कोई बच्चा इस तरह की बीमारी से ग्रस्त है तो नागरिक अस्पताल में संपर्क कर ऑपरेशन उपचार करा सकता है।
हेल्प लाईन नंबर पर कॉल करें तो हम बच्चे का कराएंगे उपचार : डॉ.भंवर
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के तहत अभी तक 45 बच्चों की सर्जरी कराई गई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग का 45 लाख 10 हजार रुपये का खर्च आया है। सात अगस्त को जिस बच्चे की सर्जरी कराई गई है वह बेहद जरूरतमंद था। अभी तक जिन बच्चों की सर्जरी कराई गई हैं अधिकतर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। ऐसे में हमारी ओर से हेल्प नंबर 01274- 256270 जारी किया है। इस पर कॉल कर योजना का लाभ लिया जा सकता है।