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Rewari News: स्वास्थ्य विभाग ने बिना अनुमति 250 पेड़ उखाड़े, जांच शुरू
Wed, 01 May 2024 04:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 01 May 2024 04:47 AM IST
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प्रवेश चौहान
रेवाड़ी। गांव बुड़ौली में जन स्वास्थ्य विभाग ने 250 पेड़ों को बुलडोजर से उखड़वा दिया। इनमें अधिकतर कीकर, जाटी व अन्य प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं। इन पेड़ों की कीमत करीब 5 से 6 लाख रुपये बताई जा रही है। 100 से 150 पौधों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, जांच के बाद स्पष्ट होगा कि कुल नुकसान कितना हुआ है।
सामने आया है कि इन पेड़ों को उखड़वाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने न तो वन विभाग और न ही पंचायत से अनुमति ली थी। मामला 28 अप्रैल का बताया जा रहा है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी गांव के सरपंच की ओर से वन विभाग की टीम को दी गई है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
अहम बात यह है कि इतने बड़े मामले की जानकारी जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को ही नहीं है। मामले में जब संबंधित अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने के बजाय टाल मटोल की। विभाग के एसई से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जेई प्रवीण से संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर उनसे बातचीत नहीं हो पाई।
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ग्रामीणों ने विभाग की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विभाग खुद इन पेड़ों को बेचना चाहता था। इसी वजह से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली है। फिलहाल ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। (संवाद)
दो बुलडोजर से पेड़ों को पहुंचाया नुकसान
गांव बुड़ौली के सरपंच सतीश ने बताया कि यह पेड़ 28 अप्रैल को काटे गए थे। उन्हें गांव के ही एक युवक की ओर से फोन कर जानकारी दी गई कि जलघर के पास दो बुलडोजर से पेड़ों को उखाड़ा जा रहा है। जब तक वह पहुंचे, तब तक पेड़ों को नुकसान पहुंच चुका था। सतीश का कहना है कि यह जमीन पंचायत ने जलघर बनाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग को दी थी। जमीन करीब 10 एकड़ में है।
सरपंच सतीश का कहना है कि इससे पहले भी जब गांव में जलघर बनना था, तब भी जमीन जन स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी। उस दौरान जब पेड़ों को हटाना था, तब इसकी अनुमति पंचायत और वन विभाग दोनों से ली गई थी। पेड़ों की नंबरिंग भी हुई थी और बोली लगी थी। इस बार जन स्वास्थ्य विभाग ने अनुमति लेना जरूरी नहीं समझा। सरपंच ने पेड़ों को बेचे जाने का आरोप लगाते हुए विभाग की नीयत में खोट बताया है। सरपंच सतीश का कहना है कि वह जन स्वास्थ्य विभाग के जेई प्रवीण को फोन कर बुला रहे हैं, मगर वह आने को ही तैयार नहीं हैं। सवाल करने पर टाल-मटोल कर रहे हैं।
वर्जन
गांव बुड़ौली में पेड़ों को हुए नुकसान की शिकायत मिलने के बाद वन विभाग की टीम जांच करने के लिए गई थी। फिलहाल अभी मामले में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इतना जरूर है कि अनुमति नहीं ली गई थी। कितने पेड़ों को नुकसान पहुंचा है, इसका आकलन किया जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ शिकायत मिली है।
-दीपक प्रभाकर पाटिल, वन मंडल अधिकारी रेवाड़ी
वर्जन
यह मामला अभी मेरी जानकारी में नहीं आया है। मामला ध्यान में आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-सतीश राठी, एसई, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग
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रेवाड़ी। गांव बुड़ौली में जन स्वास्थ्य विभाग ने 250 पेड़ों को बुलडोजर से उखड़वा दिया। इनमें अधिकतर कीकर, जाटी व अन्य प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं। इन पेड़ों की कीमत करीब 5 से 6 लाख रुपये बताई जा रही है। 100 से 150 पौधों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, जांच के बाद स्पष्ट होगा कि कुल नुकसान कितना हुआ है।
सामने आया है कि इन पेड़ों को उखड़वाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने न तो वन विभाग और न ही पंचायत से अनुमति ली थी। मामला 28 अप्रैल का बताया जा रहा है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी गांव के सरपंच की ओर से वन विभाग की टीम को दी गई है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
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अहम बात यह है कि इतने बड़े मामले की जानकारी जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को ही नहीं है। मामले में जब संबंधित अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने के बजाय टाल मटोल की। विभाग के एसई से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जेई प्रवीण से संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर उनसे बातचीत नहीं हो पाई।
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ग्रामीणों ने विभाग की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विभाग खुद इन पेड़ों को बेचना चाहता था। इसी वजह से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली है। फिलहाल ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। (संवाद)
दो बुलडोजर से पेड़ों को पहुंचाया नुकसान
गांव बुड़ौली के सरपंच सतीश ने बताया कि यह पेड़ 28 अप्रैल को काटे गए थे। उन्हें गांव के ही एक युवक की ओर से फोन कर जानकारी दी गई कि जलघर के पास दो बुलडोजर से पेड़ों को उखाड़ा जा रहा है। जब तक वह पहुंचे, तब तक पेड़ों को नुकसान पहुंच चुका था। सतीश का कहना है कि यह जमीन पंचायत ने जलघर बनाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग को दी थी। जमीन करीब 10 एकड़ में है।
सरपंच सतीश का कहना है कि इससे पहले भी जब गांव में जलघर बनना था, तब भी जमीन जन स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी। उस दौरान जब पेड़ों को हटाना था, तब इसकी अनुमति पंचायत और वन विभाग दोनों से ली गई थी। पेड़ों की नंबरिंग भी हुई थी और बोली लगी थी। इस बार जन स्वास्थ्य विभाग ने अनुमति लेना जरूरी नहीं समझा। सरपंच ने पेड़ों को बेचे जाने का आरोप लगाते हुए विभाग की नीयत में खोट बताया है। सरपंच सतीश का कहना है कि वह जन स्वास्थ्य विभाग के जेई प्रवीण को फोन कर बुला रहे हैं, मगर वह आने को ही तैयार नहीं हैं। सवाल करने पर टाल-मटोल कर रहे हैं।
वर्जन
गांव बुड़ौली में पेड़ों को हुए नुकसान की शिकायत मिलने के बाद वन विभाग की टीम जांच करने के लिए गई थी। फिलहाल अभी मामले में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इतना जरूर है कि अनुमति नहीं ली गई थी। कितने पेड़ों को नुकसान पहुंचा है, इसका आकलन किया जा रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ शिकायत मिली है।
-दीपक प्रभाकर पाटिल, वन मंडल अधिकारी रेवाड़ी
वर्जन
यह मामला अभी मेरी जानकारी में नहीं आया है। मामला ध्यान में आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-सतीश राठी, एसई, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग