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Rewari News: पहले अध्यापन फिर जनगणना...शिक्षकों के सामने दोहरी चुनौती

Wed, 06 May 2026 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 06 May 2026 12:00 AM IST
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First teaching, then census...teachers face a double challenge
गांव करनावास क्षेत्र में जनगणना कार्य करते। स्रोत : ग्रामीण - फोटो : एक्सप्रेस-वे पर हादसे के बाद खड़ी क्षतिग्रस्त कार। स्रोत पुलिस
रेवाड़ी। जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके सामने स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बाद जनगणना करने की दोहरी चुनौती है। उनका कहना है कि उन्हें दिए गए मैप स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे है जिससे सही स्थानों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
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कई जगहों पर बैकअप की समस्या है, जिससे डाटा सुरक्षित रखने और अपलोड करने में दिक्कत आ रही है। शिक्षकों का मानना है कि सरकार को इस कार्य के लिए अलग से टैबलेट या डिवाइस उपलब्ध कराना चाहिए था, ताकि व्यक्तिगत मोबाइल पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
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शिक्षकों ने बताया कि उनके मोबाइल में पहले से ही शिक्षा विभाग के कई जरूरी डाटा मौजूद रहते हैं। विभाग के अधिकतर कार्य अब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही पूरे किए जाते हैं। ऐसे में जनगणना का अतिरिक्त डाटा स्टोर करना उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है। मोबाइल की स्टोरेज और तकनीकी सीमाओं के चलते कई बार काम बाधित हो जाता है।
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शिक्षकों का कहना है कि स्कूल का समय सुबह साढ़े सात बजे से शुरू होता है और दोपहर ढाई बजे तक चलता है। इसके बाद उन्हें जनगणना के लिए फील्ड में जाना पड़ता है।

दोपहर के समय तेज गर्मी और धूप में घर-घर जाकर जानकारी जुटाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सुबह के समय जनगणना करना भी संभव नहीं हो पाता है, क्योंकि उस समय उन्हें स्कूल में उपस्थित रहना अनिवार्य होता है।



एक शिक्षक पर दो से तीन सौ घरों का सर्वे करने की जिम्मेदारी

एक शिक्षक को 200 से 300 घरों का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है। कई बार घरों पर लोग नहीं मिलते, जिससे बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं और समय अधिक लगता है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करना और भी कठिन हो जाता है। शिक्षकों का कहना है कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के कारण उनके ऊपर कार्य का दबाव काफी बढ़ गया है। वे न तो जनगणना ड्यूटी से मना कर सकते हैं और न ही स्कूल के काम में ढील दे सकते हैं। यदि वे किसी भी प्रकार की लापरवाही करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।



प्रगणक के रूप में 1,897 शिक्षक तैनात



जनगणना कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों से लेकर शिक्षकों तक की ड्यूटी लगाई गई है। कुल 1,897 शिक्षकों को प्रगणक के रूप में तैनात किया गया है। फील्ड में प्रगणकों के काम की निगरानी के लिए 312 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। आपात स्थिति या ड्यूटी से अनुपस्थिति से निपटने के लिए 192 प्रगणकों और 25 सुपरवाइजरों को रिजर्व में रखा गया है। जिले को 1,916 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (एचएलबी) में बांटा गया है। हर प्रगणक को एक-एक ब्लॉक का जिम्मा सौंपा गया है।




मकान सूचीकरण का कार्य 1900 ब्लॉकों में विभाजित

पहले चरण में मकान की सूची बनाई जा रही है। इस दौरान घर-घर पहुंचकर परिवारों से 33 महत्वपूर्ण सवालों की जानकारी जुटाई जाएगी। यह कार्य 30 मई तक संचालित किया जाएगा। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि जनगणना का उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से संबंधित अद्यतन आंकड़े संकलित करना है, जिससे विकास योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। मकान सूचीकरण का कार्य 1900 ब्लॉकों में विभाजित किया गया है।
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