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Rewari News: हकेंवि की ओर से कचरी स्प्रेड पर कंपनी के साथ हुआ समझौता
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फोटो संख्या:-57 हकेंवि में कचरी स्प्रेड तकनीकी हस्तांतरण करते हुए कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार व
- फोटो : कलक्ट्रेट में अधिकारी,कर्मचारियों को शपथ दिलाते एडीएम न्यायिक अरविंद पांडेय। स्रोत सूचना विभाग
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपनी पेटेंटेड नवाचार तकनीक कचरी स्प्रेड के लिए मैसर्स आरसीआईसीओ लाइवएबल सेवन ब्लू रिफॉर्म फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड झज्जर के साथ प्रौद्योगिकी लाइसेंस समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह विश्वविद्यालय का पहला तकनीकी हस्तांतरण है जो ग्रामीण उद्यमिता और किसानों की मूल्य-श्रृंखला में भागीदारी को मजबूत करेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय की अनुसंधान को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान के रूप में समाज तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एफपीसी के निदेशक संजय जाखड़ ने इस साझेदारी के लिए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि यह समझौता अकादमिक-औद्योगिक सहयोग की उस शक्ति को दर्शाता है। हकेंवि की रिसर्च एंड डेवलपमेंट डीन प्रो. नीलम सांगवान ने कहा कि यह पहल हकेंवि के मजबूत अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र और तकनीकी वाणिज्यिकरण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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पोषण जीवविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार भी उपस्थित रहे। आविष्कारक डॉ. अनीता कुमारी, प्रो. सुरेंद्र सिंह और डॉ. दीपिका ने बताया कि इस स्प्रेड को उच्च पोषण मूल्य, स्वाद और उपयुक्त शेल्फ-लाइफ को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है जिससे फंक्शनल फूड की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय की अनुसंधान को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान के रूप में समाज तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एफपीसी के निदेशक संजय जाखड़ ने इस साझेदारी के लिए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त किया।
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने कहा कि यह समझौता अकादमिक-औद्योगिक सहयोग की उस शक्ति को दर्शाता है। हकेंवि की रिसर्च एंड डेवलपमेंट डीन प्रो. नीलम सांगवान ने कहा कि यह पहल हकेंवि के मजबूत अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र और तकनीकी वाणिज्यिकरण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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पोषण जीवविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार भी उपस्थित रहे। आविष्कारक डॉ. अनीता कुमारी, प्रो. सुरेंद्र सिंह और डॉ. दीपिका ने बताया कि इस स्प्रेड को उच्च पोषण मूल्य, स्वाद और उपयुक्त शेल्फ-लाइफ को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है जिससे फंक्शनल फूड की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।