{"_id":"610ec1d38ebc3e7597253257","slug":"forest-department-s-noc-became-a-hindrance-in-the-construction-of-rewari-pataudi-highway-rewari-news-rtk620298237","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेवाड़ी-पटौदी हाईवे के निर्माण में वन विभाग की एनओसी बनी बाधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेवाड़ी-पटौदी हाईवे के निर्माण में वन विभाग की एनओसी बनी बाधा
विज्ञापन
रेवाड़ी से पटौदी रोड, जिसका निर्माण होना है।
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। रेवाड़ी से पटौदी होते हुए गुरुग्राम तक सड़क को भारत माला योजना के तहत फोरलेन नेशनल हाईवे बनाने में पांच साल बाद भी अड़चनें दूूर नहीं हो पाई हैं। अब वन विभाग की एनओसी निर्माण कार्य शुरू करने में बाधा बन गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के जुलाई के अंतिम सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू करने के दावे फेल हो गए हैं।
बता दें कि इस हाईवे निर्माण की घोषणा 2016 में पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर ने की थी। लेकिन दो साल बाद इसको 2018 में हाईवे अथॉरिटी को सौंपा गया था। निर्माण का ठेका भी दिया जा चुका है और जमीन अधिग्रहण का कार्य तेेजी से किया जा रहा है, लेकिन अब वन विभाग की अड़चन से परेशानी बढ़ गई है। इरकॉन इंटरनेशनल कंपनी की ओर से 24 माह के अंदर इसका निर्माण किया जाना है। इस फोरलेन नेशनल हाईवे पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लेकिन सवाल है कि 6 साल बीत जाने व शिलान्यास होने के बाद भी आखिर अड़चन क्यों बनी हुई है।
रेवाड़ी- रोहतक हाईवे पर बनेगा इंटरचेंज
लोक निर्माण विभाग की ओर से जो डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को भेजी गई थी। उसके तहत गुरुग्राम से शुरू होकर हाईवे रेवाड़ी के एनएच-71 पर मिलेगा। इसके लिए एनएच-71 पर नए हाईवे पर जाने के लिए इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसके अलावा इस हाईवे पर पर कुल 5 फ्लाईओवर होंगे। ये फ्लाईओवर पटौदी रोड स्थित उमंग भारद्वाज चौक, गाड़ौली, हरसरू, जमालपुर और पटौदी बाईपास पर प्रस्तावित हैं। उमंग भारद्वाज चौक पर एक अंडरपास भी बनाया जाएगा। इसके अलावा रेलवे ओवरब्रिज सहित 13 छोटे पुल बनाए जाने की योजना है। इस रोड से लगते अन्य रास्तों को मिलाने के लिए 7 इंटरचेंज भी बनाए जाएंगे। डीपीआर में उमंग भारद्वाज चौक, गाडौली, एनपीआर को शहर से जोड़ने वाली जगह, फर्रुखनगर रोड, फाजलवास-जमालपुर रोड, रेलवे यार्ड एवं सात किमी लंबा पटौदी बाईपास शामिल है।
विज्ञापन
दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे का लोड कम होगा
रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम नेशनल हाईवे बनने से दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक का लोड कम होगा। मौजूदा समय में गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी नेशनल हाईवे की चौड़ाई कम है। कई जगहों पर इस हाईवे की हालत भी ठीक नहीं है। जिससे इस रूट से रेवाड़ी से गुरुग्राम पहुंचने में काफी समय लग जाता है। लेकिन दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर इससे आधे टाइम में ही गुरुग्राम पहुंच जाते हैं। माना जा रहा है कि गुड़गांव-पटौदी-रेवाड़ी नेशनल हाईवे के बनने के बाद इस रूट पर ट्रैफिक कम हो जाएगा। वहीं मानेसर, बिलासपुर से यदि किसी को ओल्ड गुरुग्राम में आना है तो वह दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे की बजाय इस रूट से आ जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया हो चुकी पूरी
