रेवाड़ी। स्थानीय गुर्जर धर्मशाला में गुर्जर समाज ने वीरवार को गुर्जर प्रतिहार राजवंश के सम्राट मिहिर भोज की जयंती मनाई। साथ ही भादो मास की शुल्क पक्ष की तृतीया पर तीज धूमधाम से मनाई गई।
कैलाश चंद्र सिराधना व कर्नल जीआर चौकान ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अशोक पहलवान व राजेश सरपंच ने बताया कि मिहिर भोज प्रतिहार अथवा भोज प्रथम गुर्जर प्रतिहार राजवंश के राजा थे। इनका साम्राज्य अत्यंत विशाल था। मिहिर भोज विष्णु भगवान के भक्त थे और कुछ सिक्कों में इन्हें आदि वराह भी माना गया है। सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार कन्नौज के शासक थे। मिहिर भोज ने 836 से सन 885 तक राज किया। इस अवसर पर रामसिंह सरपंच, चरण सिंह, बनी सिंह, रामअवतार, राजपाल, कृष्ण तौंगड, धर्मेंद्र खटाना, संतराम, पदम, गुरुवचन, जग्गी सिराधना, भारत सिंह तौंगड, रोहताश सिराधना, डॉ. बीटू, झोरीलाल, रामु सिराधना, एडवोकेट शेर सिंह, ओमप्रकाश, अमरपाल खटाना, एडवोकेट हिमांशु सिराधना, प्रवीन, संजय, डॉ. कालूराम, विपिन, गोरधन, मूलचंद, राम निवास, राजपाल, अमीराम, महेंद्र बेदी व धर्मबीर आदि मौजूद रहे।