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मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर ठगी करने का आरोपी गिरफ्तार
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रेवाड़ी। कोसली थाना पुलिस ने मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करके पैसे ऐंठने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गाजियाबाद निवासी अनीश शैफी के रुप में हुई है। जांचकर्ता ने बताया कि गांव गुर्जरवास निवासी सुंदर सिंह ने शिकायत दी की फोन पर किसी व्यक्ति ने अपने आप को एक निजी कंपनी का इंजीनियर बताते हुए उसके प्लाट में टावर लगवाने के लिए पंजीकरण करने का प्रस्ताव दिया।
उसने कहा कि इसके बदले दस लाख रुपये व एक आदमी को नौकरी दी जाएगी। 18500 रुपये मासिक भुगतान किया जाएगा। आरोप है कि फोन करने वाले के झांसे में आकर सुंदर सिंह ने विकास कुमार नाम के खाते में 500 रुपये भेजकर पंजीकरण करा लिया। कुछ समय बाद फोन करने वाले ने कुछ दस्तावेज भेजकर खाते में 32500 रुपये जमा करवाने को कहा, जिससे टावर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। सुंदर सिंह ने बताए खाते में 32500 रुपये जमा करा दिए और अपने प्लाट के दस्तावेज भी भेज दिए। इसके बाद दोबारा विकास के खाते में 20840 रुपये भेजने की बात की गई। उक्त राशि भी खाते में जमा करा दी। इसके बाद फिर से उसी खाते में 27850 रुपये जमा कराने को कहा गया। शक होने पर उनके द्वारा भेजे गए दस्तावेजों की मोबाइल कंपनी के कार्यालय में जांच कराई तो वे सभी फर्जी निकले। पुलिस ने सुंदर सिंह की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने मामले में आरोपी गाजियाबाद निवासी अनीश शैफी को बुधवार की शाम गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एक आरोपी विकास को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी का कोविड-19 टेस्ट कराकर धामलावास सेंटर पर रखा गया है।
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उसने कहा कि इसके बदले दस लाख रुपये व एक आदमी को नौकरी दी जाएगी। 18500 रुपये मासिक भुगतान किया जाएगा। आरोप है कि फोन करने वाले के झांसे में आकर सुंदर सिंह ने विकास कुमार नाम के खाते में 500 रुपये भेजकर पंजीकरण करा लिया। कुछ समय बाद फोन करने वाले ने कुछ दस्तावेज भेजकर खाते में 32500 रुपये जमा करवाने को कहा, जिससे टावर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। सुंदर सिंह ने बताए खाते में 32500 रुपये जमा करा दिए और अपने प्लाट के दस्तावेज भी भेज दिए। इसके बाद दोबारा विकास के खाते में 20840 रुपये भेजने की बात की गई। उक्त राशि भी खाते में जमा करा दी। इसके बाद फिर से उसी खाते में 27850 रुपये जमा कराने को कहा गया। शक होने पर उनके द्वारा भेजे गए दस्तावेजों की मोबाइल कंपनी के कार्यालय में जांच कराई तो वे सभी फर्जी निकले। पुलिस ने सुंदर सिंह की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने मामले में आरोपी गाजियाबाद निवासी अनीश शैफी को बुधवार की शाम गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एक आरोपी विकास को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी का कोविड-19 टेस्ट कराकर धामलावास सेंटर पर रखा गया है।
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