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तीन दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलना सरका की विफलता है : चिरंजीव राव
Fri, 19 Dec 2025 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 19 Dec 2025 11:49 PM IST
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चिरंजीव राव
रेवाड़ी। भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव की तरफ से विधानसभा में यह स्वीकार किया जाना कि रेवाड़ी शहर को तीन दिन छोड़कर एक दिन पीने का पानी मिल रहा है, भाजपा सरकार की घोर विफलता और लापरवाही का सबसे बड़ा प्रमाण है। यह बात पूर्व विधायक और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव चिरंजीव राव ने प्रेस बायन जारी कर कही।
चिरंजीव राव ने कहा कि जब विधायक स्वयं विधानसभा में यह स्वीकार कर रहे हैं कि रेवाड़ी जैसे महत्वपूर्ण शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं है, तो यह साफ हो जाता है कि जनता की परेशानी कोई आरोप नहीं बल्कि हकीकत है। आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है, पिछले 11 वर्षों से हरियाणा में भाजपा की सरकार है और फिर आज तक पीने के पानी का कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि रेवाड़ी की जनता को न केवल पानी तीन दिन बाद मिल रहा है बल्कि जो पानी आता है वह भी कई जगह गंदा और पीने लायक नहीं होता। मजबूर होकर लोगों को टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है या बोतलबंद पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है और पानी की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है।
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इसके बावजूद भाजपा सरकार कोई बड़ा स्टोरेज प्लान तैयार नहीं किया और न ही दीर्घकालिक जल प्रबंधन की कोई ठोस नीति बनाई। अब जब हालात बिगड़ चुके हैं तो केवल जमीन चिह्नित करने और योजनाओं की बातें कर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
इंसेट
जमीन देने के बावजूद नहीं हुआ समाधान
चिरंजीव राव ने कहा कि रामगढ़ भगवानपुर गांव में करीब 10 एकड़ जमीन शहर के पीने के पानी की सप्लाई के लिए वाटर सप्लाई की परियोजना के नाम पर ली गई लेकिन गांव वालों से झूठे वादे किए गए। वहां सरकारी अस्पताल बनाने का आश्वासन दिया गया जो आज तक पूरा नहीं हुआ। नतीजा यह है कि गांव के लोग आज धरने पर बैठे हैं और साफ कह रहे हैं कि जब अस्पताल नहीं बनेगा तो वे पानी की परियोजना के लिए जमीन नहीं देंगे। यह स्थिति भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करती है। चिरंजीव राव ने कहा कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक कम से कम सरकार को नहरों से अधिक दिनों तक पानी चलाकर रोजाना जल आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि जनता को राहत मिल सके। लेकिन भाजपा सरकार संवेदनशीलता के बजाय केवल बयानबाजी और खानापूर्ति में लगी हुई है।
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चिरंजीव राव ने कहा कि जब विधायक स्वयं विधानसभा में यह स्वीकार कर रहे हैं कि रेवाड़ी जैसे महत्वपूर्ण शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं है, तो यह साफ हो जाता है कि जनता की परेशानी कोई आरोप नहीं बल्कि हकीकत है। आखिर इसकी जिम्मेदारी किसकी है, पिछले 11 वर्षों से हरियाणा में भाजपा की सरकार है और फिर आज तक पीने के पानी का कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया।
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उन्होंने कहा कि रेवाड़ी की जनता को न केवल पानी तीन दिन बाद मिल रहा है बल्कि जो पानी आता है वह भी कई जगह गंदा और पीने लायक नहीं होता। मजबूर होकर लोगों को टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है या बोतलबंद पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है और पानी की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है।
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इसके बावजूद भाजपा सरकार कोई बड़ा स्टोरेज प्लान तैयार नहीं किया और न ही दीर्घकालिक जल प्रबंधन की कोई ठोस नीति बनाई। अब जब हालात बिगड़ चुके हैं तो केवल जमीन चिह्नित करने और योजनाओं की बातें कर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
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जमीन देने के बावजूद नहीं हुआ समाधान
चिरंजीव राव ने कहा कि रामगढ़ भगवानपुर गांव में करीब 10 एकड़ जमीन शहर के पीने के पानी की सप्लाई के लिए वाटर सप्लाई की परियोजना के नाम पर ली गई लेकिन गांव वालों से झूठे वादे किए गए। वहां सरकारी अस्पताल बनाने का आश्वासन दिया गया जो आज तक पूरा नहीं हुआ। नतीजा यह है कि गांव के लोग आज धरने पर बैठे हैं और साफ कह रहे हैं कि जब अस्पताल नहीं बनेगा तो वे पानी की परियोजना के लिए जमीन नहीं देंगे। यह स्थिति भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करती है। चिरंजीव राव ने कहा कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक कम से कम सरकार को नहरों से अधिक दिनों तक पानी चलाकर रोजाना जल आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि जनता को राहत मिल सके। लेकिन भाजपा सरकार संवेदनशीलता के बजाय केवल बयानबाजी और खानापूर्ति में लगी हुई है।