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एनजीटी के नियमों का पालन करें होटल-रेस्तरां, ढाबों व बैंक्वेट हाल संचालक : डीसी

Mon, 12 Sep 2022 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2022 11:24 PM IST
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Follow the rules of NGT Hotel-restaurant, dhabas and banquet hall operators: DC
रेवाड़ी। जिले के होटल-रेस्तरां, ढाबों व मैरिज पैलेस (बैंक्वेट हाल) संचालक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों का पालन करें। साथ ही ठोस और तरल कचरा प्रबंधन के साथ पार्किंग व्यवस्था आदि की शर्तों को पूरा करें। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ एनजीटी की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिले में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उक्त बातें डीसी अशोक कुमार गर्ग अपने जारी बयान में कहीं हैं।
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उन्होंने कहा कि एनजीटी के नियमों के अनुसार सभी होटल-रेस्तरां, ढाबों व मैरिज पैलेस का नक्शा पास होना चाहिए, फायर एनओसी होनी चाहिए, पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान, वाटर व एनर्जी कंजर्वेशन सहित भवन प्लान स्वीकृत होना चाहिए। ठोस व तरल कचरा का प्रबंधन होना चाहिए। इसके अलावा एनजीटी की ओर से जारी अन्य सभी नियमों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
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डीसी ने कहा कि समय-समय पर होटल-रेस्तरां, ढाबों व मैरिज पैलेस का कमेटी की ओर से निरीक्षण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नप अधिकारियों ने संचालकों को निर्देश दिए हैं कि एनजीटी के एओ-26 नियम के तहत सामान्य सुविधाओं के साथ ठोस-तरल कचरा प्रबंधन, वेस्ट वॉटर का उचित यूज, प्लास्टिक के इस्तेमाल और उसके उचित निस्तारण को शामिल किया गया है।
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उन्होंने कहा कि सरकार को शहर के होटल-रेस्तरां के बारे में रिपोर्ट दी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्य सचिव की तरफ से एनजीटी में जवाब दिया जाएगा। यदि किसी होटल में यह नियम लागू नहीं होंगे, तो उन पर नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जल संरक्षण के मद्देनजर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी अनिवार्य
डीसी ने बताया कि एनजीटी ने होटलों के साथ-साथ मैरिज पैलेस को भी इस दायरे में रखा है। तय नियमों के अनुसार होटल में महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग जन सुविधा स्थल, वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया गया है। इसमें मुख्य जोर ठोस-तरल कचरा के उचित प्रबंधन पर दिया गया है। ताकि इसको खुले में नहीं फेंका जाए। पार्किंग की व्यवस्था हो और यदि कोई जेनरेटर प्रयोग करता है, तो उस पर साइलेंसर लगा होना चाहिए।
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