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नाहड़ खंड में कूडे़ के ढेर और बंद स्ट्रीट लाइट बनी परेशानी, रात में काटते हैं मच्छर, नहीं मिलता शुद्ध पानी
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नाहड़ स्थित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय।
- फोटो : Rewari
कोसली। नाहड़ खंड की पंचायत समिति में 45 गांव है, लेकिन पंचायत समिति सदस्य केवल 23 वार्डों में चुने जाते हैं। पंचायत समिति में आने वाले वार्डों की कुल जनसंख्या करीब 113547, वोटर 90298 है, जिसमें से 45132 पुरुष व 43137 महिला शामिल हैं। समिति के पिछले कार्यकाल में करीब साढे़ चार करोड़ रुपये का बजट आया था। चेयरमैन व उप चेयरमैन विकास कार्य में पूरा बजट नहीं लगा पाए। कुल बजट में से भी करीब 50 लाख रुपये पंचायत समिति के खाते में भी अभी बचे हुए हैं। खंड में कूड़े के ढेर पड़े रहते हैं। इससे लोगों में संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। वहीं अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। गंदगी के कारण मच्छर काटकर रात की नींद खराब करते हैं। शुद्ध पेयजल का भी अभाव है। ग्रामीणों ने कहा कि इस उसी वोट करेंगे, जो इन समस्याओं स्थायी समाधान कराएगा।
वहीं पंचायत समिति के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन दोनों सत्ता पक्ष से हैं। फिर भी विकास कार्यों में कमी छोड़ी गई है। समिति के अंतर्गत आने वाले गांवों सफाई की मुख्य समस्या है। गांवों में सफाईकर्मी नहीं होने से गांवों में गंदगी के ढेर जमा होते रहते हैं, जिससे ग्रामीणों का काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कई गांवों का तो ऐसे हालात है कि उनके मुख्य रास्तों पर ही ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर लगा रखे है। वहीं भाकली- बी के नजदीक लगती शहर की कॉलोनी में कोई भी सफाईकर्मी नहीं होने से उनमें गंदगी जमा रहती है। इसके कारण कॉलोनी में अवारा पशुओं का जमावड़ा भी रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत समिति द्वारा गांवों में पीने के पानी की पाइप लाइन डलवाई गई है। इसके बाद भी शुद्ध पानी पीने को नहीं मिल पाता है। ग्राम पंचायत ने गांवों में स्ट्रीट लाइट लगवा तो दी, लेकिन उनका रखरखाव करवाना भूल गए। सभी गांवों में अधिकतर स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। ग्रामीणों ने कहा कि कई गांवों के मुख्य रास्तों पर गंदा पानी भरा रहता है। उसके लिए पंचायत समिति द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं करवाया गया है। इतना बजट मिलने के बाद भी बहुत सारी मूलभूत सुविधा अधूरी रह गई है। अबकी बार पंचायत समिति का चेयरमैन सामान्य वर्ग के पुरुष का होगा।
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पंचायत समिति ने गांवों में विकास कार्य करवाए हैं, लेकिन गांवों में सफाईकर्मी नहीं होने से गंदगी ढेर लगे रहते हैं। गंदगी की वजह से मच्छर जनित बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
रमेश कुमार, कोसली
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गांव में ग्राम पंचायत की ओर से स्ट्रीट लाइट लगवाई गई हैं, लेकिन उनके रखरखाव के अभाव में अधिकतर लाइट खराब हो चुकी हैं। इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।
-राजविजय तंवर, रतनथलबास
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पंचायत समिति ने विकास कार्य करवाए हैं, लेकिन शहर के नजदीक कॉलोनी होने की वजह से गंदगी ज्यादा जमा रहती है। कॉलोनी में नियमित सफाई नहीं होती है।
-सुमरे सिंह भाकली
-गांवों में विकास को लेकर पीने की पानी की समस्या नहीं है, लेकिन कुछ गलियों में पानी जमा रहता है। उनका स्थायी समाधान किया जाए।
-थावर सिंह, जाहिदपुर
वर्जन-
पंचायत समिति के तहत सभी वार्डों में सामान रूप से विकास कार्य करवाए गए है। गांवों की मुख्य समस्या पीने की पानी का समाधान करवा दिया गया। लगभग सभी गांवों में पाइप लाइन डलवाई गई है। वहीं श्मशान घाटों की चहारदीवार व टीन शेड भी डलवाए है।
-रवि यादव, वाइस चेयरमैन, पंचायत समिति नाहड़
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वहीं पंचायत समिति के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन दोनों सत्ता पक्ष से हैं। फिर भी विकास कार्यों में कमी छोड़ी गई है। समिति के अंतर्गत आने वाले गांवों सफाई की मुख्य समस्या है। गांवों में सफाईकर्मी नहीं होने से गांवों में गंदगी के ढेर जमा होते रहते हैं, जिससे ग्रामीणों का काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कई गांवों का तो ऐसे हालात है कि उनके मुख्य रास्तों पर ही ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर लगा रखे है। वहीं भाकली- बी के नजदीक लगती शहर की कॉलोनी में कोई भी सफाईकर्मी नहीं होने से उनमें गंदगी जमा रहती है। इसके कारण कॉलोनी में अवारा पशुओं का जमावड़ा भी रहता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत समिति द्वारा गांवों में पीने के पानी की पाइप लाइन डलवाई गई है। इसके बाद भी शुद्ध पानी पीने को नहीं मिल पाता है। ग्राम पंचायत ने गांवों में स्ट्रीट लाइट लगवा तो दी, लेकिन उनका रखरखाव करवाना भूल गए। सभी गांवों में अधिकतर स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। ग्रामीणों ने कहा कि कई गांवों के मुख्य रास्तों पर गंदा पानी भरा रहता है। उसके लिए पंचायत समिति द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं करवाया गया है। इतना बजट मिलने के बाद भी बहुत सारी मूलभूत सुविधा अधूरी रह गई है। अबकी बार पंचायत समिति का चेयरमैन सामान्य वर्ग के पुरुष का होगा।
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पंचायत समिति ने गांवों में विकास कार्य करवाए हैं, लेकिन गांवों में सफाईकर्मी नहीं होने से गंदगी ढेर लगे रहते हैं। गंदगी की वजह से मच्छर जनित बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है।
रमेश कुमार, कोसली
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गांव में ग्राम पंचायत की ओर से स्ट्रीट लाइट लगवाई गई हैं, लेकिन उनके रखरखाव के अभाव में अधिकतर लाइट खराब हो चुकी हैं। इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।
-राजविजय तंवर, रतनथलबास
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पंचायत समिति ने विकास कार्य करवाए हैं, लेकिन शहर के नजदीक कॉलोनी होने की वजह से गंदगी ज्यादा जमा रहती है। कॉलोनी में नियमित सफाई नहीं होती है।
-सुमरे सिंह भाकली
-गांवों में विकास को लेकर पीने की पानी की समस्या नहीं है, लेकिन कुछ गलियों में पानी जमा रहता है। उनका स्थायी समाधान किया जाए।
-थावर सिंह, जाहिदपुर
वर्जन-
पंचायत समिति के तहत सभी वार्डों में सामान रूप से विकास कार्य करवाए गए है। गांवों की मुख्य समस्या पीने की पानी का समाधान करवा दिया गया। लगभग सभी गांवों में पाइप लाइन डलवाई गई है। वहीं श्मशान घाटों की चहारदीवार व टीन शेड भी डलवाए है।
-रवि यादव, वाइस चेयरमैन, पंचायत समिति नाहड़