एसएफसी से मंजूरी के बाद किसानों को उनकी मुआवजा राशि आदि का वितरण डीआरओ द्वारा किया जा चुका है। इसके बाद एनएचएआई की ओर से टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। इसके बाद कार्य शुरू करने की तारीख निर्धारित की जा चुकी है। हालांकि कुछ माह पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस हाईवे को निर्माण के लिए भी ऑनलाइन शिलान्यास कर चुके हैं।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीके कौशिक ने बताया कि वर्ष 2018 में मेरे पास पूरा प्रोजेक्ट आया है। भारत माला योजना के तहत फोरलेन नेशनल हाईवे का निर्माण किया जाना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबी चली है। अब ये सभी काम पूरे करने के बाद टेंडर अलाट कर दिया गया है। वन विभाग की एनओसी इसमें अब बाधा बनी हुई है। जल्द इसकी क्लीयरेंस भी मिल जाएगी। उम्मीद है कि जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा।
विज्ञापन
बता दें कि इस हाईवे निर्माण की घोषणा 2016 में पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर ने की थी। लेकिन दो साल बाद इसको 2018 में हाईवे अथॉरिटी को सौंपा गया था। निर्माण का ठेका भी दिया जा चुका है और जमीन अधिग्रहण का कार्य तेेजी से किया जा रहा है, लेकिन अब वन विभाग की अड़चन से परेशानी बढ़ गई है। इरकॉन इंटरनेशनल कंपनी की ओर से 24 माह के अंदर इसका निर्माण किया जाना है। इस फोरलेन नेशनल हाईवे पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। लेकिन सवाल है कि 6 साल बीत जाने व शिलान्यास होने के बाद भी आखिर अड़चन क्यों बनी हुई है।
विज्ञापन
रेवाड़ी- रोहतक हाईवे पर बनेगा इंटरचेंज
लोक निर्माण विभाग की ओर से जो डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को भेजी गई थी। उसके तहत गुरुग्राम से शुरू होकर हाईवे रेवाड़ी के एनएच-71 पर मिलेगा। इसके लिए एनएच-71 पर नए हाईवे पर जाने के लिए इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसके अलावा इस हाईवे पर पर कुल 5 फ्लाईओवर होंगे। ये फ्लाईओवर पटौदी रोड स्थित उमंग भारद्वाज चौक, गाड़ौली, हरसरू, जमालपुर और पटौदी बाईपास पर प्रस्तावित हैं। उमंग भारद्वाज चौक पर एक अंडरपास भी बनाया जाएगा। इसके अलावा रेलवे ओवरब्रिज सहित 13 छोटे पुल बनाए जाने की योजना है। इस रोड से लगते अन्य रास्तों को मिलाने के लिए 7 इंटरचेंज भी बनाए जाएंगे। डीपीआर में उमंग भारद्वाज चौक, गाडौली, एनपीआर को शहर से जोड़ने वाली जगह, फर्रुखनगर रोड, फाजलवास-जमालपुर रोड, रेलवे यार्ड एवं सात किमी लंबा पटौदी बाईपास शामिल है।
विज्ञापन
दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे का लोड कम होगा
रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम नेशनल हाईवे बनने से दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक का लोड कम होगा। मौजूदा समय में गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी नेशनल हाईवे की चौड़ाई कम है। कई जगहों पर इस हाईवे की हालत भी ठीक नहीं है। जिससे इस रूट से रेवाड़ी से गुरुग्राम पहुंचने में काफी समय लग जाता है। लेकिन दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे पर इससे आधे टाइम में ही गुरुग्राम पहुंच जाते हैं। माना जा रहा है कि गुड़गांव-पटौदी-रेवाड़ी नेशनल हाईवे के बनने के बाद इस रूट पर ट्रैफिक कम हो जाएगा। वहीं मानेसर, बिलासपुर से यदि किसी को ओल्ड गुरुग्राम में आना है तो वह दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस-वे की बजाय इस रूट से आ जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया हो चुकी पूरी
एसएफसी से मंजूरी के बाद किसानों को उनकी मुआवजा राशि आदि का वितरण डीआरओ द्वारा किया जा चुका है। इसके बाद एनएचएआई की ओर से टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है। इसके बाद कार्य शुरू करने की तारीख निर्धारित की जा चुकी है। हालांकि कुछ माह पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस हाईवे को निर्माण के लिए भी ऑनलाइन शिलान्यास कर चुके हैं।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीके कौशिक ने बताया कि वर्ष 2018 में मेरे पास पूरा प्रोजेक्ट आया है। भारत माला योजना के तहत फोरलेन नेशनल हाईवे का निर्माण किया जाना है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबी चली है। अब ये सभी काम पूरे करने के बाद टेंडर अलाट कर दिया गया है। वन विभाग की एनओसी इसमें अब बाधा बनी हुई है। जल्द इसकी क्लीयरेंस भी मिल जाएगी। उम्मीद है कि जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा।