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Rewari News: चार दिन का बचा पानी, 2 फरवरी तक नहर में आने की उम्मीद

Thu, 30 Jan 2025 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 30 Jan 2025 12:37 AM IST
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Four days of water left, expected to enter the canal by February 2
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। शहर की पौने तीन लाख की आबादी के सामने पानी की किल्लत फिर पैदा हो गई है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से 23 दिनों से एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है। 28 जनवरी को नहर में पानी छोड़ा जाना था लेकिन पानी नहीं छोड़ा गया। 2 फरवरी को नहर में पानी छोड़े जाने की उम्मीद जताई जा रही है लेकिन अभी इसका शेड्यूल नहीं आया है। स्थिति यह है कि नहर में सिर्फ चार दिन का पानी बचा है।
ऐसे में अगर नहर में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो जल संकट बढ़ सकता है। पेयजल की समस्या के चलते लोग कैंपर खरीदकर पानी पी रहे हैं। 5 जनवरी को नहर में पानी आना बंद हुआ था। 28 जनवरी को पानी छोड़ा जाना था। इस बार नहर में पानी आने के शेड्यूल में बदलाव होने के कारण अब संकट और बढ़ सकता है। फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग के पास नहर में पानी छोड़े जाने की कोई अधिकृत सूचना नहीं है। ऐसे में जनस्वास्थ्य विभाग के वाटर टैंकों में पानी की कमी हो सकती है। जनस्वास्थ्य विभाग के जेई का कहना है कि फिलहाल नहर में इतना ही पानी है कि अगर नियमित सप्लाई दें तो 2 दिन और एक दिन छोड़ कर आपूर्ति की जाए तो चार दिन जलापूर्ति की जा सकती है। अब एक दिन की जगह दो दिन छोड़कर सप्लाई दी जा सकती है। शहर में 5 जनवरी से जेएलएन कैनाल में पानी चलना बंद होते ही जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल की सप्लाई कर दी गई थी। इधर, सर्दी में पानी भी ज्यादा लगता है, क्योंकि गर्म कपड़ों की धुलाई करने में पानी अधिक लगता है। ऐसे में लोगों के लिए परेशानी पैदा हो गई है।
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हर माह रहती है पानी की समस्या
शहर में पेयजल की आपूर्ति के लिए कालाका में 5 और लिसाना में 3 वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों में नहरी पानी को स्टोर किया जाता है। यहां पर पानी को एकत्रित कर उसे बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से कॉलोनियों में पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका में एक वाटर टैंक और बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। जमीन नहीं मिलने के कारण वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। टैंक के लिए कम से 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी कोई गांव जमीन देने को तैयार नहीं हो रहा है।
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आबादी के हिसाब से स्टोरेज क्षमता कम
शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति है। जन स्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में भी काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।

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वर्जन:
इस बार 28 जनवरी को नहर में पानी आना था, लेकिन पानी कब छोड़ा जाएगा, इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है। कालाका जलघर के टैंकों में पानी के भंडारण की क्षमता कम होने से लगातार सप्लाई देने में समस्या बढ़ रही है। टैंकों से केवल 15 से 20 दिन ही शहर की कॉलोनियों में पानी की सप्लाई दी जा सकती है। अगर पानी समय पर नहीं आया तो दो दिन छोड़कर सप्लाई की जा सकती है। - हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी
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