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खाद के लिए मारामारी, पुलिस को करनी पड़ रही पहरेदारी
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नई अनाज मंडी स्थित खाद सेंटर के बाहर लगी महिलाओं की भीड़। संवाद
- फोटो : Rewari
जिले में किसानों को खाद की किल्लत के चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद के लिए सुबह जल्दी आकर किसानों को लाइन लगना पड़ रहा है। किसानों को घंटों लाइन में लगने के बाद खाद मिल रही है। वहीं विभाग की ओर से बुधवार को 11 सौ बैग खाद का वितरण किया गया। डीएपी को लेकर किस तरह की मारामारी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिक्री केंद्रों पर पुलिसकर्मियों तक को तैनात करना पड़ा है।
विभाग की ओर से जिले में जितने बैग खाद की जरूरत है उसका केवल 7 प्रतिशत ही वितरित किया जा रहा है। ऐसे में जिले के सभी किसानों को 10 दिन में खाद मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि अभी उनके पास 6 से 7 हजार बैग खाद रखे हुए हैं, ऐसे में सवाल यह है कि आखिरकार विभाग किसानों को कब वितरित करेगा। जिले में अभी सरसों की बिजाई शुरू हो चुकी है। किसानों को फिर कब डीएपी खाद मिलेगी। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर डीएपी की कीमत 1200 रुपये है। वहीं प्राइवेट दुकानदार इसी बैग की 1400 से 1500 रुपये कीमत वसूल रहे हैं। साथ ही दुकानदार किसानों को रबी फसल में उपयोग के लिए खरपतवार कीटनाशक भी जबरदस्ती थोप रहे हैं, जिससे किसानों को एक बैग काफी महंगा पड़ रहा है।
वहीं डीएपी खाद की कमी के कारण बीच-बीच में सरकारी खाद बीज केंद्र बंद भी करने पड़े हैं। प्राइवेट खाद बीज केंद्रों का हाल यह है कि किसान सुबह 4 बजे से ही सेंटर के बाहर लाइनों में लग जाते हैं। डीएपी खाद लेने के लिए किसानों को शाम तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। रेवाड़ी की नई अनाज मंडी स्थित कृभको, इफ्को व प्राइवेट केंद्रों पर खासी भीड़ नजर आ रही है।
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अभी वितरित हुए हैं 25 हजार बैग, जरूरत 2 लाख की
जिले में किसानों को लगभग 2 लाख बैग खाद की जरूरत है जबकि शनिवार तक केवल 25 हजार बैग वितरित किए गए हैं। वहीं जिले में सरसों की बिजाई के लिए किसानों ने पूरी तरह से अपने खेतों को तैयार कर लिया है। अभी किसानों को डीएपी खाद की सख्त जरूरत है। लेकिन किसानों को खाद के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि अभी उनके पास केंद्र में लगभग 7 हजार बैग खाद के रखे हुए हैं।
इफ्को केंद्र में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। धीरे-धीरे किसानों को खाद वितरित किया जा रहा है। खाद लेेने वाले किसानों की संख्या काफी अधिक होती है। इतने किसानों को एक दिन में खाद वितरित करना असंभव है। किसानों को परेशानी न हो इसके लिए महिलाओं के लिए अलग से लाइन भी लगाई गई है। इफ्को केंद्र के गोदाम में खाद मौजूद है। जल्द ही किसानों को खाद मिल जाएगी।
आशीष, इफ्को केंद्र अधिकारी
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विभाग की ओर से जिले में जितने बैग खाद की जरूरत है उसका केवल 7 प्रतिशत ही वितरित किया जा रहा है। ऐसे में जिले के सभी किसानों को 10 दिन में खाद मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि अभी उनके पास 6 से 7 हजार बैग खाद रखे हुए हैं, ऐसे में सवाल यह है कि आखिरकार विभाग किसानों को कब वितरित करेगा। जिले में अभी सरसों की बिजाई शुरू हो चुकी है। किसानों को फिर कब डीएपी खाद मिलेगी। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर डीएपी की कीमत 1200 रुपये है। वहीं प्राइवेट दुकानदार इसी बैग की 1400 से 1500 रुपये कीमत वसूल रहे हैं। साथ ही दुकानदार किसानों को रबी फसल में उपयोग के लिए खरपतवार कीटनाशक भी जबरदस्ती थोप रहे हैं, जिससे किसानों को एक बैग काफी महंगा पड़ रहा है।
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वहीं डीएपी खाद की कमी के कारण बीच-बीच में सरकारी खाद बीज केंद्र बंद भी करने पड़े हैं। प्राइवेट खाद बीज केंद्रों का हाल यह है कि किसान सुबह 4 बजे से ही सेंटर के बाहर लाइनों में लग जाते हैं। डीएपी खाद लेने के लिए किसानों को शाम तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। रेवाड़ी की नई अनाज मंडी स्थित कृभको, इफ्को व प्राइवेट केंद्रों पर खासी भीड़ नजर आ रही है।
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अभी वितरित हुए हैं 25 हजार बैग, जरूरत 2 लाख की
जिले में किसानों को लगभग 2 लाख बैग खाद की जरूरत है जबकि शनिवार तक केवल 25 हजार बैग वितरित किए गए हैं। वहीं जिले में सरसों की बिजाई के लिए किसानों ने पूरी तरह से अपने खेतों को तैयार कर लिया है। अभी किसानों को डीएपी खाद की सख्त जरूरत है। लेकिन किसानों को खाद के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि अभी उनके पास केंद्र में लगभग 7 हजार बैग खाद के रखे हुए हैं।
इफ्को केंद्र में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। धीरे-धीरे किसानों को खाद वितरित किया जा रहा है। खाद लेेने वाले किसानों की संख्या काफी अधिक होती है। इतने किसानों को एक दिन में खाद वितरित करना असंभव है। किसानों को परेशानी न हो इसके लिए महिलाओं के लिए अलग से लाइन भी लगाई गई है। इफ्को केंद्र के गोदाम में खाद मौजूद है। जल्द ही किसानों को खाद मिल जाएगी।
आशीष, इफ्को केंद्र अधिकारी